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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Tamanna
    कविताएँ

    तमन्ना | Tamanna

    ByAdmin July 1, 2023

    तमन्ना ( Tamanna )   दिल में यही तमन्ना है कोई मेरे मन जैसा प्रेम करें आये जिन्दगी में तन्हाई दूर करे रूठे खुशियां को मनाए छुपी मुस्कराहट को होंठों पे लाए तमन्ना है प्रेम की कोई असीम प्रेम करे दर्द की सन्नाटों से दूर लाकर हंसी की ही आवाज सुनाए मचले मन को स्थिर…

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  • Eid ka Chand
    कविताएँ

    ईद का चांद | Eid ka Chand

    ByAdmin July 1, 2023July 1, 2023

    ईद का चांद ( Eid ka chand )   देखते   ही   तुझको , तुझसे  प्यार  हो  गया ऐसा  लगा   कि   जैसे   चमत्कार   हो  गया   जन्नत  की  हूर  सी  लगी  उतरी है  चांद सी समझा  कि  ईद-ए-चांद  का  दीदार हो गया   जुल्फों  के  बीच  खिलखिलाने को क्या कहूं…

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  • Ped Lagao
    कविताएँ

    पेड़ लगाओ | Ped Lagao

    ByAdmin June 30, 2023June 30, 2023

    पेड़ लगाओ  ( Ped lagao )   पेड़   लगाओ   मन   भाएगा, नाम   तुम्हारा   जग   गाएगा।   नित आंगन  चिड़ियां आयेगी, कलरव  की  वह धुन गायेगी।   हरियाली   धरती    पर  छाए, जीव- जन्तु  के मन को भाए।   घन    आयेंगे    नीलगगन  में, खुशियां  बरसेंगे  तन- मन…

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  • Tip-tip karti boonde
    कविताएँ

    टिप-टिप करती बूंदे | Tip-Tip karti Boonde

    ByAdmin June 30, 2023June 30, 2023

    टिप-टिप करती बूंदे ( Tip-tip karti boonde )   आसमान‌ से बरस रहा है आज झमाझम पानी, झूमो‌ नाचों ख़ुशी मनाओ मिलकर दिल जानी। टिप टिप करती बूॅंदे लगती है सभी को सुहानी, चलों सोनू मोनू ‌टीना बीना करें सभी मनमानी।। जूता-चप्पल कोई ना पहनो भागो दौड़ो सरपट, उछल कूद का आनन्द लो आओ सब…

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  • बारिश के नाले
    कविताएँ

    बारिश के नाले | Baarish ke Naale

    ByAdmin June 30, 2023June 30, 2023

    बारिश के नाले ( Baarish ke naale )   बहुत जोर की ऐसी गर्मी पड़ी, हालत ख़राब फिर सबकी हुई। कुलर एवं पंखो ने दिया जवाब, देखें सभी मानसून के ख़्वाब।। रोड़ और नाले बन रहें थें नए, गाँव-शहर में काम चल रहे नए। अभी पूरा नही हुआ था यें काम, वर्षा ने शुरु किया…

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  • Koi ped pyasa na mare
    कविताएँ

    कोई पेड़ प्यासा न मरे | Koi ped pyasa na mare

    ByAdmin June 30, 2023

    कोई पेड़ प्यासा न मरे! ( Koi ped pyasa na mare )   भटके लोगों को रास्ते पर लाना पड़ता है, वनस्पतियों को जेवर पहनाना पड़ता है। बिना फूल के बहार आ ही नहीं सकती, तितलियों को भी बाग में लाना पड़ता है। कोई पेड़ प्यासा न मरे,समझो जगवालों, बादलों के हाथ मेंहदी लगाना पड़ता…

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  • Nazar Chura ke
    शेरो-शायरी

    नज़र चुरा के सभी आज कल निकलते हैं | Nazar Chura ke

    ByAdmin June 30, 2023June 30, 2023

    नज़र चुरा के सभी आज कल निकलते हैं ( Nazar chura ke sabhi aaj kal nikalte hain )   नज़र चुरा के सभी आज कल निकलते हैं न जाने किसलिए इक दूसरे से जलते हैं ऐ काश वक़्त पे हर काम कर लिया होता ये सोच सोच के हाथों को अपने मलते हैं जो सारे…

    Read More नज़र चुरा के सभी आज कल निकलते हैं | Nazar Chura keContinue

  • Milta Kisi bhi Mode pe
    शेरो-शायरी

    मिलता किसी भी मोड़ पे क्यों राहबर नहीं | Milta Kisi bhi Mode pe

    ByAdmin June 30, 2023June 30, 2023

    मिलता किसी भी मोड़ पे क्यों राहबर नहीं ( Milta kisi bhi mod pe kyon rehbar nahin )   मिलता किसी भी मोड़ पे क्यों राहबर नहीं इस शहरे-कामयाब की आसां डगर नहीं हर इक सफ़र में होता था जो हमसफ़र कभी वो भी तो आस-पास में आता नज़र नहीं। माना कि मुद्दतें हुईं बिछड़े…

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  • Galat
    शेरो-शायरी

    ग़लत को ग़लत जो कोई भी कहेगा | Galat ko Galat

    ByAdmin June 30, 2023June 30, 2023

    ग़लत को ग़लत जो कोई भी कहेगा  ( Galat ko galat jo bhi kahega )    ग़लत को ग़लत जो कोई भी कहेगा , यकीं मानिए मुश्किलों में फँसेगा । ग़लत के लिए साथ देंगे हज़ारों , सही बोलने पर अकेला रहेगा । ये दुनिया अजब चाल से चल रही है , हरिक आदमी एक…

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  • Wafa par Ghazal
    शेरो-शायरी

    वफ़ा का मेरी आज कुछ तो सिला दो | Wafa par Ghazal

    ByAdmin June 30, 2023

    वफ़ा का मेरी आज कुछ तो सिला दो ( Wafa ki meri aaj kuch to sila do ) वफ़ा का मेरी आज कुछ तो सिला दो मुझे छू के जानम मुकम्मल बना दो हज़ारों दिये साथ मिलके जलेंगे झलक एक अपनी अगर तुम दिखा दो नहीं बात करते सनम आजकल तुम हुई क्या ख़ता मेरी…

    Read More वफ़ा का मेरी आज कुछ तो सिला दो | Wafa par GhazalContinue

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