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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • क्या मुझसे दोस्ती करोंगी | Kya Mujhse Dosti Karogi
    कविताएँ

    क्या मुझसे दोस्ती करोंगी | Kya Mujhse Dosti Karogi

    ByAdmin August 8, 2023

    क्या मुझसे दोस्ती करोंगी? ( Kya mujhse dosti karogi )    क्या मुझसे दोस्ती करोंगी? मै महफिल दोस्तों की नही सजाती, दोस्त ही मेरी महफिल कहलाती, कुछ अलग नजरिया है मेरे, कुछ अलग आदतें रखती हूं, हा जिससे सच्ची दोस्ती करती हूं, आखरी सांस तक निभाती हूं, क्या मुझसे दोस्ती करोंगी? बोहोत सच्ची नजर आती…

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  • Maa ke Uper Kavita
    कविताएँ

    मां तुम बहुत याद आती हो | Maa ke Uper Kavita

    ByAdmin August 8, 2023

    मां तुम बहुत याद आती हो ( Maa tum bahut yaad aati ho )    पहले मेरी एक मामूली सी छींक पर तुम चिंतित हो जाती थी, डांट डपटकर घरेलू नुस्खों के साथ कड़वी दवा पिलाती थी, अब कोई नहीं जो तबियत पूछे मेरी, मां तुम बहुत याद आती हो। कहीं आते जाते हर बार…

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  • Sochna Aapko hai
    कविताएँ

    सोचना आपको है | Sochna Aapko hai

    ByAdmin August 8, 2023

    सोचना आपको है ( Sochna aapko hai )    जानता हूं तुम गलत नही थे कभी न ही बैर था किसी से तुम्हारा गलत रहा तो बस तुम्हारी सोच का नजरिया और तुम्हारी संगत…. अपनों पर किए शक गैरों पर जताया भरोसा मीठी बोली मै रहा व्यंग छिपा आंखों मे दबी वासना रही जल्दबाजी की…

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  • Tu Khud ki Khoj mein Nikal
    कविताएँ

    तु खुदकी खोज में निकल | Tu Khud ki Khoj mein Nikal

    ByAdmin August 8, 2023

    तु खुदकी खोज में निकल ( Tu khud ki khoj mein nikal )    तु खुदकी खोज में निकल, तुझे किसकी तलाश हैं, तु निराशा के बादलोसे आशा का सावन है ।। तु कोहिनूर सा हिरा है, तुझे क्यों सितारो की तलाश है। तु खुद हमराही है, हमसफर क्यो तलाश है । तु खुद सावन…

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  • चलना सीखे नही | Chalna Sikhe Nahi
    कविताएँ

    चलना सीखे नही | Chalna Sikhe Nahi

    ByAdmin August 8, 2023

    चलना सीखे नही ( Chalna sikhe nahi )    चलना सीखे नही ,और दौड़ने निकल पड़े संभलने के प्रयास मे,लड़खड़ाकर गिर पड़े होती अगर जिंदगी ,यूं ही आसान इतनी तो सोचिए, कामयाबी के पैर क्यों छाले पड़े गुजर जाती है एक उम्र पूरी,चढ़ाई मे चाहते हो ,घर से निकलते ही हों झंडे खड़े माना की…

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  • Main Chup hoon
    कविताएँ

    मैं चुप हूं | Main Chup hoon

    ByAdmin August 8, 2023

    मैं चुप हूं ( Main Chup hoon )    मेरे पास शब्दों की माला है पास मेरे संस्कारों की थाती है जानती हूं ,अच्छाई और बुराई के भेद मेरी कलम ने सिखाया है मुझे न करें मुझे बेचारी और बेबस समझने की भूल…. मैं चुप हूं ,तो महज इसलिए की मेरे संस्कार इसकी गवाही नहीं…

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  • Maa ka Aanchal
    कविताएँ

    मां का आंचल | Maa ka Aanchal

    ByAdmin August 7, 2023May 13, 2024

    मां का आंचल  ( Maa ka aanchal )  ( 2 ) मां का आंचल हर पल याद आता मां का आंचल पल पल याद आता आंचल की ओट में छिपा लेती मां बचा लेती बुरी नज़र से याद आता चेहरे के दाग़ नाक स़ाफ़ कर देती पूंछ लेती आंखों के आंसू याद आता जब रोता…

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  • Teri Sita hoon main
    कविताएँ

    तेरी सीता हूँ मैं | Teri Sita hoon main

    ByAdmin August 7, 2023August 7, 2023

    तेरी सीता हूँ मैं!  ( Teri Sita hoon main )    सइयाँ आँखों में तेरी कहानी रहे, साथ जिऊँ, सजन जिन्दगानी रहे। तेरी सीता हूँ मैं, राम हो तुम मेरे, मेरे माथे पे तेरी निशानी रहे। मेरा जीवन बीते भले काँटों पे क्या, जग की नजरों पे तेरा वो पानी रहे। आँधियों में दीया मेरा…

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  • Rabindra Nath Tagore
    विवेचना

    साहित्यिक ऋषि थे : रविंद्र नाथ टैगोर

    ByAdmin August 7, 2023August 7, 2024

    पुण्य तिथि ७ अगस्त विशेष साहित्य साधना है। साहित्यकार व साधक है जो अनवरत साधना के बल पर महान साहित्य का सृजन करता है । जिन भी साहित्यकारों ने कालजयी रचनाएं लिखी हुई वह महान साधक भी थे। साहित्य लेखक का प्राण होता है । जब तक कोई पाठक चेतना के उस परम तत्व को…

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  • Main ek Khilona Hoon
    कविताएँ

    मैं एक खिलौना हूं | Main ek Khilona Hoon

    ByAdmin August 7, 2023

    मैं एक खिलौना हूं ( Main ek khilona hoon )    चाभी से चलने वाला एक खिलौना हूं किसी की खुशियों की खातिर घूमनेवाला खिलौना हूं मैं एक खिलौना हूं…… मैं ,इंसानों सा जीनेवाला नही मेरा कोई जीवन नही रिवाजों के सांचे मे कैद हूं संस्कारों की सीख का पुतला हूं अच्छाई या बुराई का…

    Read More मैं एक खिलौना हूं | Main ek Khilona HoonContinue

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