Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • Poem On Sardar Vallabh Bhai Patel
    कविताएँ

    सरदार वल्लभ पटेल जयंती और इंदिरा गांधी पुण्य तिथि पर विशेष

    ByAdmin October 31, 2023October 31, 2023

    सरदार वल्लभ पटेल जयंती और इंदिरा गांधी पुण्य तिथि पर कुछ पंक्तियां   द्वि विभूति लौह उपमा, हिंद धरा अति आह्लाद सरदार पटेल इंदिरा जीवन, अद्भुत अनुपम व विशेष । राष्ट्र निर्माण एकता अभिवंदन, रमा रज रज खुशियां अधिशेष । इक्कतीस अक्टूबर अनूप दिवस, एक्य जयंती द्विज पुण्यता याद । द्वि विभूति लौह उपमा, हिंद…

    Read More सरदार वल्लभ पटेल जयंती और इंदिरा गांधी पुण्य तिथि पर विशेषContinue

  • Dheere Dheere
    कविताएँ

    धीरे धीरे | Dheere Dheere

    ByAdmin October 31, 2023

    धीरे धीरे ( Dheere dheere )    होता है प्यार ,मगर धीरे धीरे उठती है नजर,मगर धीरे धीरे चढ़ता है खुमार,मगर धीरे धीरे होता है इजहार,मगर धीरे धीरे…. खिलती है कली,मगर धीरे धीरे आते हैं भंवरे ,मगर धीरे धीरे होती है बेकरारी ,मगर धीरे धीरे बढ़ता है इंतजार ,मगर धीरे धीरे…. लरजते हैं होठ,मगर धीरे…

    Read More धीरे धीरे | Dheere DheereContinue

  • Sada Tript
    कविताएँ

    उर तृषा सदा तृप्त | Sada Tript

    ByAdmin October 31, 2023October 31, 2023

    उर तृषा सदा तृप्त ( Ur trisha sada tript )    उर तृषा सदा तृप्त, नेह से संसर्ग कर पगडंडियां व्याकुल दिग्भ्रमित, उच्चवाचन मरीचि प्रभाव । सुख समृद्धि मंगलता दूर, निर्णयन क्षमता अभाव । अथक श्रम सफलता चाहना, विराम पल उत्सर्ग कर । उर तृषा सदा तृप्त, नेह से संसर्ग कर ।। नैतिक आचार विचार,…

    Read More उर तृषा सदा तृप्त | Sada TriptContinue

  • Cycle ki Sawari
    कविताएँ

    साइकिल की सवारी | Cycle ki Sawari

    ByAdmin October 31, 2023October 31, 2023

    साइकिल की सवारी ( Cycle ki sawari )    स्वस्थ रहना है तो प्यारे लो साइकिल चलाओ। तंदुरुस्ती का राज अनोखा जीवन में अपनाओ। साइकिल की करें सवारी प्रदूषण ना हो भारी। हाथ पांव में जान हो सब सांसे बुलंद हो हमारी। तन हो चंगा मन पावन हो चुस्ती फुर्ती का है राज। सुबह-सुबह साइकिल…

    Read More साइकिल की सवारी | Cycle ki SawariContinue

  • Agni Pariksha
    कविताएँ

    अग्नि परीक्षा | Agni Pariksha

    ByAdmin October 31, 2023

    अग्नि परीक्षा ( Agni pariksha )    सीता आज भी पूछ रही है, हे नाथ, आप तो अवतरित हुए थे, जगत के कल्याण हेतु, जगत पिता है आप, नारायण के अवतार हैं, फिर भी आपको नहीं विश्वास है, हमारी पवित्रता पर, फिर कैसे कहूं कि, आप भगवान है। आखिर क्यों, युगों युगों से, स्त्री को…

    Read More अग्नि परीक्षा | Agni ParikshaContinue

  • Poem in Hindi on Indira Gandhi
    कविताएँ

    प्रथम महिला प्रधानमंत्री | Poem in Hindi on Indira Gandhi

    ByAdmin October 31, 2023

    प्रथम महिला प्रधानमंत्री ( Pratham mahila pradhanmantri )    बचपन में पुकारते इन्दु प्रियादर्शिनी के नाम, श्री मती कमला नेहरू इनकी माता का नाम। श्री जवाहरलाल नेहरू की एक मात्र सन्तान, अनेंक उपलब्धियाॅं आपने की है अपने नाम।। आज भी मुॅंह बोलते आपके किये हुऍं काम, प्रथम महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गाॅंधी महान। असहयोग आन्दोलन में…

    Read More प्रथम महिला प्रधानमंत्री | Poem in Hindi on Indira GandhiContinue

  • पीढ़ी का भविष्य
    कविताएँ

    पीढ़ी का भविष्य | Pidhi ka Bhavishya

    ByAdmin October 30, 2023

    पीढ़ी का भविष्य ( Pidhi ka bhavishya )   चाहते हो यदि रखना सुरक्षित कल के भविष्य को तुम अपने तब खोलिए तुम अब आंख अपनी बदलते दृश्य को भी जरा समझिए… पूर्वानुमान ही रचता है भविष्य वर्तमान तो केवल बचाता है भविष्य हाथों तुम्हारे ही होगा निर्भर भविष्य अतीत भी तुम्हे दिखलाता भविष्य….. कलम…

    Read More पीढ़ी का भविष्य | Pidhi ka BhavishyaContinue

  • अपनों ने मुझको रुलाया बहुत है | Rulaya Bahut hai
    ग़ज़ल

    अपनों ने मुझको रुलाया बहुत है | Rulaya Bahut hai

    ByAdmin October 30, 2023

    अपनों ने मुझको रुलाया बहुत है ( Apno ne mujhko rulaya bahut hai )   वफ़ा से ही रिश्ता निभाया बहुत है किसी को यूं अपना बनाया बहुत है जो तकलीफ दिल को बहुत हो रही अब किसी से यहाँ दिल लगाया बहुत है वही मेरे ऊपर हंसा है यहाँ तो जिसे हाल दिल का…

    Read More अपनों ने मुझको रुलाया बहुत है | Rulaya Bahut haiContinue

  • Divya Purnima
    कविताएँ

    दिव्य पूर्णिमा | Divya Purnima

    ByAdmin October 30, 2023October 30, 2023

    दिव्य पूर्णिमा ( Divya purnima )   पीयूष पान परम आनंद,जुन्हाई उत्संग में आश्विन मास दिव्य पूर्णिमा, अद्भुत अनुपम विशेष । चारु चंद्र चंचल किरणें, रज रज आह्लाद अधिशेष । शीर्ष कौमुदी व्रत उपासना, विमल भाव अतरंग में । पीयूष पान परम आनंद, जुन्हाई उत्संग में ।। सोम धार धरा समीप, अनूप दिव्य भव्य नजारा…

    Read More दिव्य पूर्णिमा | Divya PurnimaContinue

  • फूल बिछाना आ गया | Phool Bichana aa Gaya
    शेरो-शायरी

    फूल बिछाना आ गया | Phool Bichana aa Gaya

    ByAdmin October 29, 2023

    फूल बिछाना आ गया ! ( नज़्म ) तेरे आते ही मौसम सुहाना आ गया, इनकार में इकरार का जमाना आ गया। वही रस, वही लहजे में खनक, वही अदा, मानों फिर से अनार में दाना आ गया। मैं चुमूँगा इन जुल्फों की घटाओं को, मेरे कूचे में फिर मयखाना आ गया। छलकेगी मदिरा उन…

    Read More फूल बिछाना आ गया | Phool Bichana aa GayaContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 342 343 344 345 346 … 832 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search