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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Poem baccho ke liye
    कविताएँ

    एक से दस तक गिनती | Poem baccho ke liye

    ByAdmin November 12, 2022

     एक से दस तक गिनती ( Ek se das tak ginti )   एक बड़े राजा का बेटा, दो दिन से मुर्दा सा लेटा।   तीन महात्मा सुन कर आए, चार दवा के वे टुकड़े लाए।   पांच मिनिट घिस गर्म कराई छः छः घंटे बाद दवा पिलाई।   सातवे दिन कुछ नैना खोले, आठवें…

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  • Pension milpayegi
    कविताएँ

    पेंशन मिल पायेगी | Chanchal poetry

    ByAdmin November 12, 2022November 12, 2022

    पेंशन मिल पायेगी ( Pension mil payegi )   सुनो पति जी छोड़ अलाली, जाओ सबके साथ। पेंशन मिल पायेगी, मिल के जाने के बाद ।।   सबके हक के काजे लड़ रहे अपने सारे भाई तुम घर में बस बैठे खा रहे, ओढ़े मस्त रजाई हाथ पांव के कष्ट जरा दो, जाओ सबके साथ।…

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  • वरिष्ठ पत्रकार डॉ० भंवर सुराणा की स्मृति में 12 नवंबर को राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का उदयपुर में आयोजन
    साहित्यिक गतिविधि

    वरिष्ठ पत्रकार डॉ० भंवर सुराणा की स्मृति में 12 नवंबर को राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का उदयपुर में आयोजन

    ByAdmin November 11, 2022

    वरिष्ठ पत्रकार डॉ० भंवर सुराणा की स्मृति में 12 नवंबर को राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का उदयपुर में आयोजन   राब्ता और रविन्द्र स्पंदन द्वारा पत्रकारिता के पुरोधा स्वर्गीय भंवर सुराणा की स्मृति में शनिवार को दोपहर साढ़े तीन बजे से आरएनटी मेडिकल कॉलेज सभागार में देश के श्रेष्ठ 10 से अधिक कवि एवं कवयित्री काव्य…

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  • Kavita school ka pehla din
    कविताएँ

    वो स्कूल का पहला दिन | Kavita school ka pehla din

    ByAdmin November 11, 2022

    वो स्कूल का पहला दिन ( Wo school ka pehla din )   याद हमको आता है आज भी वो दिन, स्कूल का हमारा वह ऐसा पहला दिन। खुशी थी इतनी कि सोऍं नही रात-भर, उठ गऐ जल्द मम्मी पापा भी उसदिन।।   पाॅंच वर्ष की उम्र थी उस समय हमारी, प्यारी और न्यारी ये…

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  • Kavita hansti aankhon ka
    कविताएँ

    मैं हंसती आंखों का गहना | Kavita hansti aankhon ka

    ByAdmin November 11, 2022November 11, 2022

    मैं हंसती आंखों का गहना ( Main hansti aankhon ka gahana )    मैं हंसती आंखों का गहना तुम नयनों में रहती हो। धड़कनें बढ़ जाती है जब भी तुम कुछ कहती हो।   खिला खिला सा चेहरा ये तुमको पाकर महक उठा। मन का पंछी मनमौजी बन चमन पाकर चहक उठा।   बहती धारा…

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  • Hindi bal kavita
    बाल साहित्य

    बाल कविता | Hindi bal kavita

    ByAdmin November 11, 2022June 21, 2023

    बाल कविता ( Bal kavita )   अ से अनार,आ से आम, ये दोनो है फलों के नाम।   इ से इमली,ई से ईख, अच्छी बाते सदा सीख।   उ से उस्तरा,ऊ से उल्लू, पढ़ो लिखो बनो न उल्लू।   ए से एडी ऐ से बनी है ऐनक, टी वी कम देखो,नही लगेगी ऐनक  …

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  • Shantilal Soni Poetry
    कविताएँ

    उधार | Shantilal Soni Poetry

    ByAdmin November 11, 2022

    उधार ( Udhaar )    सुबह धूप माँगी दोपहर में छाँव शाम को कंचन सा व्योम रात सितारे चाँद चाँदनी शुद्ध हवा व साँसें कभी हरियाली फूलों की डाली कभी फल मेवा अनाज की बाली पीने को पानी वर्षा इंद्रधनुष चूनर धानी सब कुछ जीवनभर उधार ही तो लिया है फिर बेचा है इन सबको…

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  • Maa pe kavita
    कविताएँ

    माँ | Maa pe kavita

    ByAdmin November 11, 2022November 11, 2022

    माँ ( Maa )   कद्र करो उस मां की नौ महीनें तक रखा अपने गर्भ मे उम्र भर रखा जिसने ममता कीगोद में ताउम्र रखा अपने दिल में तेरी ये दौलत तेरी ये शोहरत तेरे यह कीमती सारे लिबास जिसमें ना हो मां का आशीष और आशीर्वाद मां बिना सारे बेगाने बेजार खुशियां यह…

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  • Kavita dhoondte hi reh jaoge
    कविताएँ

    इक्कीसवीं सदी में ढूंढते ही रह जाओगे | Kavita dhoondte hi reh jaoge

    ByAdmin November 11, 2022November 11, 2022

    इक्कीसवीं सदी में ढूंढते ही रह जाओगे ( Ikkeesaveen sadi me dhoondhte hi rah jaoge )   दीवारों में बड़े आले, सुसराल में दस साले। कबड्डी में लंबे पाले, शादी के बाद गौने चाले। इक्कीसवीं सदी में, ढूंढते ही रह जाओगे।। घरों में सिल बट्टा, गले में पड़ा दुपट्टा। तराजू में बाट बट्टा, दोस्तो में…

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  • Yatayat ke niyam par kavita
    कविताएँ

    यातायात के नियम | Yatayat ke niyam par kavita

    ByAdmin November 11, 2022November 11, 2022

    यातायात के नियम  ( Yatayat ke niyam )   यातायात के नियमों का पालन सबको है करना, टू व्हीलर चाहें फोर व्हीलर तेज़ न कोई चलाना। है अनमोल यह मानव जीवन ध्यान सभी रखना, ख़ुद बचकर दूजे को बचाकर साधन यें चलाना।।   सिगनल एवं रास्ता देखकर सदा साधन चलाना, ना दौड़ना ना भागना बायीं…

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