• स्वामी विवेकानंद जी के जीवन सम्बन्धित विचार

    भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और विभिन्न सभ्यताओं, संस्कृतियों और धर्मों का उद्गम स्थल रहा है। यहां बहुलवादी समाज है. यह शांति, मित्रता, भाईचारा, भाईचारा, एकता और अखंडता के मूल्यों के लिए जाना जाता है। ये हैं बुद्ध, महावीर, गुरु नानक, महात्मा गांधी, कबीर, जवाहरलाल नेहरू, राजा राम मोहन राय, ईश्वर चंद्र विद्यासागर,…

  • नया हो अच्छा नए साल में | Naya ho Acha

    नया हो अच्छा नए साल में ( Naya ho acha naye saal mein )   नया हो अच्छा नए साल में, सरल सच्चा हाल में। प्रेम सुधा रसधार बहाएं, आओ हम नूतन साल में। अरमानों को पंख लगाएं, उम्मीदों के दीए जलाएं। आशाएं झोली में भर, आओ आगे कदम बढ़ाए। संस्कार शोभित कर ले, कीर्तिमान…

  • न्यू ईयर स्पेशल | New Year Special

    न्यू ईयर स्पेशल ( New Year Special )   नए साल का स्पेशल वीक कुछ इस कदर मनाएंगे सातों दिन दोस्तों की महफिल हम जमाएंगे। पहले दिन लोचा खमणी और इदड़ा खमण मंगाएंगे, नारियल- खजूर चटनी संग समोसा पेटीस खाएंगे। दूसरे दिन गरम जलेबियां दूध में डुबोकर खाएंगे, साथ में केसर पिस्ता वाला शाही मिल्क…

  • नववर्ष की मस्ती | Nav Varsh ki Masti

    नववर्ष की मस्ती ( Nav Varsh ki Masti )   चल यार अब नव-वर्ष का स्वागत कर लेते है, ज्यादा नही तो हम थोड़ी-थोड़ी ही ले लेते है। झूम ले व नाच ले थोड़ा मनोरजंन कर लेते है, ये रम-विस्की नही तो दो बीयर ही ले लेते है।। फिर खाएंगे खाना फाइवस्टार होटल चलकर, जहां…

  • शायद | Shayad

    शायद ( Shayad )   शायद दिल को खबर मिली है मेरे लिए जिम्मेदरियों की कली खिली है दिल को कुछ हो रहा अहसास है अब इस आंगन से विदाई पास है मां की डांट भी अब मिलेगी कैसे मेरे इंतजार मे राह भी तकेगी कैसे भाई के शरारतों से बेखबर होंगे जाने वहाँ दिन…

  • गुज़र जाते हैं | Guzar Jaate Hain

    गुज़र जाते हैं ( Guzar jaate hain )   पल रहे क़ल्ब में मलाल गुज़र जाते हैं आते जब नव्य,विगत साल गुज़र जातें हैं ॥ रंज शिकवे शिकायतें भी कही दम भर के जश्न के साथ बहरहाल गुज़र जातें हैं ॥ शादमानी थी रही या कि रही ये नुसरत ताज़े वादों के संग हाल गुज़र…

  • जीयो जीने दो | Jiyo Jeene Do

    जीयो जीने दो ( Jiyo Jeene Do )   बैठ बलाओं से यूँ मत थक हार कर ज़ीस्त नदी है इसको तिरकर पार कर ख़ुद भी जीयो जीने दो औरों को भी क्या होगा उपलब्ध किसी को मार कर क्या खोया क्या पाया पूरे रोज़ में रोज़ ज़रा सा सोते वक़्त विचार कर सोई हैं…

  • एक दिन और | Ek Din Aur

    एक दिन और ( Ek din aur )   मध्यान्ह जिस वक़्त थोड़ी देर के लिए रुक – सा जाता है, उस वक़्त धूम भी रुकती-सी जान पड़ती है । जब उस पार का अरण्य गहरा हरा हो उठता है, और मैं अपने कामों की गिनती करते-करते जब अपना सिर ऊपर उठाती हूँ— मन्दार अपनी…

  • रिश्तों का फर्ज | Rishton ka Farz

    रिश्तों का फर्ज ( Rishton ka farz )   जिंदगी के हर रास्ते संग संग पार करेंगे अपने हर फर्ज को निभाते रहेंगे जिंदगी के हर रंग में रंग जायेंगे हम जिंदगी का हर सफर साथ में ही तय कर रिश्तों में आई खटास भी अगर कभी मिठास उनमे हमेशा हम भरेंगे निभायेंगे हर जिम्मेदारियां…

  • अलविदा | Alvida

    अलविदा ( Alvida )   मैने पल-पल गुजारा है, तेरे संग-संग बिताया है। तुझे अलविदा क्या कहना, तू दिल में समाया है। तुझे अलविदा…।। कुछ खट्टी मीठी बातों में, जिन्दगी को गुजारा है। यादों के सहारे जो मैने, हर पल दिल लगाया है। क्या परायों की आस करे, मेरे अपने तो अपने है, अपने के…