Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • ३३ प्रतिशत आरक्षण | 33 Percent Aarakshan
    कविताएँ

    ३३ प्रतिशत आरक्षण | 33 Percent Aarakshan

    ByAdmin September 21, 2023September 25, 2023

    ३३ प्रतिशत आरक्षण   नारी बिल पारित हुआ मोदी जी ने सम्मान दिया और पूरे भारत ने भी यह माना है नारी शक्ति को फिर से पहचाना है ।। मातृशक्ति सदा रही सहाय , घर में रहे तो खयाल रखे सबका , घर के सदस्यों,परिवार जन का फिर क्यूं उसको रहने दे असहाय।। “राष्ट्रपति मुर्मू…

    Read More ३३ प्रतिशत आरक्षण | 33 Percent AarakshanContinue

  • जय भीम | Jai Bhim
    कविताएँ

    जय भीम | Jai Bhim

    ByAdmin September 21, 2023

    जय भीम ( Jai Bhim )    जय भीम एक शब्द नही एक वर्ण नही एक जाति या सम्प्रदाय नही और ना ही किसी वर्ग या धर्म विशेष का परिचायक स्लोगन है। जय भीम एक नई क्रांति है सोच है शोध है ताकत है हौसला है चेतना है चिन्तन व प्रेरणा है। जय भीम नये…

    Read More जय भीम | Jai BhimContinue

  • माॅं
    कविताएँ

    माँ पर नरेन्द्र सोनकर की ४ कविताएँ

    ByAdmin September 21, 2023July 28, 2025

    माॅं कभी दगा नहीं देती जन्म देती है शिक्षा-संस्कार देती है लाड़-प्यार देती है आचार-विचार देती है रूप-आकार देती है पुष्टाहार देती है घर-परिवार देती है माॅं संसार देती है दुश्चरित होने पर भी लगा लेती है ऑंचल से हमें भगा नहीं देती माॅं कभी दगा नहीं देती मालती देवी ( जिस कोख से मैंने…

    Read More माँ पर नरेन्द्र सोनकर की ४ कविताएँContinue

  • फर्स्ट नाईट | First Night
    कहानियां

    फर्स्ट नाईट | First Night

    ByAdmin September 21, 2023September 21, 2023

    फर्स्ट नाईट सुनने में ही कितना रोमेंटिक शब्द लगता है। रोमांस की अनुभूति से भरा हुआ । लेकिन सभी फर्स्ट नाईट रोमांटिक नहीं होती! यह कहानी है सुनिल नाम के नौजवान की पौने 6 फुट का हष्ट पुष्ट बन्दा। एक विवाहित पुरुष दो बच्चों का पिता। एक बार देखने में तो कोई भी धोखा खा…

    Read More फर्स्ट नाईट | First NightContinue

  • देवा श्री गणेशा | Deva Shree Ganesha
    कविताएँ

    देवा श्री गणेशा | Deva Shree Ganesha

    ByAdmin September 21, 2023

    देवा श्री गणेशा ( Deva shree ganesha )    रिद्धि सिद्धि के दाता सब विध्नहर्ता, सब कार्यों में प्रथम पूज्य शुभारंभ कर्ता। देवा श्री गणेशा……. सबसे निराले और विलक्षण रूप धारी, शुभ और लाभ दाता हैं मंगल कारी। देवा श्री गणेशा…… इनकी पूजा बिना न कोई काम होवे, इनको है भाते मावा, लड्डू और खोवे।…

    Read More देवा श्री गणेशा | Deva Shree GaneshaContinue

  • दीप जलाने वालों के | Deep Jalane Walon ke
    कविताएँ

    दीप जलाने वालों के | Deep Jalane Walon ke

    ByAdmin September 21, 2023

    दीप जलाने वालों के ( Deep jalane walon ke )   घर के भेद हर किसी को कभी बताए नहीं जाते‌। बड़े बुजुर्ग छांव सलोनी कभी सताए नहीं जाते। जल जाती है तब सोने सी लंका नगरी सारी। मद में होकर चूर नैन कभी दिखाए नहीं जाते। विभीषण को लात मारी रावण का विनाश हुआ।…

    Read More दीप जलाने वालों के | Deep Jalane Walon keContinue

  • Rajneeti ki Hathdharmita
    कविताएँ

    राजनीति की हठधर्मिता | Rajneeti ki Hathdharmita

    ByAdmin September 21, 2023

    हम बेहद आहत हैं राजनीति की इस हठधर्मिता से   देश की राजनीति तय करती है सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था और राजनीतिक सोच लेकिन धार्मिक , बौद्धिक सोच तय नहीं करती यदि तय करती है तो यह उसकी फासिस्टवादी सोच है लेकिन कुरीतियाँ , अन्धविश्वास और रूढ़िवादिता को रोकना सजग राजनीति का हिस्सा है बौद्धिकता…

    Read More राजनीति की हठधर्मिता | Rajneeti ki HathdharmitaContinue

  • गौतम बुद्ध | Gautam Buddha
    कविताएँ

    गौतम बुद्ध | Gautam Buddha

    ByAdmin September 20, 2023May 23, 2024

    गौतम बुद्ध ( Gautam Buddha )  ( 2 )   वैशाख मास बुद्ध पूर्णिमा, लिया  बुद्ध अवतार। श्रीहरि के नवम् अवतार रूप में, प्रगटे बुद्ध भगवान।। दुख- दर्द, जरा अवस्था,  देखी न जाती थी। अर्थी  देखी जब बालक ने, नाना प्रश्न मन उपजे  थे।। उत्तर समाधान कारक, नहीं मिल पाया बालक को।  झंझावात विचारों के…

    Read More गौतम बुद्ध | Gautam BuddhaContinue

  • Ghar me Padharo Gajanan ji
    कविताएँ

    घर में पधारो गजानंद जी | Ghar me Padharo Gajanan ji

    ByAdmin September 20, 2023

    घर में पधारो गजानंद जी ( Ghar me padharo Gajanan ji )    घर में पधारो गजानंदजी आओ आंगणिया आओ। लंबोदर महाराज गणेश रिद्धि सिद्धि संग लाओ। दूंद दुंदाला सुंड सुंडाला विघ्नहर्ता गजानन देवा। श्रीगणेश गणपति गदाधर गौरी सुवन प्रथम देवा। शिवशंकर गौरीसुत प्यारे आय भरो भंडार हमारे। सजा धजा दरबार निराला आओ गणपति प्यारे।…

    Read More घर में पधारो गजानंद जी | Ghar me Padharo Gajanan jiContinue

  • मेलों की बात निराली है | Melon ki Baat
    कविताएँ

    मेलों की बात निराली है | Melon ki Baat

    ByAdmin September 20, 2023

    मेलों की बात निराली है ( Melon ki baat nirali hai )    झूले सर्कस सज रही दुकानें नाच रही मतवाली है। आओ मेला देखन जाए मेलों की बात निराली है। बिके बांसुरी हाथी घोड़े भांति भांति के खेल खिलौने। शहरी ग्रामीण सब जन आए लगे नजारे बड़े सलोने। चाट पकोड़े कुल्फी खाओ खूब पियो…

    Read More मेलों की बात निराली है | Melon ki BaatContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 374 375 376 377 378 … 836 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search