• मुझे संग पाओगे | Hindi Prem Kavita

    मुझे संग पाओगे ( Mujhe sang paoge )   जानती हुँ मैं मुझमें वो पा ना सके तुम जिसे देखा करते थे ख्वाबों में कभी लाल साड़ी मे लिपटी फिल्मी सी या सुनहरी जलपरी जैसे बल खाती लचीली सी.. जानती हुँ मैं शायद ना पा सके मुझमें जो सोचा था तुमने वो शुचिता और पाक…

  • मोल क्या दोगे | Mol kya doge

    मोल क्या दोगे ( Mol kya doge )    यूं ही बरसती नही बूंद बादल से याद है उसे सागर की गहराई छूकर भी ऊंचाई को हर कोई जमीनी धरातल को भूला नहीं करता… चुका दोगे ली गई कर्ज की दौलत को उस वक्त के एहसान का मोल क्या दोगे कम पड़ जायेगी तुम्हारी उम्र…

  • सखी बरसे खूब सावनवा ना | Sawan Kajri

    सखी बरसे खूब सावनवा ना ( कजरी) ( Sakhi barse khoob sawanwa na )    बहे जोर-जोर शीतल पवनवा सखी बरसे खूब सावनवा ना ….2 जब से बरखा ऋतु है आई बदरी नभ में खूब छाई। 2 करिया लागे धरती और गवनवा ना….. सखी बरसेला सवनवा ना….. नदी नार जल से भरे पेड़ रुख हुए…

  • दुआ से | Dua se

    दुआ से ( Dua se )    रोज़ करता हूँ दुआ मैं वो ख़ुदा से अब शिफ़ा मिले तेरी रब दवा से रब बनाए रख नज़र ऐ रोज़ मुझपर दूर हर पल मैं रहूँ रब हर बला से जिंदगी से दूर खुशियाँ हुई यूं हाँ नमाजो की यहाँ यारों क़ज़ा से हो गया हूँ आज…

  • लापता कर गया | Ghazal Shayari

    लापता कर गया ( Laapata kar gaya )   तंज़ के तीर सारे चला कर गया। है बिछड़ के बहुत ख़ुश बता कर गया। ज़ख़्म फिर से हमारा हरा हो गया कौन उसका यहां तज़किरा कर गया। दी रिहाई हमें इश्क़ की क़ैद से ख़त्म वो प्यार का सिलसिला कर गया। तोड़ कर दिल हमारा…

  • नर से नारायण | Nar se Narayan

    नर से नारायण  ( Nar se narayan )    कहां गया, मेरा वह बचपन सारे खेल खिलौने, समय आज का लगता जैसे कितने क्रूर धिनौने। साथ बैठना उठना मुस्किल मुस्किल मिलना जुलना, सबमें तृष्णा द्वेष भरा है किससे किसकी तुलना। बात बात पर झगड़े होते मरते कटते रहते कभी नही कोई कुछ करते जो कुछ…

  • जीवन और मृत्यु | Jeevan aur Mrityu

    ….जीवन और मृत्यु…. ( Jeevan aur mrityu )    जन्म और मृत्यु के मध्य ही तो संसार है यह उक्ति ही सर्वथा निराधार है वर्तमान तो अतीत के प्रारब्ध का सार है इसमें का कर्म ही भविष्य का द्वार है… लिप्त हो जाना ही लुप्त हो जाना है मोह मे फंसना ही उलझ जाना है…

  • आँख का नूर बनो तो सही | Dr. Sunita Singh Sudha Poetry

    आँख का नूर बनो तो सही ( Aankh ka noor bano to sahi )   बात दिल की कभी तुम कहो तो सही सिर्फ तुम दिल में मेरे रहो तो सही प्रीति की रोशनी जगमगा दो हृदय दीप बाती-सरिस तुम जलो तो सही जिन्दगी का है लम्बा सफर साथ में दूर कुछ हमसफर तुम चलो…

  • चंद्रयान-३ | Chandrayaan-3

    चंद्रयान-३ ( Chandrayaan-3) ( 1 )  नया द्वार खोलेगा चंद्रयान देखो, बनेगा भारत की पहचान देखो। मुट्ठी में मेरे रहेगा अब चंदा, बढ़ेगा जगत में मेरा सम्मान देखो। कठिन दौर से मेरे गुजरे वैज्ञानिक, उनके भी चेहरों पे मुस्कान देखो। ख्वाहिशें हमारी सदा से हैं जिन्दा, उनके अंदर का अभिमान देखो। स्वागत करो रोली,तंदुल, श्रीफल…

  • वोटर ज़हीन हो जाये | Voter Zaheen ho Jaye

    वोटर ज़हीन हो जाये ( Voter zaheen ho jaye )    इक मुहब्बत का सीन हो जाये चाय सँग चाऊमीन हो जाये इक झलक महजबीन हो जाये इश्क़ ताज़ातरीन हो जाये दिल का कमरा है खाली मुद्दत से कोई इसमें मकीन हो जाये बैठ जाओ जो रूबरू मेरे यह ग़ज़ल बेहतरीन हो जाये गुफ्तगू प्यार…