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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Kavita salika sikhayenge
    कविताएँ

    सलीका सिखाएँगे | Kavita salika sikhayenge

    ByAdmin November 26, 2022November 26, 2022

    सलीका सिखाएँगे! ( Salika sikhayenge )   हम सिर्फ जिन्दा रहे,तो मर जाएँगे, देश के लिए जिएँ, तो जी जाएँगे। मुबारक हो उन्हें जो सोते रुपयों पे, हम तो वहाँ खाली हाथ जाएँगे।   तुम खफा न हो जमीं-आसमां से, हम सितारे जमीं पे उतार लाएँगे। अपने बसेरों से पंछी लौट न जाएँ, हम उनका…

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  • Samvidhan divas par kavita
    कविताएँ

    संविधान दिवस | Samvidhan Divas par Kavita

    ByAdmin November 26, 2022November 26, 2023

    संविधान दिवस ( Samvidhan divas )  ( 2 )   प्रेरणा पुंज आभा में, हिंद धरा अभिजागर यथार्थ स्वतंत्रता परम प्रहरी, हर नागरिक हित रक्षक । शासन प्रशासन उत्तम सेवा, अंकुश राष्ट्र संसाधन भक्षक । लिखित प्रथम वैश्विक पटल, सांविधिक समाहर्ता महासागर । प्रेरणा पुंज आभा में, हिंद धरा अभिजागर ।। अनूप प्रयास अंबेडकर, सर्व…

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  • Poem ghanta ghar ki char ghadi
    कविताएँ

    घंटाघर की चार घड़ी | Poem ghanta ghar ki char ghadi

    ByAdmin November 26, 2022November 26, 2022

    घंटाघर की चार घड़ी ( Ghanta ghar ki char ghadi )   घंटाघर की चार घड़ी, चारो में जंजीर पड़ी। जब वो घंटा बजता था, रेल का बाबू हंसता था।।   हंसता था वो बेधड़क, आगे देखो नई सड़क। नई सड़क मे बोया बाजरा, आगे देखो दिल्ली शाहदरा।।   दिल्ली शाहदरा में लग गई आग,…

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  • Hindi muktak
    कविताएँ

    शीत | Hindi muktak

    ByAdmin November 25, 2022

    शीत ( Sheet )   सर्द हवाएं ठंडी ठंडी तन ठिठुरन सी हो जाती है कंपकंपी छूटती तन बदन में सर्दी खूब सताती है ठंडा माह दिसंबर का सर्दी का कोप बड़ा भारी कोहरा धुंध ओस छा जाये बर्फबारी हो जाती है।   बस दुबके रहो रजाई में अलाव कहीं जला देना स्वेटर मफलर कोट…

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  • Jeevan par Hindi kavita
    कविताएँ

    जीवन की परिभाषा | Jeevan par Hindi kavita

    ByAdmin November 25, 2022

    जीवन की परिभाषा ( Jeevan ki paribhasha )   हां! हम हर बात को बोलते है डंके की चोट, नही है हमारे मन में किसी प्रकार की खोट। पीठ- पीछे बोलें ऐसी आदतें नही है हमारी, चाहें रुठ जाऐ दुनियां अथवा बांटे हमें नोट।।   सही को सही एवं गलत को गलत है कहते, समझने…

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  • Geet in Hindi
    कविताएँ

    क्या चाहती हो सुन्दर नारी | Geet in Hindi

    ByAdmin November 25, 2022November 25, 2022

    क्या चाहती हो सुन्दर नारी ( Kya chahti ho sundar nari )   क्या चाहती हो सुंदर नारी विश्वास प्रेम से भरी हुई तुम राग प्रीत की मूरत हो जग को जीवन देने वाली क्यूं पीले पात सुखी आशा दामन में अपने रखती हो क्यूं जुगनू सी धीमे चलकर हर पल आगे तुम बढ़तीहो क्यूँ…

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  • Darpan par kavita
    कविताएँ

    दर्पण कभी झूठ नही बोलता | Darpan par kavita

    ByAdmin November 24, 2022November 24, 2022

     दर्पण कभी झूठ नही बोलता ( Darpan kabhi jhooth nahi bolta )    दर्पण कभी कोई झूठ नही बोलता, पक्षपात यें किसी से भी ना करता। जैसा है वैसा यें प्रतिबिम्ब दिखाता, जो इसमें देखता ‌इठलाता-शर्माता।।   सामनें आकर सभी इसके सॅंवरता, बहुत ही गहरा इससे सबका नाता। अनेंको चेहरे यह बनाकर दिखाता, दर्पण कभी…

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  • Kavita Jada aaya
    कविताएँ

    जाड़ा आया | Kavita Jada aaya

    ByAdmin November 24, 2022November 24, 2022

    जाड़ा आया  ( Jada aaya )   आया जाड़ा की ऋतु प्यारा बदल गया है मौसम सारा फसल पाकि गय कटि गय धान ढोंइ अनाज लइ जाय किसान पड़य शीत खूब ठरै बयार कबहूं पाला कबहुं तुषार शीत ठरै कापैं पशु पक्षी धूप लगै तब तन को अच्छी जाड़े की हैं बात निराली धूप लगे…

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  • Kavita mere piya phase hain pradesh
    कविताएँ

    मेरे पिया फंसे है परदेश | Kavita mere piya phase hain pradesh

    ByAdmin November 24, 2022November 24, 2022

    मेरे पिया फंसे है परदेश ( Mere piya phase hain pradesh )      मेरे पिया फंसे है परदेश, वहां से दिया है मुझे निर्देश। बाहर का खाना नही खाना है, भीड़ में बिलकुल नही जाना है।।   कहा है रहना तुम निवास, और रखना प्रभु पर विश्वास। धीरज बिलकुल नही खोना है, सफाई का…

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  • Haal-e-Dil Shayari
    शेरो-शायरी

    हाले दिल | Haal-e-Dil Shayari

    ByAdmin November 24, 2022November 24, 2022

    हाले दिल ( Haal-e-Dil )      याद परदेश में आता परिवार है दिल मिलने को बहुत यार लाचार है   हाल दिल का सुनाऊँ किसे मैं यहाँ इस नगर में नहीं कोई भी यार है   ज़िंदगी भर ख़ुदा उस हंसी से मिला जिस हंसी का हुआ आज दीदार है   मुफ़लिसी हूँ मिलाया…

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