• शिक्षक | Shikshak

    शिक्षक ( Shikshak )     शिक्षा का दीप जलाते शिक्षक ज्ञान का प्रकाश बिखराते शिक्षक। अज्ञानता और अशिक्षा के अंधकार से छुटकारा दिलाते शिक्षक।   ज्ञानदीप के उजियारे से चहुं ओर उजाला फैलाते शिक्षक। शिक्षा के प्रसार से लोगों को हर तरह से सक्षम बनाते शिक्षक।   बिना शिक्षा के जीवन अधूरा लोगों को ये…

  • धार्मिक बाध्यता | Dharmik Badhyata

    धार्मिक बाध्यता ( Dharmik badhyata )    धर्म से है अगर प्यार तुम्हे तो उसका सम्मान करो। बाध्यता नही है आदर की हक नही तुम्हे अपमान करो… जबरन का सिद्धांत नही शाश्वत है इसका अंत नही बेमन इसका सम्मान करो, इसके लिए तुम बाध्य नहीं… न करो तुम पूजा पाठ भले कौन हांथ पकड़ कर…

  • मित्र कहां तक छुपोगे | Mitra Kahan tak

    मित्र कहां तक छुपोगे ( Mitra kahan tak chupoge)  लेखन की सुंदर वाटिका में, मित्र कहां तक छुपोगे। कब तक आंख मिचौली खेलोगे। हम भवरे हैं एक कली के, मंडराते हुए कभी मंच में,। कभी कविताओं में, कभी आमंत्रित करोगे कविता की चार पंक्ति में। कभी कविता के मंच में, कभी अनुभवों में, तो कभी…

  • लोहार्गल धाम | Lohargal Dham

    लोहार्गल धाम ( Lohargal dham )  ( शेखावाटी,नवलगढ़ जिला झुंझुनूं (राजस्थान) में अवस्थित लोहार्गल धाम की स्तुति में कुछ पंक्तियां सादर निवेदित हैं )   शेखावाटी हरिद्वार उपमित, पुनीत पावन लोहार्गल धाम अलौकिक द्वापर ब्रह्म हृदय, पाप मोक्ष परम स्थल । विष्णु मत्स्य अवतार धरा, धारित भव्य रूप सकल । ब्रम्हद पुरात्तन अलंकार , प्रदत्त…

  • डिग्रीवाद | Degreebaad

    सुभाष एक विद्यालय में शिक्षक हैं। एक दिन प्रबंधक ने उन्हें बुलाकर कहा ,-“इस बार विद्यालय का रिजल्ट शत प्रतिशत होना चाहिए। यदि हम ऐसा कर देते हैं तो हमारे विद्यालय का नाम बहुत बढ़ जाएगा। इसी के साथ एडमिशन की संख्या भी बढ़ जाएगी।” आगे प्रबंधक ने अपनी बात को और स्पष्ट करते हुए…

  • बात बन जाए | Baat ban Jaye

    बात बन जाए ( Baat ban jaye )    किसान की खेती में मिस्त्री की रोजी में बच्चों की खेलने की जवान की कमाने की भूखे को रोटी की प्यासे को पानी की मजदूर को दिहाड़ी की वैज्ञानिक को खोज की पेड़ को आक्सीजन की लड़की की सुरक्षा की लड़कों को सुधारने की भैंस से…

  • सोच और समझ | Soch aur Samajh

    कभी कभी ना हम खुद बस यही सोचते है कि जितना भी गलत हो रहा सब हमारे ही साथ हो रहा, बाकी सबके जीवन में कोई परेशानी नहीं, कोई दुख नहीं। लेकिन ये हमारा बस वहम है, क्योंकि बिना परेशानियों और दुखों के जीवन कुछ भी नहीं। जबतक हम परेशानियों का सामना नहीं करेंगे हमें…

  • शान तिरंगा | Shaan Tiranga

    शान तिरंगा ( Shaan tiranga )    जान तिरंगा शान तिरंगा ? है मेरा तो मान तिरंगा भारत की शान बनेंगे हम है अपनी पहचान तिरंगा लड़ जाऊंगा हर दुश्मन से वो मेरी है जान तिरंगा फ़हरा हूँ रोज़ हिमालय पर है मेरा अरमान तिरंगा सुर भारत के इतने अच्छे होठों पर है गान तिरंगा…

  • ओ भैया प्यारे | O Bhaiya Pyare

    मैं नटखट चंचल हूं बहना   मैं नटखट चंचल हूं बहना भैया की प्यारी हूं बहन एक हाँथ में बाधू राखी दूजे से उपहार है लेना सारे राज छुपा रखे हैं कह दूंगी फिर ना कहना रोज रूठती रोज मनाते झगड़े अपने क्या कहना आज नहीं लडूंगी तुमसे ऐसे ही मुस्कुराते रहना टीका करूं रोली…

  • अरे पीयूष पहचाना मुझे | Pehchana Mujhe

    बात बहुत पुरानी हैं, मैं वृंदावन में बाँके बिहारी के दर्शन करने के लिये अकेला ही जा रहा था,सामने से आ रही एक बहुत सुंदर सी गाड़ी जिसको एक महिला चला रही थी, अचानक मेरे पास आ कर रुकी, शीशा नीचे करके बोली आप पीयूष हैं ना, मैं बोला, हाँ मैं पीयूष हूँ । उसने…