• कितने | Kitne

    कितने ( Kitne )    पेड़ों से पत्ते बिछड़ गये कितने इस जग उपवन से उजड़ गये कितने सारा दिन अब ये चला रहे हैं फ़ोन इस युग के बच्चे बिगड़ गये कितने पहले हर कोई,गुनाहों से था दूर इस पथ को अब तो पकड़ गये कितने सबकी फ़रियादें,कहाँ सुनेगा रब इस दर पर माथा…

  • मंथन | Manthan

    मंथन ( Manthan )   पत्थरों से टकराकर भी लहरों ने कभी हार नही मानी बदल देती है उसे भी रेत के कणों मे चलती नहीं शिलाखंड की मनमानी ज्वार भाटा का होना तो नियति है अमावस और पूनम की रात होगी ही सागर की गहराई पर नाज है उन्हें हौसले में कमी लहरों ने…

  • शत् शत् वंदन हीरा बा | Shat Shat Vandan Heera Ba

    शत् शत् वंदन हीरा बा ( Shat Shat Vandan Heera Ba )   १०० वर्षों की जीवन यात्रा आप पूरी कर पाई, प्रधानमंत्री की माॅं होकर भी घमंड़ ना दिखाई। अनुशासित ज़िंदगी जिकर सबको है समझाई, दामोदरदास मूलचन्दजी संग विवाह ये रचाई।। सदा रहेंगे भारतीय आपके राजमाता आभारी, दिया ऐसा कोहिनूर जिन्होंने हिन्द को हमारी।…

  • अलविदा साल 2023 | Alvida Saal 2023

    अलविदा साल 2023 ( Alvida saal 2023 )   शनै शनै यूं गुजर गया, बीत गया पुराना साल । खट्टे मीठे अनुभवों से, कर गया हमको निहाल। काश थोड़ा रुक जाते, वर्ष बिछड़ कर दूर न जाते। बीती यादों के पन्नों में, थोड़ा बैठकर हम बतियाते। क्या खोया क्या पाया, फूल खिले चमन हरसाया। शहनाइयां…

  • प्रियतम तुमको प्राण पुकारें | Priyatam Tumko

    प्रियतम! तुमको प्राण पुकारें ( Priyatam tumko pran pukare )    अंतस्तल की आकुलता को देख रहे हैं नभ के तारे। निविड़ निशा की नीरवता में, प्रियतम तुमको प्राण पुकारे। सब कुछ सूना सा लगता है। प्रतिपल व्यथा भाव जगता है। कोई दस्यु सदृश ठगता है। रोम रोम कंपित हो जाता, किसी अनागत भय के…

  • पद्मजा | Padmaja

    पद्मजा ( Padmaja )   पद्मजा श्री चरणों में, स्वर्णिम प्रज्ञा भोर घट पट नवल धवल, मृदुल मधुर विचार प्रवाह । स्नेहिल व्यवहार तरंगिनी, सकारात्मकता ओज अथाह । स्वच्छ स्वस्थ अंतर काय, कदम चाल मंगलता ओर । पद्मजा श्री चरणों में, स्वर्णिम प्रज्ञा भोर ।। जीवन पथ प्रति क्षण , अनुभूत अनंत अनुराग । दिग्दर्शन…

  • नया साल मनाने वाले हैं | Naya Saal Manane Wale Hain

    नया साल मनाने वाले हैं ( Naya saal manane wale hain )   नई आशाओं के दीप सजा हम गाने वाले हैं। नई साल की खुशियों के गीत सुनाने वाले हैं। नया साल मनाने वाले हैं झूम झूम कर मस्ती में हम जश्न मनाएंगे । नया साल है अभिनंदन हम झूमेंगे गाएंगे। खुशियों के नए…

  • देर तक नहीं टिकता | Der Tak Nahi Tikta

    देर तक नहीं टिकता ( Der tak nahi tikta )   मौसम जवानी का देर तक नहीं टिकता, आसमां में हो कोई देर तक नहीं टिकता। गिनकर दिया साँसें गुरुर देखो मत करना, लूटमार का पैसा देर तक नहीं टिकता। इस मिट्टी के पुतले को रब ने जो ढाला है, रूप, रंग दुनिया में देर…

  • सवालों के घेरे में | Sawalo ke Ghere Mein

    सवालों के घेरे में ( Sawalo ke ghere mein ) जहां तक संभव हो आपसी संबंधों के बीच में आप निर्णायक ना बने आज नहीं तो कल हल हो ही जाएगी उनकी समस्याएं किंतु आप आ सकते हैं सवालों के घेरे नीयत किसी की भी साफ नहीं माहौल हावी है सभी पर कोई कहीं से…

  • मानवता ही धर्म हमारा | Manavta hi Dharm Hamara

    मानवता ही धर्म हमारा ( Manavta hi dharm hamara )   जहां प्रेम की सरिता बहती, सद्भावो की नव धारा। मजहब में क्या रखा भाई, मानवता ही धर्म हमारा। मानवता ही धर्म हमारा अपनापन दीन ईमान हो, शुभ कर्म कीर्तिमान हो। मधुर तराने राष्ट्रगान, कड़ी मेहनत स्वाभिमान हो। पीर हर लें दीन दुखी की, ऐसा…