• मुहब्बत | Muhabbat Shayari Hindi

    मुहब्बत ( Muhabbat )    जाति , धर्म , मजहब का बहाना अच्छा नहीं लगता। प्यार में गुणा, भाग,जोड़, घटाना अच्छा नहीं लगता।। जीत का जज्बा लेकर कितने हारे मैदान ए मुहब्बत में, वरना किसी जंग में हार जाना अच्छा नहीं लगता।। मुश्किलें हमसफ़र हो जाती हैं राह ए मुहब्बत में यहाँ, वरना किसी मुसाफिर…

  • देख लिए बहुत | Dekh liye Bahut

    देख लिए बहुत ( Dekh liye bahut )    निभा लिए झूठ का साथ बहुत आओ अब कुछ सच के साथ भी हो लें देख लिए उजाले की चमक भी बहुत परखने के तौर पर शाम के साथ भी हो लें जमा लिए बाहर भीतर साधन कई खो दिए हांथ पैर ,बीमारी पाल लिए आओ…

  • सादा जीवन उच्च विचार | Sada Jeevan ucch Vichar

    सादा जीवन उच्च विचार ( Sada jeevan ucch vichar )    आओ मिलकर नया समाज बनाऍं, आज ऐसा ये एक इतिहास रचाऍं। अपनाऍं सादा जीवन, उच्च विचार, इस जीवन का रखें ये मूल आधार।। रहन- सहन रखों साधारण ढ़ंग का, मानव सुखी तब रहेगा हर घर का। महात्मा और महापुरूष का जीवन, था महान सॅंत…

  • चांद से भी मुकाबला होगा | Chand se Bhi Muqabla Hoga

    चांद से भी मुकाबला होगा ( Chand se bhi muqabla hoga )    तज़किरा उनका जब चला होगा चांद से भी मुकाबला होगा। ज़िक़्र छिड़ने पे उस सितमगर के जाने कितनों का दिल जला होगा। कौन वो खुशनसीब है ऐसा जिसको उसने नहीं छला होगा। अब भरोसा नहीं रहा ख़ुद पर और नुकसान क्या भला…

  • कविता श्रृंखला हमारे शहर में

    कविता श्रृंखला हमारे शहर में  हमारे शहर में बहुत सारे लोग अल्पाहारी हैं साथ ही शुद्ध शाकाहारी हैं. वे लहसुन -प्याज नहीं खाते हैं मगर रिश्वत खाने से बाज़ नहीं आते हैं. तल्ख़! क्या तुमको पता है? रिश्वत सरकारी है रिश्वत सहकारी है रिश्वत तरकारी है रिश्वत खाने वाला ही एकमात्र विशुद्ध शाकाहारी है…..  …

  • सेल्फी | Selfie

    सेल्फी ( Selfie )  सेल्फी बनी आज, जीवन का अभिन्न अंग आत्ममुग्धता का पर्याय, खुशियों का महासागर । परम प्रथम श्री काज , सर्वत्र असीम आदर । आत्म प्रेम अभिव्यंजना , भर जीवन आनंद रंग । सेल्फी बनी आज, जीवन का अभिन्न अंग ।। आधुनिक युग यह जतन, सम जप तप साधना । भगवान पूर्व…

  • गमज़दा दिल | Ghamzada Shayari

    गमज़दा दिल ( Ghamzada dil )    फूल शबनम छोड़ कर कुछ और ही मौज़ू रहे अब सुखन में भी ज़रा मिट्टी की कुछ खुशबू रहे। हो चुकी बातें बहुत महबूब की बाबत यहां ज़िक़्र उनका भी करें जो मुल्क़ का बाज़ू रहे। गमज़दा दिल कर सकूं आज़ाद ग़म की क़ैद से काश मेरे पास…

  • कालिख़ मल जाएँगे | Kalikh mal Jayenge

    कालिख़ मल जाएँगे ( Kalikh mal jayenge )    ये बेहूदे लफ्ज़ अग़र जो खल जाएँगे लोग मुँह पे आकर कालिख़ मल जाएँगे देख ख़िज़ाँ की ज़ानिब मत नाउम्मीदी से रफ़्ता-रफ़्ता गुजर सभी ये पल जाएँगे मत आया कर छत पर यूँ तू रोज़ टहलने चाँद सितारे शम्स नहीं तो जल जाएँगे छोड़ो अब ये…

  • उम्मीद | Ummeed

    उम्मीद ( Ummeed )    उम्मीद आसरा है, सहारा है, बल है उम्मीद उत्तर है, रास्ता है, हल है उम्मीद ज़िगर है, करेजा है, दिल है उम्मीद मूल है, ब्याज है, हासिल है उम्मीद बंधन है, जुड़ाव है, लगाव है उम्मीद परीक्षा है, फल है, दबाव है उम्मीद मंजिल है, ख़्वाब है, कामना है उम्मीद…

  • तुम कहो तो | Tum Kaho to

    तुम कहो तो ( Tum kaho to )    तुम कहो तो कुछ न कहूँ लब सी लूँ, अल्फाज़ खामोंश कर दूँ समझ सको तो समझ लेना मेरी खामोशियों को बर्फ सी जमी मेरी जुबां को पढ़ लेना आँखों से बहती मेरी दास्तां को अश्कों से तर हर्फों को जरा हाथों की गरमी से सुखा…