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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • स्वर्णिम मध्यप्रदेश | मध्यप्रदेश गीत
    गीत

    स्वर्णिम मध्यप्रदेश | मध्यप्रदेश गीत

    ByAdmin December 28, 2023December 31, 2023

    स्वर्णिम मध्यप्रदेश ( Swarnim madhya pradesh )   स्वर्णिम, मध्यप्रदेश है, स्वर्णिम, मध्यप्रदेश है। जन-जन गाहे यशगान…, भाग्यवान है यह राज्य, उज्जवल…, मध्यप्रदेश है। अतुल्य भारत करे गुणगान, स्वर्णिम, मध्यप्रदेश है। मेरा भारत है महान्, स्वर्णिम, मध्यप्रदेश है। स्वर्णिम, मध्यप्रदेश है।।1।। शान-ए-हिंदुस्तान मेरा, सौंदर्य हृदयप्रदेश यह। अखंड भारत में विशेष यह, स्वराज्य सर्वश्रेष्ठ है। नवयुग…

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  • पीएम जन संवाद | PM Jan Samvad
    कविताएँ

    पीएम जन संवाद | PM Jan Samvad

    ByAdmin December 27, 2023December 27, 2023

    पीएम जन संवाद ( PM Jan Samvad )   पीएम जन संवाद,खुशियों का नया सवेरा हिंद प्रधानमंत्री प्रेरक व्यक्तित्व, वंदन संपूर्ण राष्ट्र एक परिवार । सरकारी योजना धरातल अवबोध, लाभार्थी परितोष साझा विचार । शासन प्रशासन सक्रिय भागिता, लोकतंत्र मुस्कान भाव चितेरा । पीएम जन संवाद,खुशियों का नया सवेरा ।। उज्जवला योजना अभिरक्षित, हर गृहणी…

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  • Hungama Khada kar Diya
    कविताएँ

    हंगामा खड़ा कर दिया | Hungama Khada kar Diya

    ByAdmin December 27, 2023

    हंगामा खड़ा कर दिया ( Hungama khada kar diya )   ऊल जुलूल फिजूलों ने, कुछ हमारी भूलों ने। उन टूटे हुए उसूलों ने, हंगामा खड़ा कर दिया। बातों पे अड़ते तुलो ने, अधर लटकते झूलों ने। वाणी के तीखे शुलों ने, हंगामा खड़ा कर दिया। झूठी कसमें कुबूलो ने, सच की सारी मूलों ने।…

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  • Meri chaahat
    कविताएँ

    मेरी चाहत | Meri chaahat

    ByAdmin December 27, 2023

    मेरी चाहत ( Meri chaahat )    परखने की कोशिश तो सभी ने की समझना किसी ने न चाहा गुजर गई जिंदगी इम्तिहान में मगर अब फर्क नहीं पड़ता की कौन क्या समझता है मुझे मैं स्वयं में सत्य निष्ठ हूं और संतुष्ट भी ना लोभ है ना उम्मीद की लालसा मिले सम्मान या अपमान…

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  • Udham Singh
    कविताएँ

    शहीद सरदार उधम सिंह | Udham Singh

    ByAdmin December 26, 2023

    शहीद सरदार उधम सिंह ( Shaheed Sardar Udham Singh )   महान क्रान्तिकारी में लिया जाता है आपका ये‌ नाम, अदम्य-साहस के परिचायक देशहित में दिया जान। पिता का नाम तेहाल सिंह, नरेन कौर माता का नाम, जिनकी वीरता के आगे नतमस्तक है ये हिंदुस्तान।। शहीद-ए-आज़म सरदार उधमसिंह था जिनका नाम, २६ दिंसबर १८९९ को…

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  • जिंदगी किरदार से ज्यादा कुछ नहीं | Zindagi Kirdar
    मुक्तक

    जिंदगी किरदार से ज्यादा कुछ नहीं | Zindagi Kirdar

    ByAdmin December 26, 2023

    जिंदगी किरदार से ज्यादा कुछ नहीं ( Zindagi Kirdar se jyada kuchh nahin )   जिंदगी किरदार से ज्यादा कुछ नहीं। बंदगी प्रभु प्यार से ज्यादा कुछ नहीं। रंगमंच यह दुनिया का भव सागर है। झूठा है यह संसार ज्यादा कुछ नहीं। नश्वर यह तन काया ज्यादा कुछ नहीं। झूठी है ये मोह माया ज्यादा…

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  • Saath Raho Jab Tum
    कविताएँ

    साथ रहो जब तुम | Saath Raho Jab Tum

    ByAdmin December 26, 2023

    साथ रहो जब तुम ( Saath raho jab tum )   तुम साथ रहते हो तो दुनिया हरी भरी सी लगती हैं। हां साथ रहो जब तुम यह वादी खिली खिली सी दिखती हैं। साथ रहो जब तुम हर पल खुशी बरसती हैं। हां साथ रहो जब तुम पेड़, पौधे ,पत्तियां, भी महकी महकी सी…

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  • राम मंदिर | Ram Mandir
    कविताएँ

    राम मंदिर | Ram Mandir

    ByAdmin December 26, 2023December 26, 2023

    राम मंदिर ( Ram Mandir )    दिव्य अलौकिक रामभवन अवध धाम हरसाया। दिव्य हुआ श्रीराम मंदिर सनातन ध्वज लहराया। जन-जन के आराध्य राम घट घट में बसते श्रीराम। जन आस्था है राम हमारे मूल मंत्र भज ले श्रीराम। राम जन्मभूमि में मंदिर श्री रघुनंदन का पावन धाम। सिया के राघव बसते हैं जन-जन के…

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  • सियरा के देहिंया पर बघवा कै खाल बाय
    भोजपुरी कविता

    सियरा के देहिंया पर बघवा कै खाल बाय

    ByAdmin December 26, 2023

    सियरा के देहिंया पर बघवा कै खाल बाय   सियरा के देहिंया पर बघवा कै खाल बाय कहां गइल सब नाता रिस्ता ,भइल बहुरंगी चाल बाय घूम रहे हैं दुष्ट भेड़िया,नोचत कचोटत खाल बाय युग समाज सब भइल बा अंधा,अंधा इ सरकार बाय गांव गांव घर घर में मचल बा ,धंधा कै बाजार बाय मांग…

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  • अलग अलग भगवान न होगा | Alag Alag Bhagwan
    कविताएँ

    अलग अलग भगवान न होगा | Alag Alag Bhagwan

    ByAdmin December 26, 2023

    अलग अलग भगवान न होगा ( Alag alag bhagwan na hoga )   अलग अलग देवालय हैं पर अलग अलग भगवान न होगा । भिन्न भावना होने से क्या पूजा का अपमान न होगा। एक ज्योति ही, जलती सब में मन्दिर मस्जिद गुरुद्वारों में। किन्तु उसे वे देख न पाते भटक रहे जो अंधियारों में।…

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