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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Sahodar par chhand
    छंद

    सहोदर | Sahodar par chhand

    ByAdmin December 8, 2022

    सहोदर ( Sahodar )    संग संग जन्म लिया, संग मां का दूध पिया। सहोदर कहलाए, एक मां के पेट से। सम सारे विचार हो, शुभ सारे आचार हो। रूप रंग मधुरता, गुण मिले ठेठ से। समभाव सद्भावों की, जन्मजात प्रभावों की। समता मिल ही जाये, सांवरिया सेठ से। शकल सूरत मिले, दिलों के चमन…

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  • Kavita andhakar peene wale
    कविताएँ

    अंधकार पीनेवाले | Kavita andhakar peene wale

    ByAdmin December 7, 2022December 7, 2022

    अंधकार पीनेवाले! ( Andhakar peene wale )    किसी के जख्मों पर कोई नमक छिड़कता है, तो यहाँ मरहम लगाने वाले भी हैं। कोई हवा को रोने के लिए करता है विवश, तो फिजा को हँसानेवाले भी हैं। मत बहा बेकार में तू इन आंसुओं को, मौत का भी इलाज करनेवाले हैं। जिन्दगी में उतार-चढ़ाव…

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  • Poem main usko dhund raha hoon
    कविताएँ

    मैं उसको ढूँढ रहा हूँ | Poem main usko dhund raha hoon

    ByAdmin December 7, 2022

    मैं उसको ढूँढ रहा हूँ ( Main usko dhund raha hoon )    हम सबकी है वो जान, मेरे प्राणों का वो प्राण , मैं उसको ढूँढ रहा हूँ।   वो देखो है दिन – रात, उसकी कोई नहीं है जाति। उसकी मुट्ठी में संसार, जरा वो रहता है उस पार, परिन्दे करते हैं गुणगान,…

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  • Kavita koi mol nahi us veer ka
    कविताएँ

    कोई मोल नही उस वीर का | Kavita koi mol nahi us veer ka

    ByAdmin December 7, 2022December 7, 2022

    कोई मोल नही उस वीर का ( Koi mol nahi us veer ka )     जो औरों के लिए जिएं ज़िन्दगी मुकम्मल है वही, बन जाएं मरहम किसी का सच्चा इन्सान है वही। बिना रूके बिना थके जिसका जीवन चलता रहें, कोई मोल नही उस वीर का देश की शान है वही।   यह…

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  • Zindagi par chhand
    छंद

    उलझन भरी जिंदगी | Zindagi par chhand

    ByAdmin December 7, 2022December 7, 2022

    उलझन भरी जिंदगी ( Uljhan bhari zindagi )    संघर्षों से भरी जिंदगी, उलझन सी जिंदगी। हौसला बुलंद कर, नेह बरसाइए। राहें कठिन हो चाहे, पथ आंधी तूफां आए। लक्ष्य साध गीत प्यारा, तराना सुनाइए। आसां नहीं है चलना, मुश्किलों से यूं लड़ना। उलझन जिंदगी को, मधुर बनाइए। प्यार के मोती लुटाओ, प्रेम सुधा बरसाओ।…

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  • Hindi poem on Baba Saheb Ambedkar
    कविताएँ

    बाबा साहब आंबेडकर | Hindi poem on Baba Saheb Ambedkar

    ByAdmin December 7, 2022

    बाबा साहब आंबेडकर ! ( Baba Saheb Ambedkar )      सोये हुए दलितों को  बाबा साहब ने जगाया है, हर  झोंपड़ी  में  एक  नई  रोशनी  जलाया  है। किया  संघर्ष  निजी  जीवन  में  सभी के  लिए, हर गिरे हुए लोगों को अपनी गोंद में उठाया है।    क्या-क्या नहीं सहा बाबा साहब आंबेडकर ने, मुरझाये…

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  • “सैनिक की कलम से” पुस्तक का हुआ विमोचन
    साहित्यिक गतिविधि

    “सैनिक की कलम से” पुस्तक का हुआ विमोचन

    ByAdmin December 6, 2022December 6, 2022

    “सैनिक की कलम से” पुस्तक का हुआ विमोचन   छत्तीसगढ़ बीजापुर के भैरमगढ़ फुण्डरी में तैनात केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल की 165 वी वाहिनी के मुख्यालय में नवनिर्मित जवानों के लिए बनाई गई बैरक का उद्घाटन किया गया । इसी के साथ यूनिट  के हेड कांस्टेबल गणपत लाल उदय के द्वारा रचित काव्य संग्रह ”…

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  • Dr. Bhim Rao Ambedkar par kavita
    कविताएँ

    वो महामानव | Dr. Bhim Rao Ambedkar par kavita

    ByAdmin December 6, 2022December 6, 2022

    वो महामानव  ( Wo mahamanav )      वन्दन करतें बाबा आपकों हम सब बारम्बार, दिलाया आपनें ही हमें मौलिकता अधिकार। समाजिक शैक्षणिक और आर्थिक अधिकार, समान राजनीति और नागरिक के अधिकार।।   आपनें ही इस प्रजा‌तन्त्र को मजबूती है दिया, मत और मूल्य के तत्वों को प्रस्थापित किया। विद्युत-प्राधिकरण के मार्ग को प्रशस्त किया,…

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  • Kavita gudari ke laal
    कविताएँ

    हम है गुदड़ी के लाल | Kavita gudari ke laal

    ByAdmin December 6, 2022December 6, 2022

    हम है गुदड़ी के लाल ( Hum hai gudari ke laal )     कभी न कभी तो आएंंगे हमारे भी अच्छे दिन, सफलताएं क़दम चूमेगी हमारा भी एक दिन। हम है गुदड़ी के लाल और नाम गणपत लाल, दिखा देंगे कुछ ऐसा करके हम भी एक दिन।।   सर्दी गर्मी बारिश और इस आग…

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  • Kavita baat baat mein algav ki
    कविताएँ

    बात बात में अलगाव की | Kavita baat baat mein algav ki

    ByAdmin December 6, 2022

    बात बात में अलगाव की ( Baat baat mein algav ki )  #JNU बात बात में अलगाव की भाषा बोल रहे हो तुम। शिक्षा के मंदिर में नित,विष को घोल रहे हो तुम।।   कैसी आजादी की तुमने, मांग करी है पढ़ने में। बुद्धि कौशल लगा घूमते, षड़यंत्रों को रचने में।।   आजादी की मांग…

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