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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Tatrakshak Bal par Kavita
    कविताएँ

    तटरक्षक बल | Tatrakshak Bal par Kavita

    ByAdmin February 1, 2023

    तटरक्षक बल ( Tatrakshak bal )    समुद्री सेवा प्रदान करता है तटरक्षक, डूबते की जान बचाता है तटरक्षक। तटरक्षक बल है सशस्त्र बल के ही जैसा, समुद्री कानून की रक्षा करता है तटरक्षक।   करता है नौसेना का वो महानिदेशक नेतृत्व, तालमेल से अपना फर्ज निभाता है तटरक्षक। तटरक्षक जहाज होता है नौ सेना…

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  • Poem Sath Nibhane ka Wada
    कविताएँ

    देखो साथ निभाने का वादा किया है तुमने | Poem Sath Nibhane ka Wada

    ByAdmin February 1, 2023

    देखो साथ निभाने का वादा किया है तुमने ( Dekho sath nibhane ka wada kiya hai tumne )    दिलो जान से भी ज्यादा चाहा दिल से हमने। देखो साथ निभाने का वादा किया है तुमने। तुम्हारी अदाएं प्यारी सी वो भोली सी सूरत। उतर आया हो धरती पर चांद कोई खूबसूरत। महका महका चमन…

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  • Kavita Samay ke Sang
    कविताएँ

    समय के संग कैसे दौड़ू | Kavita Samay ke Sang

    ByAdmin February 1, 2023February 1, 2023

    समय के संग कैसे दौड़ू ( Samay ke sang kaise daudoon )    वक्त निकला जा रहा तीव्र गति के साथ समय संग कैसे दौड़ू बोलो हे मेरे नाथ   शनै शनै यूं बीत रहे पल प्रतिपल दिन रात कालचक्र भी घूम रहा है बदल रहे हालात   नियति खेल निराले भांडा अभाग्य कैसे फोडूं…

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  • वो मुझे मुज़रिम समझ कर यूंँ सज़ा देता रहा | Shambhu Lal Jalan Nirala Ghazal
    शेरो-शायरी

    वो मुझे मुज़रिम समझ कर यूंँ सज़ा देता रहा | Shambhu Lal Jalan Nirala Ghazal

    ByAdmin February 1, 2023February 1, 2023

    वो मुझे मुज़रिम समझ कर यूंँ सज़ा देता रहा ( Wo mujhe mujrim samajh kar yoon saza deta raha )    वो मुझे मुज़रिम समझ कर यूंँ सज़ा देता रहा होठों तक ला ला के वो साग़र हटा देता रहा। बैठता है पास मेरे यूंँ तो वो हर रोज़ ही जब भी छूना चाहा तो…

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  • Meri Ghazal
    शेरो-शायरी

    मेरी ग़ज़ल | Meri Ghazal

    ByAdmin February 1, 2023February 1, 2023

    मेरी ग़ज़ल ( Meri Ghazal )    इक ग़ज़ल बा-कमाल सी हो तुम कोई आला ख़याल सी हो तुम रूह की जेब में रखा है जो उस महकते रुमाल सी हो तुम उलझे रहते हैं हम भी पहरों तक ख़ूबसूरत सवाल सी हो तुम तितलियाँ जिस पे देर तक बैठे सुर्ख़ फ़ूलों की डाल सी…

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  • नेताजी सुभाष चन्द्र बोस | Netaji Subhash Chandra Bose par Kavita
    कविताएँ

    नेताजी सुभाष चन्द्र बोस | Netaji Subhash Chandra Bose par Kavita

    ByAdmin February 1, 2023February 1, 2023

    नेताजी सुभाष चन्द्र बोस  ( Netaji Subhash Chandra Bose )   भूल कैसे जाएगा भारत मातृ भूमि की वह माटी, जिस रंग में रंग लिया अपना नेता सुभाष चन्द्र ने खाकी   हे प्रगति पथ के अग्रदूत अब रहा न वह सोंधी माटी ना देश भक्ति ना देशप्रेम बस धरा पीटती है छाती।   है…

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  • Praman Patra par Kavita
    कविताएँ

    सम्मान-पत्र/प्रमाण-पत्र | Praman Patra par Kavita

    ByAdmin February 1, 2023

    सम्मान-पत्र/प्रमाण-पत्र ( Samman-patra : Praman patra )    जिन पत्रों पर लिखी‌ यें सब बातें, सही और प्रमाणिक मानी जाती ! उसको ही कहते है यें प्रमाण पत्र, जो प्रतिष्ठित व्यक्ति‌ संस्थाएं देती !! अनेंक प्रकार के होते प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण या मृत्यु प्रमाण पत्र ! जिसको बनाकर देती है सरकार, जाति प्रमाण या…

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  • Pradhan par Kavita
    कविताएँ

    प्रधान | Pradhan par Kavita

    ByAdmin February 1, 2023

    प्रधान ( Pradhan )    गांव में होता यह प्रधान का पद, मुखियां गांव का होता यह पद ! पांच साल यह जन सेवा करता, गांवों का विकास यही करवाता !! काम होते है सब इनके ही हाथ, देख-रेख एवं समय के अनुसार ! जो कोई करता है अच्छा काम, सम्मानित करता उसको ये गांव…

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  • Poem on Aashiqui
    कविताएँ

    आशिक़ी | Poem on Aashiqui

    ByAdmin February 1, 2023

    आशिक़ी ( Aashiqui )    चढ़ा है सोलहवें बरस का ये पानी, रहना सजग तू दुुनिया दीवानी। उतरकर सितारे करेंगे वो बातें, मोहब्बत के लहजे में गुजरेंगी रातें। नहीं मुझको अपनी इज्जत गंवानी, रहना सजग तू दुुनिया दीवानी, चढ़ा है सोलहवें बरस का ये पानी, रहना सजग तू दुुनिया दीवानी। उभरती है देखो जब भी…

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  • Poem Kai Uljhane hai Suljhane ko
    कविताएँ

    कई उलझने हैं सुलझाने को | Poem Kai Uljhane hai Suljhane ko

    ByAdmin February 1, 2023February 1, 2023

    कई उलझने हैं सुलझाने को ( Kai uljhane hai suljhane ko )    नये रास्ते हैं आगे बढ़ जानेको सुंदर नजारे दिल मे समानेको नजर उठती है ठहर जाने को बेखौफ नदी जैसे बहजाने को रंजो गम को दबा जाने को महफूज जगह रुक जाने को बेपनाह मोहब्बत पा जाने को नैनों में ख्वाब सजा…

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