Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • Shiksha ka mahatva par kavita
    कविताएँ

    शिक्षा का महत्व | Shiksha ka mahatva par kavita

    ByAdmin November 11, 2022November 11, 2022

    शिक्षा का महत्व  ( Shiksha ka mahatva )   उच्च विचार अंतर्मन दौड़े, ऊंची उड़े उड़ान। प्रगति पथ पर बढ़ चले, उन्नति के सोपान।   स्वप्न सुनहरे सच हो, चले विकास की लहर। सुविधाओं से संपन्न हो, हर गांव हर शहर।   शिक्षा का सूरज दमके, निर्माण हो भरपूर। चहुमुखी विकास करें, हो हर शख्स…

    Read More शिक्षा का महत्व | Shiksha ka mahatva par kavitaContinue

  • Uttarakhand par kavita
    कविताएँ

    देव भूमि उत्तराखंड | Uttarakhand par kavita

    ByAdmin November 10, 2022

    देव भूमि उत्तराखंड ( Dev Bhoomi Uttarakhand )   ऋषि मुनियों की तपोस्थली बहती कल कल धारा उत्तराखंड देवभूमि पावन हो जहां हिमालय प्यारा   ऊंची ऊंची पर्वत चोटियां पावन सरिताएं बहती हसीं वादियां मनभावन कुदरत भी हर्षाती रहती   देवदार के वन घने जहां पर देव रमण को आते फल फूलों से लदी धरा…

    Read More देव भूमि उत्तराखंड | Uttarakhand par kavitaContinue

  • Kavi ki kavita
    कविताएँ

    कवि की कविता | Kavita kavi ki

    ByAdmin November 10, 2022November 10, 2022

    कवि की कविता  ( Kavi ki kavita )    अब हम भी लिखेंगें  ऐसी कविता ख़ास, कर ली जो हमनें कक्षा मैट्रिक यह पास। ज्ञान विज्ञान और हिन्दी गणित के साथ, करेंगें अब हम  साहित्यिक मंच विकास।।   सीखा व्यंजन और सीखा स्वर का ज्ञान, सीखें हमने शब्द और इनके बहुत अर्थ। गद्य पद्य पाठ…

    Read More कवि की कविता | Kavita kavi kiContinue

  • Ghar ki yaad shayari
    शेरो-शायरी

    याद परदेश में आता परिवार है | Ghar ki yaad shayari

    ByAdmin November 10, 2022November 10, 2022

    याद परदेश में आता परिवार है ( Yaad pradesh mein aata parivar hai )      याद परदेश में आता परिवार है दिल मिलने को बहुत यार लाचार है   हाल दिल का सुनाऊँ किसे मैं यहाँ इस नगर में नहीं कोई भी यार है   ज़िंदगी भर ख़ुदा उस हंसी से मिला जिस हंसी…

    Read More याद परदेश में आता परिवार है | Ghar ki yaad shayariContinue

  • Ai andhere kavita
    कविताएँ

    ऐ अँधेरे | Ai andhere kavita

    ByAdmin November 9, 2022November 10, 2022

    ऐ अँधेरे ( Ai Andhere )   ऐ अँधेरे तूने मुझे बहुत रुलाया है समेट कर सारी रोशनी मुझे सताया है तुझ से दूर जाने के किये बहुत यतन जाने क्यूं मेरी जिन्दगी को बसेरा बनाया है ऐ अँधेरे तूने वाकयी बहुत रुलाया है समेट कर सारी रोशनी मुझे सताया है कौन सी धुन मे…

    Read More ऐ अँधेरे | Ai andhere kavitaContinue

  • Geet preet ki yahi reet hai
    गीत

    प्रीत की यही रीत है | Geet preet ki yahi reet hai

    ByAdmin November 9, 2022December 3, 2022

    प्रीत की यही रीत है ( Preet ki yahi reet hai )     मन से मन का मिलन ही दिल के तारों का संगीत है। दिल से दिल जब मिले धड़कने गाती प्यारा गीत है। प्रीत की यही रीत है हद से ज्यादा हुई चाहत कोई सबसे प्यारा लगे। चैन आ जाए मन को…

    Read More प्रीत की यही रीत है | Geet preet ki yahi reet haiContinue

  • Geet phoolo mat
    कविताएँ

    हद से ज्यादा फूलो मत | Geet phoolo mat

    ByAdmin November 9, 2022November 9, 2022

     हद से ज्यादा फूलो मत ( Had se jyada phoolo mat )     गफलत मे रह झूलो मत, मर्यादा कभी भूलो मत। हद से ज्यादा फूलो मत, अपनों को भी भूलो मत। मर्यादा कभी भूलो मत अपने अपने ही होते हैं, अतुलित प्रेम भरा सागर। मोती लुटाते प्यार भरा, अपनों से ही मिलता आदर।…

    Read More हद से ज्यादा फूलो मत | Geet phoolo matContinue

  • Rishte kavita
    कविताएँ

    पहले के रिश्ते | Rishte kavita

    ByAdmin November 9, 2022March 17, 2023

    “पहले के रिश्ते” ( Pahale ke rishte )   पहले के लोगो में रिश्तो का ज्ञान था औरत की इज्जत का सबको ध्यान था।   बड़े और छोटों की घर में थी पहचान कच्चे थे घर उनके मगर पक्के थे ईमान।   मान सम्मान से बंधी थी रिश्तो की डोरी विश्वास और मर्यादा में नहीं…

    Read More पहले के रिश्ते | Rishte kavitaContinue

  • Kavi par kavita
    कविताएँ

    कवि की दुनिया जैसे न्यारी है | Kavi par kavita

    ByAdmin November 9, 2022November 9, 2022

    कवि की दुनिया जैसे न्यारी है  ( Kavi ki duniya jaise nyari hai )      शब्द-शब्द पिरोकर लेखक बुक माला बना देते, भाव अपनें मन के ये इसी क़लम से लिख देते। इन कवियों की दुनिया सब से अलग हीं लगती, कविता से कहानी कहानी से कविता बना देते।।   कल्पना से सोचकर लेखक…

    Read More कवि की दुनिया जैसे न्यारी है | Kavi par kavitaContinue

  • Periods par kavita
    कविताएँ

    पीरियड्स | Periods par kavita

    ByAdmin November 9, 2022November 9, 2022

     पीरियड्स ( Periods )    तेरह वर्ष की उम्र में मुझको हुआ पहली बार, पेट के नीचे दर्द हुआ जैसे फूटा कोई गुब्बार। कमर दुखना चक्कर आना क्या हुआ है यार, किसको बताऊॅं रक्तस्राव हुआ योनी के द्वार।।     घबराई एवं शरमाई डरते-डरते घर तक आई, क्या हुआ है मेरे साथ सोच कर मैं…

    Read More पीरियड्स | Periods par kavitaContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 550 551 552 553 554 … 834 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search