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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • जन्मदिवस मुबारक मां | Happy Birthday Maa
    कविताएँ

    जन्मदिवस मुबारक मां | Happy Birthday Maa

    ByAdmin September 25, 2023

    जन्मदिवस मुबारक मां ( Happy Birthday Maa)    साधारण सा बालक था मै, आशीर्वाद बताया। हर ग़म मुझसे पहले माता, तुझसे ही टकराया। खुद तू आंसू पीती आयी, अमृत मुझे पिलाया। शूल पड़े राहों में मेरे , तूने फूल बिछाया। साधारण सा बालक था मै ,आशीर्वाद बताया। कालसर्प बनकर जब- जब भी ,मुझको डसने आया,…

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  • हिस्से की शय | Laghu Katha Hisse ki Shay
    कहानियां

    हिस्से की शय | Laghu Katha Hisse ki Shay

    ByAdmin September 25, 2023

    वे तीन भाई थे। मझले पक्के शराबी और जिद्दी। छोटे वाले स्नातक और अपने कर्मों के भरोसेमंद । सबसे बड़े अध्यापक , पक्के कर्मकांडी, मगर बेहद चालाक। बड़े ने विधवा माँ को बहला – फुसला कर बचे – खुचे बाप के धन पर हाथ साफ कर लिया। माँ के तेरहवें में सम्मिलित न होते हुए…

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  • स्वयंसेवको के आदर्श : दीनदयाल उपाध्याय
    विवेचना

    स्वयंसेवको के आदर्श : दीनदयाल उपाध्याय

    ByAdmin September 25, 2023

    स्वयंसेवक वह जो अपने समस्त कर्तव्यों को करते हुए राष्ट्र की बलिबेदी पर न्योछावर हो जाए। सच्चा स्वयंसेवक किसी के ऊपर भार नहीं बनता बल्कि वह छोटे से छोटा काम भी स्वयं ही करता है। स्वयंसेवक वह हीरा है जिसकी चमक की धार कभी कम नहीं पड़ती। डॉक्टर हेडगेवार एवं गुरु जी ने जो स्वयंसेवकों…

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  • ब्याह | Byah
    कविताएँ

    ब्याह | Byah

    ByAdmin September 25, 2023September 25, 2023

    ब्याह ( Byah )    तेरे आंगन की चिड़ियां बाबा एक दिन मैं उड़ जाऊंगी, दिखेगा चंदा सूरज तुझको पर मैं नजर ना आऊंगी। मंडप सजाया खुशियां मनाई सहरे सजें बाराती थे, वो तो तेरे दहेज के बाबुल आए बन सौगाती थे, तेरी आंखों ने सपने बुने थे गुड़ियां को ऐसे ब्याहूंगा, अपनी लाडो की…

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  • Samajik Chintan
    कविताएँ

    सामाजिक चिंतन | Samajik Chintan

    ByAdmin September 25, 2023September 26, 2023

    सामाजिक चिंतन ( Samajik chintan )    सामाजिक चिंतन, यथार्थ से आदर्श की ओर जननी जन्म भूमि गौ माता, अंध भौतिक युग शिकार । बढते वृद्धाश्रम भू विदोहन अवारा गायें, संकेत अनैतिक जीवन विकार । उपर्युक्त त्रि दैवीय मातृ आभा, फिर वंदन समग्र प्रयास पुरजोर । सामाजिक चिंतन, यथार्थ से आदर्श की ओर ।। वासनमय…

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  • Jeevan ki Satyata
    कविताएँ

    जीवन की सत्यता | Jeevan ki Satyata

    ByAdmin September 25, 2023

    जीवन की सत्यता ( Jeevan ki satyata )    सतत ओस के झरते कण दिखाई तो नही देते पर,बना देते हैं महा सागर को जैसे ऐसे ही कर्म के प्रवाह मे दुआओं बद्दुआओं के स्वर किसी को मार देते हैं बेमौत तो किसी को अमर बना देते हैं… अलौकिक भाषा और संकेत सूक्ष्म एहसास ही…

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  • बिटिया घर की जान | Bitiya Ghar ki Jaan
    कविताएँ

    बिटिया घर की जान | Bitiya Ghar ki Jaan

    ByAdmin September 25, 2023

    बिटिया घर की जान ( Bitiya ghar ki jaan )    सौ दीपक एक मुस्कान बिटिया तो घर की जान ! लाडली सबकी होती हैं दानी नानी की पहिचान ! बड़ी मम्मी बुलाते इनको जब बातों से खींचे ये कान ।। कुछ भी हो ,रखती हैं आखिर ये बेटियां परिवार का ध्यान! अपनी मधुर मुस्कान…

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  • रंगों की बातें | Rangon ki Baatein
    बाल साहित्य

    रंगों की बातें | Rangon ki Baatein

    ByAdmin September 24, 2023September 26, 2023

    रंगों की बातें ( Rangon ki baatein )    क्या सोचा है कभी तुमने कैसे करते हैं रंग बातें ? गुलाबी सुबह और नीला आकाश, हम कैसे हैं पाते ? क्यों होती है शाम सुनहरी क्यों होती है काली रातें, क्या कहता वो भूरा पेड़ अगर हरे पत्ते ना उसे सजाते? जीवन के यह अदभुत…

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  • फिर हमने मोहब्बत को सरे आम कर | Mohabbat ko Sare Aam
    कविताएँ

    फिर हमने मोहब्बत को सरे आम कर | Mohabbat ko Sare Aam

    ByAdmin September 24, 2023September 25, 2023

    फिर हमने मोहब्बत को सरे आम कर ( Phir humne mohabbat ko sare aam kar )    छुप छुप के दिल का बुरा हाल कर लिया सच जानिए तो जी का जंजाल कर लिया समझ जो आया,एक उम्र बीत जाने के बाद फिर हमने मोहब्बत को सरे आम कर दिया फिर हमने मोहब्बत को सरे…

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  • राधेश विकास की कविताएँ | Radhesh Vikas Poetry
    कविताएँ

    राधेश विकास की कविताएँ | Radhesh Vikas Poetry

    ByAdmin September 24, 2023September 27, 2023

    खेल चलो एक खेल मिलकर खेलते हैं। जिसमें प्रतिद्वन्दी कोई नहीं होगा, न किसी को ललकारना ही है। न किसी की मर्यादा रखनी है, क्यों कि मर्यादा है ही नहीं फिर ताख पर भी रखने की जरूरत क्या? ये लोगबाग बिलावजह चिल्ल पों कर रहे है, अब इनको कौन बताये कि हमारे पाजामे में खुद…

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