• ऐतिहासिक स्थल किशनगढ़ | Kishangarh

    ऐतिहासिक स्थल किशनगढ़ ( Aitihasik sthal kishangarh )    राजस्थान राज्य का है यह ऐतिहासिक ऐसा शहर, समस्त सुविधाएं मिल जाती है जहां पर हर पहर। ऐतिहासिक एवम धार्मिक स्थल है यहां पर अनेंक, मदनगंज किशनगढ़ नाम से विख्यात है ये शहर।। मार्बल मंडी डंपिंग यार्ड से भी यह शहर है मशहूर, बाॅलीवुड‌ फिल्मों की…

  • भेड़ चाल | Bhed Chaal

    जब किसी भेड़ को नदी पार कराना होता है तो भेड़ी का मालिक एक भेड़ को नदी में फेंक देता है। उसकी देखा देखी सभी भेड़िया नदी में कूदने लगतीं हैं वह यह नहीं देखती हैं कि उससे हमारा हित है या अहित। ऐसा ही कुछ भेड़ चाल हिंदुओं के द्वारा मजार दरगाह आदि की…

  • चांदनी | Chandni

    चांदनी ( Chandni )    पूनम के चांद से सब कतराने लगे अमावस की चांदनी मे नहाने लगे जलने लगी है अब उन्हे सूरज की धूप हैलोजन की फ्लैश मे ही नचाने लगे रंगीन बालों मे ही दिखती है जवानी बूढ़े भी अब तो सिर मे विग लगाने लगे युवतियों के कपड़े उतारने लगे तन…

  • लघुकथा “गेटआऊट ” | Get Out

    उसकी कॉलबेल बजी। एक नहीं , कई बार। बदन पर एक शॉल डाली और वह सशंकित मन गेट की ओर बढ़ी। आख़िर कौन हो सकता है इस ठिठुरते हुए ओले से बूंदा -बांदी के बीच। युवा अनछुए बदन में सिहरन -सी हुई। दरवाजा खुलते ही वह अन्दर सेहन में आ खड़ा हुआ। खूबसूरत, शालीन मगर…

  • जातिवाद की आग | Jativad ki Aag

    जातिवाद की आग  ( Jativad ki aag )    जातिवाद की आग न सुलगाओ यारों, अपनी कौमी एकता न घटाओ यारों। बे- नूर जिंदगी जीने से क्या फायदा? देश की सूरत फिर न बिगाड़ो यारों। नदियों खून बहा तब देश हुआ आजाद, देशभक्ति का ग्राफ न झुकाओ यारों। मनुष्य होना अभी है एक कल्पना, जीते…

  • बदले जमाने इस तरह | Badle Zamane

    बदले जमाने इस तरह ( Badle Zamane is tarah )    जब मुख़ालिफ़ कैफ़ियत बदले ज़माने इस तरह, अब लगे है लोग ताकत आज़माने इस तरह।   इस तसादुम का शबब लग्ज़िश हो या नाराज़गी कुछ मुहज़्ज़ब चल दिए उनको सताने इस तरह।   पर नहीं, यह ताकते परवाज़ ही है लाज़िमी, उड़ रहे ऊंचाइयों…

  • गलतफ़हमी रही हरदम | Galatfehmi Shayari

    गलतफ़हमी रही हरदम ( Galatfehmi rahi hardam )    हमारी मानते वो ये गलतफ़हमी रही हरदम बरतने में उन्हें दिल में मिरे नर्मी रही हरदम। जफ़ा करके भी मैं उनका भरोसा जीत ना पाई मेरी ख़ातिर नज़र सरकार की वहमी रही हरदम। मुझे ले डूबी ये गफ़लत की बस मेरे रहेंगे वो मगर गैरों की…

  • नादान | Nadan

    नादान ( Nadan )    धूप से गुजरकर ही पहुंचा हूं यहांतक हमने देखी ही अपनी परछाई इसीलिए रहता हूं हरदम औकात मे अपनी और,कुछ लोग इसी से मुझे नादान भी कहते हैं ,…. अक्सर चेहरे पर बदलते रंग और हर रंग पर बदलते चेहरे से वाकिफ रहा हूं मैं देखे हैं उनके हस्र भी…

  • हताश जिन्दगी | Hataash Zindagi

    हताश जिन्दगी ( Hataash zindagi )  देखा है हमने अक्सर हताश जिन्दगी। हमने भी नही पाई कुछ ख़ास जिन्दगी।। बे-मौत मर रहे हैं हजारों यहाॅं वहाॅं, क्यूॅं आती नही है फिर भी,ये रास जिन्दगी, आकर कोई बताये,ये कैसा फ़लसफ़ा है, दिखती है कभी दूर कभी पास जिन्दगी। ऊपर ख़ुदा है रोशन,मैं झूठ न कहूॅं, जम्मे-ग़फ़ीर…

  • संभावना | Sambhavna

    संभावना ( Sambhavna )   उम्मीदों का चिराग हर वक्त जलाए रखिए जीवन मे संभावनाएं कभी खत्म नहीं होती माना की चमकता है दिन का ही उजाला तो क्या चांदनी से भी रोशनी नही होती आज ही तो जीवन का आखिरी दिन नही क्या बुझते दीप मे भी भभक नही होती पता नही गहराई मे…