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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Papa par kavita
    कविताएँ

    पिता की स्नेहाशीष पाती | Papa par kavita

    ByAdmin November 21, 2022

    पिता की स्नेहाशीष पाती ( श्रृद्धांजलि )  एक स्नेहाशीष चिट्ठी को तरसता मेरा मन आज बरबस दिवंगत पिता को याद करता है दस बरस पहले अनायास जो चले गए थे तुम आज भी आप की चिट्ठी की राह तकती हूँ कईं पत्रों को भेजकर कुशल पूछा करते थे अक्सर बेटी को नेह देने का तरीका…

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  • अन्तर्राष्ट्रीय साहित्य संगम पर लगा देश विदेश के चुनिंदा साहित्यकारों का मेला
    साहित्यिक गतिविधि

    अन्तर्राष्ट्रीय साहित्य संगम पर लगा देश विदेश के चुनिंदा साहित्यकारों का मेला

    ByAdmin November 21, 2022November 21, 2022

    आद० श्री मुन्नालाल प्रसाद जी के सयोजन में धमाकेदार , सफल एवं रंगारंग काव्यांजलि सम्पन्न हुई हिन्दी साहित्य में छायावाद के प्रवर्तक बहुमुखी प्रतिभा संपन्न कलाकार जयशंकर प्रसाद एक ऐसे महाकवि थे जिन्होंने अपनी रचनाओं में भारत के गौरवशाली इतिहास एवं संस्कृति के संदर्भ में वर्तमान की व्याख्या की है। इनके साहित्य के मूल में…

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  • हमको नशा है | Kavita in Hindi on desh bhakti
    कविताएँ

    हमको नशा है | Kavita in Hindi on desh bhakti

    ByAdmin November 21, 2022November 21, 2022

    हमको नशा है ( Humko nasha hai )      हमको नशा है अपने वतन के ध्वज का, भारत के प्यारे अपने इस संविधान का। राष्ट्रीय-गीत और हमारे राष्ट्रीय-गान का, हिन्द का गौरव इस हिंदी राजभाषा का।।   राष्ट्रीय पक्षी मोर व राष्ट्रीय पशु बाघ का, खेल में हाकी व राष्ट्रीय मुद्रा रुपया का। चिन्ह…

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  • Kavita swarg narak ka dwar
    कविताएँ

    स्वर्ग नर्क का द्वार यही है | Kavita swarg narak ka dwar

    ByAdmin November 21, 2022

    स्वर्ग नर्क का द्वार यही है ( Swarg narak ka dwar yahi hai )   आज सभी की ज़िंदगी थोड़ी अस्त व्यस्त है, लेकिन हाॅं यह फिरभी बड़ी जबरदस्त सी है। इसको जबरदस्ती से कोई नही जीना यारों, स्वयं को जबरदस्त बनाकर इसको जीना है।।   सोच समझकर ये अपनें क़दम आगे रखना, अपनें कर्म…

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  • Aatmahatya par kavita
    कविताएँ

    आत्महत्या बुजदिलों का काम | Aatmahatya par kavita

    ByAdmin November 21, 2022November 21, 2022

    आत्महत्या बुजदिलों का काम ( Aatmahatya buzdilon ka kam )      आत्महत्या करना बुजदिलों का काम, कोई नहीं करें यह शैतानों वाला काम। यह आत्महत्या कोई समाधान नहीं है, कष्ट एवं परेशानी का निवारण नहीं है।।   हौंसला एवं हिम्मत रखों सब हृदय में, हार और जीत चलती रहतीं जीवन में। खट-पट गिरना व…

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  • Kuntha par chhand
    छंद

    कुंठायें जीवन का अवसान | Kuntha par chhand

    ByAdmin November 21, 2022November 21, 2022

    कुंठायें जीवन का अवसान ( Kunthaye jeevan ka avsan )      चिंता चिता समान है, कुंठायें हैं अवसान। जीवन को आनंद से, जरा भर लीजिए।   सब को खुशी बांटिये, नेह मोती अनमोल। घुटन भरे कुंठाएं, थोड़ा प्रेम कीजिए।   हर्ष मौज आनंद की, गर चाहो बरसात। ईर्ष्या द्वेष लोभ मद, जरा त्याग दीजिए।…

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  • Man ke geet
    कविताएँ

    खुशी से झूमता है मन | Man ke geet

    ByAdmin November 21, 2022

    खुशी से झूमता है मन ( Khushi se jhoom ta hai man )    हर्ष का उमड़ पड़ा सावन वादियां महक उठी भावन। प्रीत भरी बूंदे भिगो रही तन खुशी से झूमता है मन। खुशी से झूमता है मन   इठलाती बलखाती लहरें बहती भावों की धारा। दिल की धड़कन गीत गाए मनमीत मिला प्यारा‌…

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  • Kavita viral hone ka chaska
    कविताएँ

    वायरल होने का चस्का | Kavita viral hone ka chaska

    ByAdmin November 20, 2022

     वायरल होने का चस्का ( Viral hone ka chaska )     सबको लगा है आजकल वायरल होने का चस्का, फेमस हो जाऊं कुछ भी करके ऐसी है ‌यह मंशा। लड़के-लड़कियां युवा व्यक्ति चाहें उम्र वृद्धावस्था, चढ़ा हुआ है हर व्यक्ति को गहरा इसका ये नशा।।   चिपके हुए रहते है सभी आज मोबाइलों में…

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  • Pajeb par kavita
    कविताएँ

    यह पांव की पाजेब | Pajeb par kavita

    ByAdmin November 20, 2022November 20, 2022

    यह पांव की पाजेब ( Yeh paon ki pajeb )      ख़ूबसूरती बढ़ा देती है यह पांव की पाजेब, ध्यान सब का हटा देती जब बजती पाजेब। यह भी मुख्य श्रृंगार है विश्व में हर नारी का, खरीददारी में ‌खाली हो जाती मर्द की ज़ेब।।   नयी-नवेंली दुल्हन इससें शरमाती इठलाती, दूर दूर तक…

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  • Kavita bagawat nahi hoti
    कविताएँ

    बगावत नहीं होती | Kavita bagawat nahi hoti

    ByAdmin November 20, 2022November 20, 2022

    बगावत नहीं होती! ( Bagawat nahi hoti )    भगवान की अदालत में वकालत नहीं होती, किसी के चिल्लाने से कयामत नहीं होती। जहाँ रहेंगे सच्चरित्र औ पक्के ईमानवाले, किसी के भड़काने से बगावत नहीं होती।   इतना सीख चुका हूँ मैं इन आबो-हवा से, किसी से मुझे अब शिकायत नहीं होती। पैसे का नशा…

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