• अभियंता | kavita abhiyanta

    अभियंता ( Abhiyantā )   हे अभियंता शिल्प नियंता तुम सृजन के आधार। बुद्धि विवेक ज्ञान के सागर हो सच्चे रचनाकार।   गुण माप तोल सब रखते रचते कीर्तिमान। गढ़ लेते कृति आप बने जीवन का आधार।   सकल जगत को देकर जाते निर्माणों की सौगात। याद करे दुनिया सारी जुबा पे होती सुहानी बात।…

  • पिता | Pita par kavita in Hindi

    पिता ( Pita )   वह तो नहीं है पर याद बहुत आती है आगे बढ़ो खुश रहो हर पल जियो यह मेरे कानों में आवाज आती है गूंजते है शब्द उनके पापा जैसे पास खड़े पलक बंद करूं तो छवि मुस्कुराती है कितने दिन हो गए बरसो ही गुजर गए आज भी मुझे मेरे…

  • पता है | Pata hai

    पता है ( Pata hai )   जब विश्वास टूटता है, उस वेदना का कोई परिसीमन नहीं होता, क्यों कि हर टूटने वाली चीज़ भी दोबारा जोड़ी जा सकती है, लेकिन जब मन टूटता है, तब चाहे सारे हालात पहले की तरह हो जायें, हम खुद को नकार कर भरोसा दोबारा भी बनाने की कोशिश…

  • हिंदी भाषा | Poem Hindi bhasha

    हिंदी भाषा ( Hindi bhasha )   हिंदी वह भाषा जिसमें हंसते गाते तुम l हिंदी वह भाषा जिसमें सहज सुगमता पाते तुमl हिंदी वह भाषा जिसमें सुख समृद्धि पाते तुमl हिंदी वह भाषा है जिसमें संतों गुरुओं का आशीष पाते तुमl हिंदी भाषा से जुड़कर ज्ञान विज्ञान पाते तुम l हिंदी वह भाषा है…

  • हिन्दी | Hindi par poem

    हिन्दी ( Hindi )   बावन वर्णों से सजी हुई,मधुमय रसधार बहाती है। यह हिन्दी ही है जो जग में,नवरस का गीत सुनाती है।। संस्कृत प्राकृत पाली से शुभित, हिंदी जनमानस की भाषा, तू ज्ञान दीप बनकर प्रतिफल,कण कण में भरती है आशा, हिम नग से सागर तक अविरल, सौहार्द मेघ बरसाती है।। यह हिन्दी…

  • जीवन यही है | Poem jeevan yahi hai

    जीवन यही है ( Jeevan yahi hai )   ना धरा में ना नभ में ना गहरे समंदर में। खोज खोज के खुद को खोया झाँका नहीं खुद के अंदर में। राहों से तु भटक ना राही किंचित सही नहीं है। अंतर्मन हि असीम सत्य है, यक़ीनन जीवन यही है। अल्फाज़ों में जो समझाऊं तो…

  • जिन्दगी | Zindagi

    जिन्दगी ( Zindagi )   हमेशा तो ये नहीं होता कि जो हम चाहें, जिन्दगी वैसे ही चले। उतार-चढ़ाव जीवन का हिस्सा है। धीरे-धीरे हम शिकायतें करना बंद कर देते हैं। हर हाल मे ऐसा अनुभव करने लगते हैं, जैसे जो भी चल रहा है, ठीक है। हम ठीक हैं। होना कोई नहीं चाहता, लेकिन…

  • खुद भी हिंदी बोलिये | 14 September Hindi diwas par kavita

    खुद भी हिंदी बोलिये ( Khud bhi hindi boliye )   खुद भी हिंदी बोलिये, औरों को दो ज्ञान। हिंदी में ही है छिपा, अपना हिंदुस्थान।।   चमत्कार हर शब्द में, शब्द शब्द आनंद। विस्तृत है साहित्य भी, दोहा रोला छंद।।   सब भाषा का सार है, सबका ही आधार। माँ हिंदी की वंदना, सुधि…

  • राईज कोचिंग नवलगढ़ में हुआ हिंदी दिवस पर कार्यक्रम

    नवलगढ़: कस्बे में घुमचक्कर शहीद स्मारक के सामने स्थित राईज कोचिंग में शब्दाक्षर साहित्यिक संस्था एवं राईज समूह के संयुक्त तत्त्वावधान में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया । कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. दयाशंकर जाँगिड़ ने की मुख्य अतिथि सैनी समाज के अध्यक्ष सुरेन्द्र सैनी फूलवाला रहे । कवि सम्मेलन में कवि हरेन्द्र त्यागी ने…

  • हिन्दी | Poem on Hindi

    हिन्दी ( Hindi )   हिन्दी के सम्मान मे मित्रो ,लिख लो कह लो आज । एक वर्ष के बाद पुनः फिर, होगी इस पर बात ॥ ** बडे`बडे सम्मेलन होगे, ढोल मंझीरे साथ । बडे-बडे बैनर पर होगा,हिन्दी दिवस है आज॥ ** बोली जाती बहुत ही बोली,भारत के सम्मान मे । पर हिन्दी को…