Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • Poem hans lo jara
    कविताएँ

    हंस लो जरा मुस्कुरा लो | Poem Hans lo Jara

    ByAdmin December 10, 2022June 30, 2024

    हंस लो जरा मुस्कुरा लो ( Hans lo jara muskura lo )    हंस लो जरा मुस्कुरा लो जिंदगी है चार दिन की खुशियां तुम मना लो कल किसने देखा है खिली सरसों के जैसे हंसो खिलखिला लो तुम पतझड़ की आंधी में टूट बिखर जाओगे जब यादों के पन्नों मे बस फिर रह जाओगे…

    Read More हंस लो जरा मुस्कुरा लो | Poem Hans lo JaraContinue

  • Chaaploosi par kavita
    कविताएँ

    चापलूसी एक हूनर | Chaaploosi par kavita

    ByAdmin December 10, 2022

    चापलूसी एक हूनर ( Chaaploosi ek hoonar )    चापलूसी भी एक कला है जो चमचागिरी कहलाती। सत्ता के गलियारों में यह नेताओं को बहुत लुभाती।   चापलूसी के दम पे कई शहरों में ठेकेदार बन आए। मीठी चाशनी में भीगे शब्द मोहक रसीले खूब भाए।   चमचों की संगठित टीम चापलूसी का हुनर रखते।…

    Read More चापलूसी एक हूनर | Chaaploosi par kavitaContinue

  • Kavita rishta
    कविताएँ

    आखिर मिल ही गया रिश्ता | Kavita rishta

    ByAdmin December 10, 2022December 10, 2022

    आखिर मिल ही गया रिश्ता ( Akhir mil hi gaya rishta )    आखिर मिल ही गया आज हमारे लिए रिश्ता, चार वर्ष से घूम रहें थें जिसके लिए मेरे पिता। यें बाइसवीं साल में जो हमनें कदम रख दिया, सतायें जा रहीं थी पिताजी को हमारी चिन्ता।।   कही पे लड़कें में कमी तो…

    Read More आखिर मिल ही गया रिश्ता | Kavita rishtaContinue

  • Kavita waah zindagi
    कविताएँ

    वाह जिंदगी | Kavita Waah Zindagi

    ByAdmin December 10, 2022July 2, 2024

    वाह जिंदगी ( Waah zindagi ) वाह जिंदगी वाह क्या बात ! तूने याद दिलादी, मुझे मेरी पहली मुलाकात ! यू आईने के सामने खड़ा रहा घंटों देख रहा था शायद अपना वो पहला सफेद बाल! मिला मुझे जब वह करीब से मैंने रंग डाला उसे, काले रंग से तुरंत निकाल ! पहले थोड़ा घबराया…

    Read More वाह जिंदगी | Kavita Waah ZindagiContinue

  • Poem on lamhon
    कविताएँ

    लम्हों को कुरेदने से क्या फायदा | Poem on lamhon

    ByAdmin December 9, 2022

    लम्हों को कुरेदने से क्या फायदा! ( Lamhon ko kuredne se kya fayda )   घोर अंधकार है आफताब तो लाओ, हाथ को काम नहीं रोजगार तो लाओ। हुकूमत बदलने से कोई फायदा नहीं, मर्ज है पुरानी नया इलाज तो लाओ।   नफरत की सुनों दीवार उठानेवालों, प्यार की कोई नई शराब तो लाओ। कहाँ…

    Read More लम्हों को कुरेदने से क्या फायदा | Poem on lamhonContinue

  • Dulha par kavita
    कविताएँ

    मचल गया दूल्हा फिर आज | Dulha par kavita

    ByAdmin December 9, 2022

    मचल गया दूल्हा फिर आज ( Machal gaya dulha phir aaj )    बहुत बताया नही माना दुल्हा, सबके सब सोच रहें क्या होगा। बोला गाड़ी मुझे दहेज में लेना, नही तो बारात अकेला जायेंगा।।   जैसे करके मोटरसाइकिल वे लाऐ, गहना घरवाली का वह बेच आऐ। अब तो लो फेरे आप कॅवर साहब, क्यों…

    Read More मचल गया दूल्हा फिर आज | Dulha par kavitaContinue

  • Poem in Hindi on late general Bipin Rawat
    कविताएँ

    इतिहास याद रखेगा आपको | Poem in Hindi on late general Bipin Rawat

    ByAdmin December 8, 2022December 8, 2022

    इतिहास याद रखेगा आपको ( Itihas yaad rakhega aapko ) (सीडीएस बिपिन जनरल रावत को पुण्यतिथि पर शत-शत नमन)    इतिहास याद रखेगा आज हुआ हेलिकॉप्टर क्रेश, कीर्ति पताका लहराता रहेगा आपका देश-विदेश। यह कर्तव्यों की वेदी पहनकर अमर हो गऐ आप, जनरल को श्रद्धांजलि देता आज पूरा भारत देश।।   सीडीएस बिपिन जनरल रावत‌…

    Read More इतिहास याद रखेगा आपको | Poem in Hindi on late general Bipin RawatContinue

  • Poem in Hindi on birthday
    कविताएँ

    बर्थडे पर कविता | Poem in Hindi on birthday

    ByAdmin December 8, 2022

    बर्थडे पर कविता ( Birthday par kavita )   प्यारी मैम हमारी हो कॉलेज की उजियारी हो नन्हे-मुन्ने हम फूलों की मैंम आप फुलवारी हो। तुम बच्चों में बच्चे हो अपने मन के सच्चे हो प्यार हमें कर जाओ ना ज्ञान हमें दे जाओ ना आशीषित कर जाओ ना हम पर प्यार लुटाओ ना जन्म…

    Read More बर्थडे पर कविता | Poem in Hindi on birthdayContinue

  • Poem on zamana
    कविताएँ

    कैसा अजब ये जमाना आया | Poem on Zamana

    ByAdmin December 8, 2022January 31, 2023

    कैसा अजब ये जमाना आया ( Kaisa ajab ye zamana aaya )     आज कैसा अजब यह ज़माना आया, कही पर धूप और कही पर है छाया। हाल बेहाल है सभी का बिन यें माया, देश यह सारा जैसे आज है घबराया।।   महामारी ने सभी देशों को है हिलाया, उदासियाॅं सबके चेहरे पर…

    Read More कैसा अजब ये जमाना आया | Poem on ZamanaContinue

  • Fauji par kavita
    कविताएँ

    मैं हूॅं फौजी | Fauji par kavita

    ByAdmin December 8, 2022December 8, 2022

    मैं हूॅं फौजी ( Main hoon fauji )      मैं हूॅं फौज का एक फीट जवान, करता में देश की सुरक्षा जवान। डयूटी में नहीं लापरवाहीं करता, दिन व रात यह डयूटी में करता।।   हजार रुपए मुझे रोज़ है मिलता, फ़ौज में सबको मौज यह रहता। थोड़ा बहुत यें ग़म भी हमें रहता,…

    Read More मैं हूॅं फौजी | Fauji par kavitaContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 534 535 536 537 538 … 836 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search