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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Hey Bharat ki Betiyon
    कविताएँ

    हे भारत की बेटियों | Hey Bharat ki Betiyon

    ByAdmin September 20, 2023September 20, 2023

    हे भारत की बेटियों ( Hey Bharat ki Betiyon )    हे भारत की बेटियों मत मांग करो महंगी साड़ियों और जेवरों की ये कोमल कलाइयां किसी घर की सोहबत बने उससे पहले तुम मांग लेना अपने हिस्से की पढ़ाई और चूड़ियों की जगह हाथों में कलम तुम देखती हो किसी दूसरे घर में अपने…

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  • विनती सुनो गणराज | Vinti Suno Ganraj
    कविताएँ

    विनती सुनो गणराज | Vinti Suno Ganraj

    ByAdmin September 20, 2023September 20, 2023

    विनती सुनो गणराज ( Vinti Suno Ganraj )    विनती सुनो गणराज हमारे मनमंदिर में आना, हमारे मनमंदिर में आना। आशाओं का दीप जलाया, नेह भरा विश्वास , हमारे मनमंदिर में आना,हमारे मनमंदिर में आना। कारज मेरे पूर्ण करो अब, मत तरसाओ भगवान हमारे मनमंदिर में आना,हमारे मनमंदिर में आना। भूल हमारी माफ़ करो सब,…

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  • तल्ख़ मेहनाजपुरी की तीन रचनाएं | Talkh Mehnajpuri Poetry
    कविताएँ

    तल्ख़ मेहनाजपुरी की तीन रचनाएं | Talkh Mehnajpuri Poetry

    ByAdmin September 20, 2023September 20, 2023

      01. अधिक अन्न उपजाओ ——– ‘अधिक अन्न उपजाओ’ जो नारा लगाते हैं भर पेट अन्न सिर्फ वही पाते हैं. जो सचमुच अधिक अन्न उपजाते हैं, रात में भूखे ही सो जाते हैं. आइए मिल -जुल कर ‘अधिक अन्न उपजाओ’ नारा लगायें , जन -जन की भूख मिटायें , देश से ग़रीबी हटायें. 02. चरखा…

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  • ऋषि पंचमी | Rishi Panchami
    कविताएँ

    ऋषि पंचमी | Rishi Panchami

    ByAdmin September 20, 2023

    ऋषि पंचमी ( Rishi Panchami )    आज का दिन माहेश्वरी का रक्षाबंधन कहलाता है, ऋषि पंचमी को ही हर माहेश्वरी राखी बंधवाता है, सजती है हमारी भी सुनी कलाई पर राखी आज राखी बांधने कभी बहन कभी भाई बंधवाने आता है। मायके में भी फिर से खुशी का माहौल छा जाता है, बेटी को…

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  • नया संसद भवन | Naya Sansad Bhavan
    कविताएँ

    नया संसद भवन | Naya Sansad Bhavan

    ByAdmin September 20, 2023September 21, 2023

    नया संसद भवन ( Naya Sansad Bhavan )    नया संसद भवन, नई उम्मीदों की मंगल भोर हिंद लोकतंत्र नूतन अध्याय, सुषुप्त स्वप्न नव पंख । आशा उमंग नवल संचरण, विकास पथ प्रेरणा शंख । आदर्श गणनायक कदम, प्रतिक्षित जनभावों की ओर । नया संसद भवन,नई उम्मीदों की मंगल भोर ।। यथार्थ सार्थक मुद्दों पर,…

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  • Dr. Priyanka Sonkar Poetry
    कविताएँ

    प्रियंका सोनकर की पांच रचनाएं | Dr. Priyanka Sonkar Poetry

    ByAdmin September 20, 2023September 20, 2023

    01. क्रांति ——– तुम जिस सभ्यता को संस्कृति कहते हो यही शोषण का कारखाना है तुम कहते हो इसे ही तो बचाना है मैं कहती हूं मुझे इसे ध्वस्त करना है शोषण का श भी नहीं चाहिए इस धरती पर मुझे जब जब शोषण के मुहाने पर सभ्यता की बुनियाद संस्कृति का परचम लहराती है…

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  • आध्यात्मिक साम्यवाद के जनक : पं. श्रीराम शर्मा आचार्य
    विवेचना

    आध्यात्मिक साम्यवाद के जनक : पं. श्रीराम शर्मा आचार्य

    ByAdmin September 20, 2023

    मध्यकालीन इतिहास को देखने से यही प्रतीत होता है कि उस समय पूजी मात्र कुछ व्यक्तियों के कब्जे में थी । जिससे सामान्य जनता का शोषण होता रहा । जनता मिल मालिकों एवं सेठ साहूकारों की कृपा पर जीवित रहते थे। उनका उत्पादन में कोई हिस्सा नहीं होता था । कोल्हू के बैल की तरह…

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  • एक ही थाली में मस्त हैं | Ek hi Thaali
    ग़ज़ल

    एक ही थाली में मस्त हैं | Ek hi Thaali

    ByAdmin September 20, 2023September 20, 2023

    एक ही थाली में मस्त हैं ( Ek hi thaali mein mast hai )    करते जो शहर भर में दूनाली से गश्त हैं। हम हैं कि उनकी आम ख्याली से पस्त हैं।। मवाली इन्हें समझे उन्हें समझे थे मसीहा, सच में कि दोनों एक ही थाली में मस्त हैं। आका हमारे जाम तोड़ते हैं…

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  • कल भी था कल भी रहेगा | Kal bhi Tha Kal bhi Rahega
    कविताएँ

    कल भी था कल भी रहेगा | Kal bhi Tha Kal bhi Rahega

    ByAdmin September 20, 2023

    कल भी था कल भी रहेगा ( Kal bhi tha kal bhi rahega )    धन औ धरती का झमेला ,कल भी था ; कल भी रहेगा। प्रेम – पत्री का बवेला , कल भी था ; कल भी रहेगा।।   संबंध चाहे जो बनाले इस जगत में जीव आके , चाँद – सूरज सा…

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  • हमारे शहर में | Hamare Shahar mein
    कविताएँ

    हमारे शहर में | Hamare Shahar mein

    ByAdmin September 19, 2023November 8, 2023

    हमारे शहर में ( Hamare shahar mein )  ( 36) ‘हमारे शहर में’ प्रायः डाॅक्टर का बेटा डाॅक्टर है, वकील का बेटा वकील मास्टर का बेटा मास्टर है. इसी के अनुसार वधू भी तलाशते हैं , डाॅक्टर के लिए डाक्टरनी प्राथमिकता बताते हैं. कमाने वाली बहू सबकी पहली पसंद है , नकद दस लाख फार्चूनर…

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