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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • राष्ट्रीय विज्ञान दिवस | Rashtriya Vigyan Diwas
    कविताएँ

    राष्ट्रीय विज्ञान दिवस | Rashtriya Vigyan Diwas

    ByAdmin February 28, 2024February 28, 2024

    राष्ट्रीय विज्ञान दिवस ( Vigyan se Manavta ka Bhala )   विज्ञान की अठखेलियों से, मानवता का भला हो वर्तमान विज्ञान प्रौद्योगिकी , मनुज जीवन अभिन्न अंग । अनुप्रयोग संसाधन सानिध्य, रज रज व्याप्त भौतिक रंग । हर घर सुख समृद्ध मंगल, नवाचारी प्रयोग कला हो । विज्ञान की अठखेलियों से, मानवता का भला हो…

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  • basant panchami utsav par kavya goshti
    साहित्यिक गतिविधि

    बसंत पंचमी उत्सव पर काव्य गोष्ठी संपन्न

    ByAdmin February 28, 2024

    साली चौका बसंत पंचमी उत्सव बागेश्वरी साहित्य परिषद साली चौका द्वारा मनाया गया इस अवसर पर काव्य गोष्ठी का आयोजन दीपक गुप्ता दीप के निवास स्थान पर आयोजित की गई । काव्य गोष्ठी की अध्यक्षता उमेश पाली एवं मुख्य अतिथि रामेश्वर वर्मा गोष्ठी में गोष्ठी में आसपास क्षेत्र के साहित्यकार कवि द्वारा अपनी अपनी रचना…

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  • Waqt ke Sath
    कविताएँ

    वक्त के साथ | Waqt ke Sath

    ByAdmin February 28, 2024

    वक्त के साथ ( Waqt ke sath )   अजीब सा चला है दौर आज का लोग तो पहले गम भी बांट लेते थे अब तो खुशियों मे भी शरीक होने का वक्त रहा नहीं बदल गया आशीष भी शुभ कामना का बदल गया सुबह शाम का सम्मान भी आया दौर गुड मॉर्निंग, गुड नाईट…

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  • Ram Vanvas
    कविताएँ

    राम वनवास | Ram Vanvas

    ByAdmin February 28, 2024February 28, 2024

    राम वनवास ( Ram Vanvas )   राम वनवास नेपथ्य में,उर्मिला उत्सर्गी श्रृंगार दांपत्य जीवन अभिलाष, हर पल हर कदम संग संग । आरोह अवरोह भाव पथ, आत्मसात परस्पर रंग कंग । मिलन उत्कंठा दिव्य ज्योत, उर उत्संग नेह सलिल धार । राम वनवास नेपथ्य में,उर्मिला उत्सर्गी श्रृंगार ।। जनक नंदनी नित वंदन, परिणय राम…

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  • Baat Badi
    ग़ज़ल

    खीचो बात बड़ी होती है | Baat Badi

    ByAdmin February 27, 2024

    खीचो बात बड़ी होती है ( Kheecho baat badi hoti hai ) बहरे मीर वज़्न=== २२ २२ २२ २२ २२ २२ २२ २   खींचो बात बड़ी होती है, छोडो तो ज़द टलती हैं I देख रवानी जीवन में बस दो बातो से चलती है II गिरती दीवारों का क़ायल शायद ही कोई होगा I…

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  • Yaadein
    कविताएँ

    यादें | Yaadein

    ByAdmin February 27, 2024February 27, 2024

    यादें ( Yaadein )   कीमती होती है ,पुरानी खूबसूरत यादें, खुशी से आँखें नम हो जाती है । आज के दर्द को, कुछ पल के लिए भूलने में, ये कल की अच्छी यादें ही तो साथ निभाती है । हमारा आज ही कल बन जाएगा, बीता लम्हा दोबारा नहीं आएगा ; गमों की चादर…

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  • Madira mein
    कविताएँ

    मदिरा में | Madira mein

    ByAdmin February 26, 2024

    मदिरा में ( Madira mein )    गिरने के हद से भी नीचे गिर जाते हैं लोग संबंधों के बीच दीवार खड़ी कर देते हैं लोग बेचकर ईमान अपना धर्म भी गंवा देते हैं लोग करके हवन दान भी करम गँवा देते हैं लोग चंद मतलब के लोभ में एहसान भुला देते हैं लोग दिखाकर…

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  • Hey Hans Vahini
    कविताएँ

    हे हंसवाहिनी,ऐसा वर दे | Hey Hans Vahini

    ByAdmin February 26, 2024

    हे हंसवाहिनी,ऐसा वर दे ( Hey hans vahini aisa var do )   मृदुल मधुर ह्रदय तरंग, स्वर श्रृंगार अनुपम । विमल वाणी ओज गायन, ज्योतिर्मय अन्तरतम । गुंजित कर मधुमय गान , नव रस लहर मानस सर दे । हे हंसवाहिनी,ऐसा वर दे ।। दुर्बल छल बल मद माया, प्रसरित जग जन जन ।…

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  • Kahan Tak
    कविताएँ

    कहां तक | Kahan Tak

    ByAdmin February 25, 2024

    कहां तक ( Kahan Tak )   सिमटते गए भाव मन के घुलती रहीं मिठास में कड़वाहटें बढ़ तो गए किताबी पन्नों में आगे पनपत्ति रही मन की सुगबुगाहटें जगमगाती रहीं चौखटे, मगर आंगन घर के सिसकते रहे बढ़ते गए घर ,घर के भीतर ही खामोश बच्चे भी सुबगते रहे खत्म हुए दालान, चौबारे सभी…

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  • ये मन्नतों के धागे
    कविताएँ

    ये मन्नतों के धागे | Ye Mannaton ke Dhage

    ByAdmin February 24, 2024

    ये मन्नतों के धागे ( Ye mannaton ke dhage )    मैं बांध आई थी, एक मन्नत का धागा, मंदिर के द्वार पर। जहाँ न जाने कितनों के द्वारा मांगी गईं थी और मांगी जा रही थी हजारों मन्नतें, जानते थे तुम मेरी पीड़ा को, इसलिए कहते थे बांध आओ तुम भी एक मन्नत का…

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