Udaas Hua

उदास हुआ | Udaas Hua

उदास हुआ

( Udaas Hua )

 

जब तेरे प्यार से उदास हुआ
लग के दीवार से उदास हुआ

इससे पहले तो ठीक ठाक था मैं
बार इतवार से उदास हुआ

बेवफाओं का ख़ैर क्या शिकवा
इक वफादार से उदास हुआ

कोई उसको हंसा नहीं सकता
शख्स जो यार से उदास हुआ

किसको भाई नही मेरी बातें
कौन तकरार से उदास हुआ

जीतने की ललक ने उकसाया
जब कभी हार से उदास हुआ

जिसको देखे से होंठ हंसते थे
उसके दीदार से उदास हुआ

उसके इनकार से नहीं फैसल
अपने इज़हार से उदास हुआ

शायर: शाह फ़ैसल मुजफ्फराबादी
सहारनपुर (उत्तर प्रदेश)

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