• क्या हुआ कैसे हुआ कितना हुआ

    क्या हुआ कैसे हुआ क्या हुआ कैसे हुआ कितना हुआजो हुआ वो था नहीं सोचा हुआ फिर से रस्ते पर निकल आए हैं लोगफिर से देखा वो ही सब देखा हूआ दर्द तन्हाई अंधेरा सब तो हैंमैं अकेला तो नहीं बैठा हुआ उड़ गयी उल्फ़त किसी दीवार सेधूप में धुंधला गया लिख्खा हुआ इक रियासत…

  • अलौकिक भारत भूमि

    अलौकिक भारत भूमि ज्ञान विज्ञान का पोषक रहा भारत ,ज्योतिषी ज्ञान,जग को वेद दिया ।शुश्रुत ने दी शल्य चिकित्सा वही,चरक,धनवंतरी ने आयुर्वेद दिया।। वराहमिहिर,ब्रह्मगुप्त,बौधयान और,कणाद,भास्कराचार्य विज्ञ यही हुए।जहाँ आर्यभट्ट ने जग को शून्य दिया,तो योग पतंजलि से लोग नीरोग हुए।। विदुषी, मनीषियों से भरा देश मेरा,कला साहित्य में सदा समृद्ध रहा।कालिदास,कबीरा ,तुलसी,जायसी ,सूर,मीरा,रत्नाकर कर वद्ध…

  • गणतंत्र दिवस

    एक छोटे से गाँव में एक छोटा लड़का रहता था, जिसका नाम रोहन था। गणतंत्र दिवस नजदीक था। रोहन की बड़ी बहन मोनी गणतंत्र दिवस के अवसर पर देशभक्ति गीत सुनाने की घर पर तैयारी कर रही थी। रोहन को बार बार गणतंत्र दिवस का नाम सुनने को मिल रहा था। वह समझ नहीं पा…

  • लता सेन की कविताएं | Lata Sen Hindi Poetry

    हरियाली प्रकृति का श्रृंगार प्रकृति का श्रृंगार हरियालीजीवन का आधार हरियाली देखो धरती की बदली है कायाप्रकृति ने ओढ़ी हरि चुनरियानजारों ने आंखों को लुभायामहक उठे फुल चारों ओर छाई हरियाली ।प्रकृति का श्रृंगार हरियालीजीवन का आधार हरियाली ……. देख इस सब हैं हर्षातेमन ही मन है मुस्कातेनहीं करती यह भेदभावसबको करती उल्लासित हरियाली।प्रकृति का…

  • किधर जाता है

    किधर जाता है राह-ए-उल्फ़त से परेशान, किधर जाता हैअपनी मंज़िल से भी अनजान किधर जाता है झूठ से हार के नादान किधर जाता हैमार के अपना तू ईमान किधर जाता है बिक रहा हूँ सरे बाज़ार तेरी शर्तो परदे के मुझको तू ये नुक़सान किधर जाता है तेरी यादों का उठा था जो मेरे सीने…

  • मां की आँखों के हम भी तारे हैं

    मां की आँखों के हम भी तारे हैं मां की आँखों के हम भी तारे हैंमेरे जैसे ज़मीं पे सारे हैं। इक नदी सी है ज़िन्दगी यारोसुख के मिलतें नहीं किनारे हैं देखता आजकल जिधर मुड़करहर तरफ़ ग़म के आज मारे हैं हम ख़ुशी की तलाश में अब तकग़म के मारे थे ग़म के मारे…

  • 76 वां गणतंत्र दिवस

    76 वां गणतंत्र दिवस गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभ कामनायें –गणतंत्र दिवस के पर्व पर हम प्रभु में रत हों जायें ।समय के चक्र को समझ सत्संगत में रम जायें ।नैतिक जीवन को जीकर समता रस को पी लें ।मानव का तारणहारा धर्म का जीवन जी लें ।धर्म के सोपान से अपने जीवन का बाग…

  • राष्ट्रीय युवा दिवस : स्वामी विवेकानंद जयंती

    राष्ट्रीय युवा दिवस: स्वामी विवेकानंद जयंती धन्य भूमि भारत में जन्मे,एक सरल ह्रदय सन्यासी।मानवता का पाठ पढ़ाकर,सोच बदल दी दुनिया की।। वह नरेंद्र से बन गए संन्यासी,छोड़ी एक छाप युवा मन पे।माया, मोह, विनोद छोड़कर,बल्कल वस्त्र धारण तन पे।। राम कृष्ण को गुरु बनाकर ,ब्रह्म से साक्षात्कार किया।पचीस वर्ष में योगी बनकर ,प्रण राष्ट्र चेतना…

  • भगवत दर्शन तुम्हें कराएँ

    भगवत दर्शन तुम्हें कराएँ भेद भाव के पथ को त्यागेंचलो चलें हम कुंभ नहाएँ ।संत जनों का पुण्य समागम,भगवत दर्शन तुम्हें कराएँ ।। गंगा यमुना सरस्वती सेसारे जग की प्रीति पुरानी ।रात लगे रानी दिन राजाशुभ संगम की अमर कहानी।। सत्य सनातन भारत की जयसंस्कृति अपनी तुम्हें दिखाएँ ।चलो चले हम कुंभ नहाएँ ।। साधु…

  • नारी के कारण ही तुम सब धरा पर हो!

    आजकल देखा जा रहा है कि, जो भारतीय नारियाँ हैं, उनको दुनियाँ में जो हक़ व सम्मान मिलना चाहिए, वो सब नहीं मिल पा रहा है। नारी का सम्मान करना तो हम सबका परम कर्तव्य है। हमेशा सभी का जग में नारी का सम्मान करना बेहद जरूरी है, क्योंकि नारी के दम से ही ये…