आपने क्या किया मुहब्बत में
आपने क्या किया मुहब्बत में फ़र्क़ क्या इश्क़ और मशक्कत मेंआपने क्या किया मुहब्बत में हमने पिंजरा बना के तोड़ दियामशगला आ गया है आफ़त में और लोगों को भी सराहो तुमनइं तो फिर बैठ जाओ ख़लवत में वो कोई शै गुज़र बसर की नहींफिर भी शामिल किया ज़रूरत में ख़ुद की सोची तो ताज…










