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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Kavita koi mol nahi us veer ka
    कविताएँ

    कोई मोल नही उस वीर का | Kavita koi mol nahi us veer ka

    ByAdmin December 7, 2022December 7, 2022

    कोई मोल नही उस वीर का ( Koi mol nahi us veer ka )     जो औरों के लिए जिएं ज़िन्दगी मुकम्मल है वही, बन जाएं मरहम किसी का सच्चा इन्सान है वही। बिना रूके बिना थके जिसका जीवन चलता रहें, कोई मोल नही उस वीर का देश की शान है वही।   यह…

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  • Zindagi par chhand
    छंद

    उलझन भरी जिंदगी | Zindagi par chhand

    ByAdmin December 7, 2022December 7, 2022

    उलझन भरी जिंदगी ( Uljhan bhari zindagi )    संघर्षों से भरी जिंदगी, उलझन सी जिंदगी। हौसला बुलंद कर, नेह बरसाइए। राहें कठिन हो चाहे, पथ आंधी तूफां आए। लक्ष्य साध गीत प्यारा, तराना सुनाइए। आसां नहीं है चलना, मुश्किलों से यूं लड़ना। उलझन जिंदगी को, मधुर बनाइए। प्यार के मोती लुटाओ, प्रेम सुधा बरसाओ।…

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  • Hindi poem on Baba Saheb Ambedkar
    कविताएँ

    बाबा साहब आंबेडकर | Hindi poem on Baba Saheb Ambedkar

    ByAdmin December 7, 2022

    बाबा साहब आंबेडकर ! ( Baba Saheb Ambedkar )      सोये हुए दलितों को  बाबा साहब ने जगाया है, हर  झोंपड़ी  में  एक  नई  रोशनी  जलाया  है। किया  संघर्ष  निजी  जीवन  में  सभी के  लिए, हर गिरे हुए लोगों को अपनी गोंद में उठाया है।    क्या-क्या नहीं सहा बाबा साहब आंबेडकर ने, मुरझाये…

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  • “सैनिक की कलम से” पुस्तक का हुआ विमोचन
    साहित्यिक गतिविधि

    “सैनिक की कलम से” पुस्तक का हुआ विमोचन

    ByAdmin December 6, 2022December 6, 2022

    “सैनिक की कलम से” पुस्तक का हुआ विमोचन   छत्तीसगढ़ बीजापुर के भैरमगढ़ फुण्डरी में तैनात केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल की 165 वी वाहिनी के मुख्यालय में नवनिर्मित जवानों के लिए बनाई गई बैरक का उद्घाटन किया गया । इसी के साथ यूनिट  के हेड कांस्टेबल गणपत लाल उदय के द्वारा रचित काव्य संग्रह ”…

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  • Dr. Bhim Rao Ambedkar par kavita
    कविताएँ

    वो महामानव | Dr. Bhim Rao Ambedkar par kavita

    ByAdmin December 6, 2022December 6, 2022

    वो महामानव  ( Wo mahamanav )      वन्दन करतें बाबा आपकों हम सब बारम्बार, दिलाया आपनें ही हमें मौलिकता अधिकार। समाजिक शैक्षणिक और आर्थिक अधिकार, समान राजनीति और नागरिक के अधिकार।।   आपनें ही इस प्रजा‌तन्त्र को मजबूती है दिया, मत और मूल्य के तत्वों को प्रस्थापित किया। विद्युत-प्राधिकरण के मार्ग को प्रशस्त किया,…

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  • Kavita gudari ke laal
    कविताएँ

    हम है गुदड़ी के लाल | Kavita gudari ke laal

    ByAdmin December 6, 2022December 6, 2022

    हम है गुदड़ी के लाल ( Hum hai gudari ke laal )     कभी न कभी तो आएंंगे हमारे भी अच्छे दिन, सफलताएं क़दम चूमेगी हमारा भी एक दिन। हम है गुदड़ी के लाल और नाम गणपत लाल, दिखा देंगे कुछ ऐसा करके हम भी एक दिन।।   सर्दी गर्मी बारिश और इस आग…

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  • Kavita baat baat mein algav ki
    कविताएँ

    बात बात में अलगाव की | Kavita baat baat mein algav ki

    ByAdmin December 6, 2022

    बात बात में अलगाव की ( Baat baat mein algav ki )  #JNU बात बात में अलगाव की भाषा बोल रहे हो तुम। शिक्षा के मंदिर में नित,विष को घोल रहे हो तुम।।   कैसी आजादी की तुमने, मांग करी है पढ़ने में। बुद्धि कौशल लगा घूमते, षड़यंत्रों को रचने में।।   आजादी की मांग…

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  • Suryoday par kavita
    कविताएँ

    सूर्योदय | Suryoday par kavita

    ByAdmin December 6, 2022

    सूर्योदय ( Suryoday )   पूरब में छा गई लाली धूप खिली है मतवाली। रश्मि रथ पर हो सवार सूर्योदय छटा निराली।   पंछी कलरव गीत गाते भंवरे मधुबन लहरी गाई। भोर की बेला मुस्काती सूर्योदय हुआ जागो भाई।   सूरज किरणें धरती छाई शुभ प्रभात बेला आई। हरियाली ने पांव पसारे मधुर मधुर बही…

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  • Kavita jeet ki aadat
    कविताएँ

    जीत की आदत | Kavita jeet ki aadat

    ByAdmin December 5, 2022

    जीत की आदत  ( Jeet ki aadat )  जीत की आदत बनाना ही होगा, ना करें बहाना आगे बढ़ना होगा। झूल रहीं उनकी मझधार में नैया, जो परेशानियों से घबराया होगा।।   जीतने का‌ जज़्बा रहता सब को, जीत लेते है जो पक्के ‌ठान लेते। सो बातों की है यह एक ही बात, निड़र होकर…

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  • Kavita purani pension bahal karo
    कविताएँ

    पुरानी पेंशन बहाल करो | Kavita purani pension bahal karo

    ByAdmin December 5, 2022December 5, 2022

    पुरानी पेंशन बहाल करो ( Purani pension bahal karo )   हर मुफलिस का देखो कलम सिपाही हूँ, मैं भी नंगी- पगडंडी का राही हूँ। जीवन जीने का मेरा अपना वसूल है, जो बातें सही नहीं लगती, फिजूल हैं। लोकतंत्र के पिलर तोड़े जाते हैं, औरों के सिर ठिकरे फोड़े जाते हैं। महज तालियों से…

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