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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • प्रीत की डोर | Preet ki Dor
    कविताएँ

    प्रीत की डोर | Preet ki Dor

    ByAdmin August 30, 2023

    प्रीत की डोर ( Preet ki dor )    प्रीत की डोर लाई, हंसती मुस्काती बहना आई। कलाई पर बांधे राखी, सदा खुश रहो मेरे भाई। सावन की रुत आई, चुनर ओढ़ धरा गुस्काई। रेशम की डोर बहना, राखी थाल सजाकर लाई। अक्षत चंदन रोली, मस्तक तिलक लगाई। हाथों में बांधे राखी, संग श्रीफल और…

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  • Raksha Sootra
    कविताएँ

    रक्षा सूत्र | Raksha Sootra

    ByAdmin August 30, 2023August 30, 2023

    रक्षा सूत्र ( Raksha sootra )    ये रक्षा सूत्र मेरा भइया, हर बला से तुझे बचाएगा। ये आशीर्वाद हैं देवों का, जो तेरी उम्र बढ़ाएगा क्या अपने भाई के खातिर, में ऐसा कर पाऊंगी, जैसा साथ निभाया उसने, क्या वैसा निभा मैं पाऊंगी, जब जब पड़ी ज़रूरत मुझको, तब तब दौड़ के आया है।…

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  • Kachche Dhaage
    कविताएँ

    कच्चे धागे | Kachche Dhaage

    ByAdmin August 30, 2023

    कच्चे धागे ( Kachche dhaage )    एक कच्चे धागे से बँधी प्रेम की डोर, भाई बहन कहीं रहे खींचे अपनी ओर। युग बदले पर बदले न स्नेह के रिवाज, कहे बिन सुने भाई बहना की आवाज़। हज़ारों कोस जग में जा रहने लगो सुदूर, अकाट्य रक्षा कवच से रह न पाओ दूर। परस्पर प्रेम…

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  • अंतरराष्ट्रीय साहित्य संगम” की तृतीय स्थापना वार्षिकी पर अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन
    साहित्यिक गतिविधि

    अंतरराष्ट्रीय साहित्य संगम” की तृतीय स्थापना वार्षिकी पर अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन

    ByAdmin August 30, 2023August 30, 2023

    डॉ मुन्नालाल प्रसाद जी के प्रांगण में अद्भुत अद्वितियम बेहद खूबसूरत काव्य संध्या सयोंजित की गई । “अंतरराष्ट्रीय साहित्य संगम” की ओर से अपनी तृतीय स्थापना वार्षिकी के अवसर पर संस्था के अध्यक्ष श्री देवेन्द्र नाथ शुक्ल की अध्यक्षता एवं संस्थापक महासचिव डॉ. मुन्ना लाल प्रसाद के संचालन में गूगल मीट के माध्यम से एक…

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  • खुशियों की नई भोर | Khushiyon ki Nai Bhor
    कविताएँ

    खुशियों की नई भोर | Khushiyon ki Nai Bhor

    ByAdmin August 30, 2023August 30, 2023

    खुशियों की नई भोर ( Khushiyon ki nai bhor )    राखी के स्नेहिल धागों में, खुशियों की नई भोर अंतर्मन अनंत आह्लाद, अनूप उत्सविक परिवेश । शुभता सरित प्रवाह, बहना घर द्वार प्रवेश । श्रृंगारित पुनीत संबंध, रक्षा बंधन भव्यता चारों ओर । राखी के स्नेहिल धागों में, खुशियों की नई भोर ।। सनातनी…

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  • रेशम के धागे | Resham ke Dhaage
    कविताएँ

    रेशम के धागे | Resham ke Dhaage

    ByAdmin August 30, 2023

    रेशम के धागे ( Resham ke dhaage )   रेशम के इस धागे की ये बात ही बड़ी-निराली है, सजाकर लाती बहनें इसदिन प्यारी सी थाली है। लम्बी उम्र की कर कामना तिलक वह लगाती है, बिठाकर बाजोट भैय्या के हाथ राखी बाॅंधती है।। रोली-मोली और मिठाई नारियल लेकर आती है‌‌, ख़ुश रहना सदैव प्यारे…

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  • बड़े भैया | Bade Bhaiya
    कविताएँ

    बड़े भैया | Bade Bhaiya

    ByAdmin August 30, 2023

    बड़े भैया ( Bade Bhaiya )   लिख देती हूं हर रोज एक पैगाम , मन के जुड़े तार से, पढ़ लेता है वो मन की बात, और संभाल लेता बड़े प्यार से, कहने को तो बहुत दूर है मुझसे, लेकिन करीब लगता ज्यादा सांसों से, मैंने कभी जो सोचा नहीं सपनों में, बड़े भैया…

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  • Sab Kuch Theek hai
    ग़ज़ल

    सब कुछ ठीक है | Sab Kuch Theek hai

    ByAdmin August 29, 2023

    सब कुछ ठीक है ( Sab kuch theek hai )    वो रूठा सौ दफा सौ बार की हैं मिन्नतें उसकीं मगर ये दिल भरा इस बार सब कुछ ठीक है लेकिन। लगी जो चोट दिल पर जख़्म जो उसने दिया मुझको रहा अब तक हरा इस बार सब-कुछ ठीक है लेकिन। किया दिल को…

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  • Yaad Shayari in Hindi
    ग़ज़ल

    तेरी याद में | Yaad Shayari in Hindi

    ByAdmin August 29, 2023

    तेरी याद में ( Teri yaad me )  जमाना ख़राब हो गया तेरी याद में, मैं अधमरा हो गया हूं तेरी याद में। कितनों को वफ़ा का सबक सिखाओगे, खुद बेवफ़ा हो गया मैं तेरी याद में ‌। जिस्म से खेलने का हूनर मुझे नहीं है, मुझे ख़्वाब आने लगें तेरी याद में। जी नहीं…

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  • Fauji ki Rakhi
    कविताएँ

    फ़ौजी की राखी | Fauji ki Rakhi

    ByAdmin August 29, 2023

    फ़ौजी की राखी ( Fauji ki rakhi )    जिस बहिना के नहीं कोई भाई, बाॅंधों राखी वह हमारी कलाई। बनालो मुझको मुँह बोला भाई, सूनी है मेरी हाथों की कलाई।। ऐसा बहन तुम मन में ना लाना, कि नहीं है हमारे कोई ये भाई। सीमा पर खड़ा जो फ़ौजी भाई, दुश्मन से कर रहा…

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