• गुरु पूर्णिमा | Guru Purnima

    गुरु पूर्णिमा ( Guru purnima )   सनातन धर्म में इसे एक महत्वपूर्ण पर्व माना जाता, जो आषाढ़ मास शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को आता। इस दिन गुरुदेव महर्षि वेदव्यास का जन्म हुआ था, जिनको वेदों और पुराणों का रचियता कहा जाता।। यें अलौकिक-शक्ति से सम्पन्न और थें त्रिकालदर्शी, माॅं का नाम सत्यवती पिता का…

  • भारत की धरती | Bharat ki Dharti

    भारत की धरती ( Bharat ki dharti )    मेरी धरती माँ प्यारी है भारत की ख़ुशबू फ़ैली है ऐसा न कहीं देश मिलेगा गंगा जमना जो मिलती है उगते है गुल उगती सरसों धरती माँ देखो ऐसी है सैनिक करे है हिफाज़त कर सकता न अदू ज़ख्मी है नफ़रत के दुश्मन ख़त्म हुई उल्फ़त…

  • ह़ासिल मुक़ाम करना है | Faraz ki Ghazal

    ह़ासिल मुक़ाम करना है ( Hasil muqam karna hai )    करें वो जो भी उन्हें काम धाम करना है। हमें तो सिर्फ़ मुह़ब्बत को आ़म करना है। अभी जो आग लगाकर गए हैं इस दिल में। कहाँ हैं ढूँढिए उन को सलाम करना है। जमाले यार को लफ़्ज़ों में ढाल कर रखना। हमें तो…

  • अश्क नहीं खून | Ashk nahi Khoon

    अश्क नहीं खून ( Ashk nahi khoon )    आँखों से खून तभी बहा करते हैं जब इनसे अश्क बहना बंद कर देते हैं जख्म देने वाले कोई दुश्मन होता नहीं बल्कि वो कोई अपना ही रहा करते हैं ये सिर्फ अपने खुशी के लिए घर नहीं बल्कि पुरा संसार ही जला दिया करते हैं…

  • गुरू महिमा | Guru Mahima

    गुरू महिमा ( Guru Mahima ) ( 2 ) गुरू का रख लो मान गुरू जीवन में देते हैं सुप्त गुणों को मान गुरू हीं जानतें हैं हमारी विदया और बल बुद्धी का देते हैं हमें आशिर्वाद महान गुरू बिन नहीं जीवन का उद्धार गुरू की वाणी हैं गीता और रामायण वेद पुराण गुरू हैं…

  • नामुमकिन है | Namumkin hai

    नामुमकिन है ( Namumkin hai )    काजल की कालिख हर ले काजल, नामुमकिन है। नफ़रत का नफ़रत से निकले हल, नामुमकिन है। हम जैसा बोएँगे, वैसा ही तो काटेंगे, दुष्कर्मों का निकले शुभ प्रतिफल, नामुमकिन है। दुख-दर्दों, संघर्षों के कटु अनुभव भी देगा, जीवन सुख उपजाएगा अविरल, नामुमकिन है। उनके आश्वासन का मित्रो कोई…

  • ये जिंदादिली दिखाओ | Zinda Dili

    ये जिंदादिली दिखाओ ( Ye zinda dili dikhao )    अगर ज़िंदा हो तो यारों तुम जिंदादिली दिखाओ, हौंसले हिम्मत को अपना हथियार सभी बनाओ। थोड़ी बहुत यह मानवता अपनी-अपनी दिखाओ, अपनें अनमोल जीवन को सार्थक सभी बनाओ।। बैर भाव, छल कपट ईर्ष्या अपनें मन से मिटाओ, मनुष्य जीवन बड़ा दुर्लभ है इसे न कोई…

  • उठती है मेरे चेहरे पर | Uthti hai Mere Chehre par

    उठती है मेरे चेहरे पर ( Uthti hai mere chehre par )   उठती है मेरे चेहरे पर उसकी नजर नहीं लेकिन वह मेरे हाल से भी बेखबर नहीं। रोके ना रुक सकेगा हमारा वह प्यार है पाबंदियां जहान की भी पुरअसर नहीं। चाहत है आसमान में परिंदों सा उड़ चले पर घोंसलों के बिन…

  • जय हिंद | Jai Hind

    जय हिंद ( Jai Hind )    देखो कितना अच्छा है प्यारे जय हिंद ? आओ सब मिलकर के ही बोले जय हिंद दुश्मन के कान सभी हो जाये बहरे इतनी जोर से ही बोले सारे जय हिंद चाहे कोई गीत सुने चाहे ग़ज़लें लगने अपने तो है सब नारे जय हिंद छोड़ो करनी महजब…

  • उनकी आँखों में प्यार | Geet Nava Geet ki Parampara mein

    उनकी आँखों में प्यार ( Unki aankhon mein pyar )   अन्तस लहरों में ज्वार उमड़ता देख लिया। उनकी आँखों में प्यार छलकता देख लिया ।।   कैसी सुगंध यह फैल रही उर-उपवन में। जब खिला सरोवर में कोई जलजात नहीं। किसने इस मन को बाँध लिया सम्मोहन में। साँसें महकीं या प्राण जले कुछ…