• उसूल | Usool

    उसूल ( Usool )   हर हर मोड़ पर तुम्हें साथी नहीं मिलेंगे परिचितों के कुनबे में पहचान तुम्हें ही बनानी होगी कुछ के साथ तुम्हें चलना होगा और कुछ को अपने साथ चलाना होगा जन्म से पहले तुम्हें कौन जानता था शुरुआत तुम्ही ने की थी कभी मुस्कराकर कभी रोकर लोग जुड़ते गए तुमसे…

  • मन में बसे मेरे राम | Mere Ram

    मन में बसे मेरे राम ( Man me Base mere Ram )   मन में बसे मेरे राम…श्रीराम, मन में बसे मेरे राम…। प्रेम से बोलो जय श्रीराम…श्रीराम, मन में बसे मेरे राम…।। श्रृद्धा भाव से मैं आया हूं, यह पावन अयोध्या धाम, अहो भाग्य से ही आया हूं, जन्मभूमि है बानूर ग्राम। ज्ञान अज्ञान…

  • सियाह हाशिए – सआदत हसन मंटो

    सियाह हाशिए – सआदत हसन मंटो प्रस्तुतकर्ता – डा अशोक भाटिया टिक्का टिप्पणी/ दो शब्द – मनजीत सिंह, सहायक प्राध्यापक उर्दू (अंशकालिक), कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र साहित्य उपक्रम द्वारा प्रकाशित की गई पुस्तक में उर्दू कथा साहित्य के इतिहास में सआदत हसन मंटो का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है। ‘अंगारे’ के प्रकाशन के बाद…

  • नागपाश में गरुण | Nagpash

    नागपाश में गरुण ( Nagpash me Garun )   आचार भंग करना, आचार्यों का आचरण हुआ। अब तो राजनीति का भी अपराधीकरण हुआ। वन-वन भटकें राम, प्रत्यंचा टूटी है। सीता की अस्मिता, रावणों ने लूटी है। क्षत विक्षत है, सारा तन लक्ष्मण का, बंधक रख दी गई, संजीवनि बूटी है। नागपाश में गरुण अब विषैला…

  • दो और दो पांच | लघुकथा सह आत्मकथा

    कहते है कि मजाक में भी कहावते सच हो जाती है। सोचो कैसे चलो चलते है लगभग 5 वर्ष पहले जब मेरे ससुराल में मेरी पत्नी के बड़े पापा के यहां बड़े लड़के की शादी थी। हमारे यहां शादी के रीति रिवाजों में मंडप को कच्चे धागे से सुतना या कहो तो कच्चे धागे से…

  • धन्यवाद | Dhanyavad

    धन्यवाद ( Dhanyavaad )   जीवन में सीख लेना सदा मदद करे कोई जब तुम्हारी धन्यवाद तुम्हारी प्रथम जिम्मेदारी चाहे फिर छोटा या बड़ा हो कोई धन्यवाद करना आदत हो तुम्हारी ।। ये जीवन हैं बहुत ही छोटा सा जो कभी सम्मान हो तुम्हारा दिल खोल धन्यवाद करना यारा मिलता हर घड़ी नया ही अनुभव…

  • राष्ट्रीय किसान दिवस | चौधरी चरण सिंह जयंती

    राष्ट्रीय किसान दिवस ( National Farmers Day ) (डॉ. बी.एल. सैनी द्वारा) धरती का वीर, अन्नदाता कहलाता, खून-पसीने से हर बंजर को उपजाता। हल की धार और मेहनत का वरदान, किसान है देश का असली सम्मान। सूरज की पहली किरण संग जागे, मेहनत का गीत वो हर पल गुनगुनाए। मिट्टी से जीवन की गाथा लिख…

  • सरहदों को और भी पक्का करें | Sarhad

    सरहदों को और भी पक्का करें ( Sarhadon ko aur bhi pakka karen )   सरहदों को और भी पक्का करें दुश्मनों का बंद हर रस्ता करें आ सके दुश्मन नहीं उस पार से सरहदों पर रोज़ अब पहरा करें कान बहरे दुश्मनों के हो जाए जोर से जय हिंद सब बोला करें नाम हो…

  • बातों की समझ | Baaton ki Samajh

    बातों की समझ ( Baaton ki Samajh )   जरूरी नहीं की किसी की कही हर बात को आप समझ ही लें या आपकी बात को कोई दूसरा समझ ले फिर भी, कही जानेवाली बात को यदि समय पर न कहा जाय तो वही बात आनेवाले दिनों मे या तो आपको रुलायेगी या सामनेवालेे को…

  • साड़ी परिधान | Saree Paridhan

    साड़ी परिधान ( Saree Paridhan )   नारीत्व निरुपम विभा,साड़ी परिधान में हिंद संस्कृति नारी जगत, देवी तुल्य परम छवि । सुसंस्कार मर्यादा वाहिनी, परंपरा वंदन श्रृंगार नवि । सदियों सह दिव्य शोभना, परिवार समाज राष्ट्र पहचान में । नारीत्व निरुपम विभा,साड़ी परिधान में ।। यजुर्वेद ऋग्वेद संहिता उल्लेख , साड़ी अंतर मांगलिक महत्ता ।…