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TheSahitya – द साहित्य
  • Poem on Gandhi in Hindi
    कविताएँ

    गांधी | Poem on Gandhi in Hindi

    ByAdmin September 14, 2022October 2, 2023

    गांधी ( Gandhi )   हे! मानव तू सीख सीख ले बापू जैसे इंसानों से मानवता से निर्मित तन मन सत्य अहिंसा इमानों से, संत पुजारी देशभक्त तू जनहित में हो लोकप्रिय राष्ट्र पिता बापू जन जन का करुणामय जन के प्राणप्रिय देख वेदना कष्ट मुसीबत भारत के  नर नारी के त्याग दिया तब शूट…

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  • Hindi diwas par poem
    कविताएँ

    हिंदी दिवस | Hindi diwas par poem

    ByAdmin September 13, 2022January 25, 2023

    हिंदी दिवस ( Hindi diwas ) मनहरण घनाक्षरी     हिंदी गौरव गान है, देश का अभिमान है। दिलों में बसने वाली, गुणगान गाइए।   सुर लय तान हिंदी, साज स्वर गान हिंदी। गीतों की झंकार हिंदी, होठों पे सजाइए।   राष्ट्र का उत्थान हिंदी, वीरों का सम्मान हिंदी। यश गाथा बांकूरो की, हूंकार लगाइए।…

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  • Yaad shayari
    शेरो-शायरी

    अब कोई याद भी नहीं करता | Amit Ahad Poetry

    ByAdmin September 13, 2022July 27, 2024

    अब कोई याद भी नहीं करता ( Ab koi yaad bhi nahi karta ) वक़्त बर्बाद भी नहीं करता अब कोई याद भी नहीं करता शे’र इतने बुरे हैं क्या मेरे ? कोई इरशाद भी नहीं करता रह न पाऊँ अगर जो ख़ुश मैं तो ख़ुद को नाशाद भी नहीं करता ख़ौफ़ सैय्याद का है…

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  • Ghazal ishq hai tum se
    शेरो-शायरी

    नशा जुनून इश्क है तुमसे | Ghazal ishq hai tum se

    ByAdmin September 13, 2022September 13, 2022

    नशा जुनून इश्क है तुमसे ( Nasha junoon ishq hai tumse )     नशा जनून इश्क है तुमसे, जो तू नही तो अब मेरा,यहाँ पे कुछ भी नही।   तू ही चाहत है मोहब्बत, मेरे दिल की धडकन, तू ही सबरंग, कशमकश, तू ही है नूर ए नजर।   वफा करार प्यार है तुमसे,…

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  • विचारों का है प्रकटीकरण | Poem vicharo ka hai prakatikaran
    कविताएँ

    विचारों का है प्रकटीकरण | Poem vicharo ka hai prakatikaran

    ByAdmin September 12, 2022

    विचारों का है प्रकटीकरण ( Vicharo ka hai prakatikaran )   श्राद्ध पक्ष पूर्वजों को समर्पण पुरखों को कर दो तर्पण कुआं ताल पर जल अर्पण उड़द चावल से, आमंत्रण कुशा पैती किया धारण काले तिल मंत्र है उच्चारण दे रहे उन्हें है निमंत्रण अग्रजो का करें अनुकरण पूर्वजों का यह है स्मरण विश्वास लिए…

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  • तिनकों के उस गाछी महल में 
    कविताएँ

    तिनकों के उस गछी महल में | Hindi poem

    ByAdmin September 12, 2022September 12, 2022

    तिनकों के उस गछी महल में  ( Tinkon ke us gachi mahal mein )   सुबह एक दिन अपने घर में छत के एक अलग कोने में एक घोंसला सजा सलोना तिनकों के ताने बाने में   मां की ममता का न्योछावर देखा मानो रसखानों में, मां लाती चुग चुग कर दाना बिखरे फैले मैदानों…

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  • Poem pitaron ka shraddh
    कविताएँ

    पितरों का श्राद्ध | Poem pitaron ka shraddh

    ByAdmin September 11, 2022

    पितरों का श्राद्ध ( Pitaron ka shraddh )     विचारों का है प्रकटीकरण श्राद्ध पक्ष पूर्वजों को समर्पण पुरखों को कर दो तर्पण कुआं ताल पर जल अर्पण उड़द चावल से, आमंत्रण कुशा पैती किया धारण काले तिल मंत्र है उच्चारण दे रहे उन्हें है निमंत्रण अग्रजो का करें अनुकरण पूर्वजों का यह है…

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  • Thesahitya Ghazal
    शेरो-शायरी

    किसी का जब मगर बेहतर किया है | Thesahitya Ghazal

    ByAdmin September 11, 2022September 11, 2022

    किसी का जब मगर बेहतर किया है ( Kisi ka jab magar behtar kiya hai )     किसी का जब मगर बेहतर किया है जुबां को ही उसनें ख़ंजर किया है   मुहब्बत की करेगा बात क्या अब दिल उसनें प्यार से बंजर किया है   कभी मिलकर नहीं मुझसे रहा वो परेशां ही…

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  • Poem vicharo ki shuddhta
    कविताएँ

    विचारों की शुद्धता | Poem vicharo ki shuddhta

    ByAdmin September 11, 2022

    विचारों की शुद्धता ( Vicharo ki shuddhta )   विचारों की शुद्धता से हर नजरिया बदल जाता हैं। जीवन का कठिन से कठिन समय भी हंसते-हंसते कट जाता हैं। यह विचार ही तो है। जो हमें अच्छे बुरे सही गलत, यश अपयश के बारे में बताते है। एक राष्ट्र भी न जाने कितने समूहों, समुदायों,से…

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  • Poem meri sanskriti
    कविताएँ

    मेरी संस्कृति | Poem meri sanskriti

    ByAdmin September 10, 2022

    मेरी संस्कृति ( Meri sanskriti )   है अलग मेरी संस्कृति नहीं उसमें कोई विकृति चुटकी भर सिंदूर तेरा मौन मेरी स्वीकृति गरिमा बढ़ाती लाल बिंदिया। विदेशी कर रहे अनुकृति पायलेे पैरों में मेरे सुनो उसकी आवृत्ति तुलसी पर जल चढ़ाएं यही हमारी प्रकृति रिश्तो की प्यारी प्रक्रिया फैला रही है जागृति हार जाए तो…

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