Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • Lafzon ki Haqeeqat
    कविताएँ

    लफ़्ज़ों की हकीकत | Lafzon ki Haqeeqat

    ByAdmin January 10, 2024

    लफ़्ज़ों की हकीकत ( Lafzon ki Haqeeqat )    मैं तुम्हें लफ़्ज़ों में समेट नही सकती क्योंकि— तुम एक स्वरूप ले चुके हो उस कर्तार का– जिसे मैं हमेशा से गृहण करना चाहती हूँ किन्तु– समझा नही पाती तुम्हें कि– अपने विजन को छोड़कर यथार्थ जीने का द्वंद्व वाकई में कितना भयप्रद है। नकार देती…

    Read More लफ़्ज़ों की हकीकत | Lafzon ki HaqeeqatContinue

  • Bojh Swabhiman ka
    कविताएँ

    बोझ स्वाभिमान का | Bojh Swabhiman ka

    ByAdmin January 10, 2024

    बोझ स्वाभिमान का ( Bojh swabhiman ka )   भर लिए भंडार ज्ञान का सर पर लादे बोझ स्वाभिमान का दब गई बेचारी विनम्रता संशय हर बात पर अपमान का बढ़ गई अकड़ दंभ से मिलने का मन बहुत कम से आंकने लगे कीमत और की बढ़ी औकात खुद की सबसे अदब, लिहाज सब छोटे…

    Read More बोझ स्वाभिमान का | Bojh Swabhiman kaContinue

  • Badalte Dekha
    ग़ज़ल

    बदलते देखा | Badalte Dekha

    ByAdmin January 10, 2024

    बदलते देखा ( Badalte dekha )   हमने मौसम को कई रंग बदलते देखा वक्त हाथों से कई बार निकलते देखा। जिन निगाहों में थी आबाद मुहब्बत मेरी ग़ैर का ख़्वाब उसी आंख में पलते देखा। जो मेरा दोस्त था वो आज मुख़ालिफ़ यारो बात बेबात ज़हर उसको उगलते देखा। वो मुसव्विर हो सिकंदर हो…

    Read More बदलते देखा | Badalte DekhaContinue

  • Prabhu Shri Ram Aayenge
    कविताएँ

    प्रभु श्री राम आएंगे | Prabhu Shri Ram Aayenge

    ByAdmin January 9, 2024

    प्रभु श्री राम आएंगे ( Prabhu Shri Ram Aayenge ) कलयुग का कलुष मिटाने ,प्रभु श्री राम आएंगे ऊर्जस्वित अब हर कदम, मुखारबिंद जय श्री राम । दर्शन आतुर नयन पलक, निशि दिन सुबह शाम । सर्वजन संताप हर कर, हर्ष उत्साह उमंग जगाएंगे । कलयुग का कलुष मिटाने, प्रभु श्री राम आएंगे ।। उर…

    Read More प्रभु श्री राम आएंगे | Prabhu Shri Ram AayengeContinue

  • Geet Watan ke Gayenge
    कविताएँ

    गीत वतन के गाएंगे | Geet Watan ke Gayenge

    ByAdmin January 9, 2024

    गीत वतन के गाएंगे ( Geet watan ke gayenge )   गीत वतन के गाएंगे, घट घट अलख जगाएंगे। प्रेम का दीप जलाएंगे, जग रोशन कर जाएंगे। गीत वतन के गाएंगे देशभक्ति रंग बिखरा कर, राष्ट्र प्रेम तराने गाकर। आजादी के दीवानों को, भावों के पुष्प चढ़ाकर। अमर शहीदों की गाथा, यशगान वीरों के गाएंगे।…

    Read More गीत वतन के गाएंगे | Geet Watan ke GayengeContinue

  • Ayodhya ki Pawanta
    कविताएँ

    अयोध्या सी पावनता | Ayodhya ki Pawanta

    ByAdmin January 9, 2024January 9, 2024

    अयोध्या सी पावनता ( Ayodhya ki pawanta )    अयोध्या सी पावनता,अब हर घर द्वार कलयुग अभिव्यंजना त्रेता सम, मानस पटल दिव्य राम नाम । बाईस जनवरी अद्भुत अनुपम, रामलला प्राण प्रतिष्ठा प्रणाम । सर्वत्र सरित उमंग उल्लास, आर्तभाव अनंत आस्था धार । अयोध्या सी पावनता, अब हर घर द्वार ।। निमंत्रण आमंत्रण सर्वजन, प्रभु…

    Read More अयोध्या सी पावनता | Ayodhya ki PawantaContinue

  • आकर्षण है पाप में | Akarshan hai Pap Mein
    कविताएँ

    आकर्षण है पाप में | Akarshan hai Pap Mein

    ByAdmin January 9, 2024

    आकर्षण है पाप में ( Akarshan hai pap mein )   जीवन की सुख-शान्ति, दग्ध हो जाये न अनुताप में। सदा सजग होकर रहना है, आकर्षण है पाप में। कुत्सित छलनायें आती हैं, कृत्रिम रूप संवार कर। सहज नहीं स्थिर रह पाना, मन को उन्हें निहार कर। एक-एक पग का महत्व है, पथिक सशंकित रहना!…

    Read More आकर्षण है पाप में | Akarshan hai Pap MeinContinue

  • Zindagi Par ek Nazm
    शेरो-शायरी

    ज़िन्दगी पर एक नज़्म | Zindagi Par ek Nazm

    ByAdmin January 9, 2024January 12, 2024

    जिंदगी पर एक नज़्म ( Zindagi par ek nazm )  नज़्म हँसती आँखों से दर्द बयाँ करने का नाम है जिन्दगी, जहर-अमृत समझकर पीने का नाम है जिन्दगी। नफरत की पगडंडी का कोई अंत ही नहीं, मोहब्बत की डगर चलने का नाम है जिन्दगी। हाथ नहीं रुकते थे तब नेक कामों से, अब पैसे पे…

    Read More ज़िन्दगी पर एक नज़्म | Zindagi Par ek NazmContinue

  • Chhoo Gayi Man
    हाइकु

    छू गई मन | Chhoo Gayi Man

    ByAdmin January 9, 2024

    छू गई मन ( हाइकु )   छू गई मन, फ़िज़ाओ में बिखरी तेरी खुशबू !! आँखें है दंग, पढ़ी मन की चिट्ठी प्रीत के संग !! नेह धूप से, हर लेता है मीत, मन का शीत !! छोड़ के मौन, उड़ेगा ये पखेरू, ढूंढेगा कौन !! शीत का शोर, कुहासा ओढ़कर सूर्य है मौन…

    Read More छू गई मन | Chhoo Gayi ManContinue

  • Sansar ek Jaal
    कविताएँ

    संसार एक जाल | Sansar ek Jaal

    ByAdmin January 9, 2024

    संसार एक जाल ( Sansar ek jaal )   चारों तरफ फैली हुई धोखेबाजी और मक्कारी है, भोले भाले लोगों को लूटना इनकी कलाकारी है। सोच समझ करो भरोसा आज के तुम इंसानों पर, न जाने कब फेर दे पानी वो तुम्हारे अहसानों पर। जरूरतमंद जान तुम जिसका भला करने जाओगे, हो सकता है उसी…

    Read More संसार एक जाल | Sansar ek JaalContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 301 302 303 304 305 … 837 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search