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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Nikharta bhi pyar pyar mein nar
    गीत

    निखरता भी प्यार में नर बिखरता भी प्यार में | गीत

    ByAdmin September 23, 2022June 24, 2023

    निखरता भी प्यार में नर, बिखरता भी प्यार में ( Nikharta bhi pyar pyar mein nar, bikharta bhi pyaar mein )   निखरता भी प्यार में नर, बिखरता भी प्यार में। खिलता चांद सा मुखड़ा, महके प्यार के इजहार में। दिलों के संसार में, दिलों के संसार में।   एक अजब अहसास है यह जिंदगी…

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  • Ravan marich samvad
    नाटक

    रावण मारीच संवाद | आलेख

    ByAdmin September 22, 2022

     रावण मारीच संवाद ( Ravan marich samvad )   अपनी बहन शूर्पणखा के नाक कान काट लेने पर बदले की भावना से रावण ने सीता हरण की योजना बनाई। षड्यंत्र को मूर्त रूप देने की उसने मामा मारीच की सहायता चाहिए थी। मामा मारीच एक मायावी राक्षस था जो ताड़का का पुत्र था। रावण मारीच…

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  • Gau mata par kavita
    कविताएँ

    कविता गऊ | Gau mata par kavita

    ByAdmin September 22, 2022September 24, 2022

    कविता गऊ gau mata par kavita   चीतो के आने से होता अगर विकास ll गायो के मरने पर उड़ता नही परिहास ll पूजते थे गाय को भूल गए इतिहास ll गोशाला मे ही अब भक्ष रहे गोमांस ll महंगाई के कारण मिलत नही है दानll भूखी गाय घूमती द्वारे द्वारे छान् ll रोटी देने…

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  • Geet kitabi gyan
    कविताएँ

    किताबी ज्ञान | Geet kitabi gyan

    ByAdmin September 22, 2022

    किताबी ज्ञान ( Kitabi gyan )   जीवन का अनुभव सच्चा है झूठा है अभिमान ढाई आखर प्रेम का सच्चा व्यर्थ किताबी ज्ञान सभ्यता संस्कार जीवन में व्यवहार सिखाते हैं किताबी ज्ञान के दम पर मानव ठोकरें खाते हैं हम तूफां से टकराते हैं माना पुस्तक मार्गदर्शक राह सही दिखलाती है असल जिंदगी में तो…

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  • Shiv ji par kavita
    कविताएँ

    शिव | Shiv ji par kavita

    ByAdmin September 22, 2022October 1, 2022

    शिव ( Shiv )   जो आरम्भ है, अनादि है, सर्वश्रेष्ठ है, जो काल, कराल, प्रचंड है, जिनका स्वरूप अद्वितीय है, जिनका नाम ही सर्वस्व है, शिव है, सदा शिव है। मस्तक में जो चाँद सजाये, भस्म में जो रूप रमाये, गंगप्रवाह जो जटा मे धराये, मंथन को जो कण्ठ में बसाये, शिव है, सदा…

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  • Kavita pujya pitar
    कविताएँ

    पुज्य पितर | Kavita pujya pitar

    ByAdmin September 22, 2022

    पुज्य पितर ( Pujya pitar )   हे पूज्य पितर देव हमारे कृपा दृष्टि बरसा देना फुलवारी पूर्वज आपकी वरदानों से हरसा देना तुम बसे हो यादों में चित में नित्य समाए हो जीवन की प्रचंड धूप में आशीषों के साए हो तुम बगिया को महकाये हो   हे देव पितृलोक में रह जीवन में…

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  • Poem ab baharon se bhi dar lagta hai
    कविताएँ

    अब बहारों से भी डर लगता है | Poem ab baharon se bhi dar lagta hai

    ByAdmin September 21, 2022

    अब बहारों से भी डर लगता है ( Ab baharon se bhi dar lagta hai )   तूफानों से लड़ते-लड़ते बहारों से भी डर लगता है। रहा नहीं वो प्रेम सलोना अंगारों सा घर लगता है।   शब्द बाण वो तीखे तीखे विषभरे उतरे दिल के पार। ना जाने कब लूट ले जाए हमको अपना…

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  • जीवन के इस धर्मयुद्ध में
    कविताएँ

    जीवन के इस धर्मयुद्ध में | Poem jeevan ke dharmayudh mein

    ByAdmin September 21, 2022

    जीवन के इस धर्मयुद्ध में ( Jeevan ke is dharmayudh mein )   जीवन के इस धर्मयुद्ध में, तुमको ही कुछ करना होगा। या तो तुमको लडना होगा, या फिर तुमको मरना होगा। फैला कर अपनी बाहों को, अवनि अवतल छूना होगा, या तो अमृत बाँटना होगा, या खुद ही विष पीना होगा।   एक…

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  • Kavita jab dost bane gaddar
    कविताएँ

    जब दोस्त बने गद्दार | Kavita jab dost bane gaddar

    ByAdmin September 20, 2022

    जब दोस्त बने गद्दार ( Jab dost bane gaddar )     जो हमारे अपने हैं करते बैरी सा व्यवहार क्या कहे किसी से जब दोस्त बने गद्दार   मित्रता का ओढ़कर चोला मन का भेद लेते वो मुंह आगे आदर करते विपदा से घेर देते वो   उल्टी राय मशवरा देकर उल्टे काम कराते…

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  • Aazam ghazal aarzoo
    शेरो-शायरी

    आरजू जीने के सभी खुशियाँ | Aazam ghazal aarzoo

    ByAdmin September 20, 2022September 20, 2022

    आरजू जीने के सभी खुशियाँ ( Aarzoo jeene ke sabhi khushiyan )     आरजू जीने के सभी खुशियाँ मांगती रब से ज़िंदगी खुशियाँ   इसलिये रहती यहां उदासी है ज़िंदगी में कब है मिली खुशियाँ   ख़त्म  होता नहीं  रस्ता ग़म का दूर मुझसे इतनी रही खुशियाँ   आरजू कब न जाने पूरी हो…

    Read More आरजू जीने के सभी खुशियाँ | Aazam ghazal aarzooContinue

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