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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Shikshak diwas par kavita
    कविताएँ

    शिक्षक की अभिलाषा | Shikshak diwas par kavita

    ByAdmin September 5, 2022

    शिक्षक की अभिलाषा ( Shikshak ki abhilasha )   चाह नहीं बी एल ओ बनकर, रोज गांव में टेर लगाऊं। चाह नहीं संकुल बी आर सी, चक्कर कांटू मेल बनाऊं।।   चाह नहीं डाकें भर भर के, बनूं बाबू सा मैं इतराऊं। चाह नहीं मध्यान्ह चखूं और, राशन पानी घर ले जाऊं।।   मुझे छोड़…

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  • Poem on pita
    कविताएँ

    पिता | Poem on pita

    ByAdmin September 4, 2022

    पिता ( Pita )   पिता एक चट्टान होता हैl पिता का साया जब होता हैl बेटा चैन की नींद सोता हैl पिता बच्चों के सपनों को अपनी आंखों में संजोता हैl गंभीर रहता है मगर भावनाओं से भरा होता हैl ख्वाहिशों की फेहरिस्त को पूरा कर ही सोता हैl बेटी की विदाई पर पिता…

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  • Zulm shayari
    शेरो-शायरी

    जुल्म का अब हिसाब करना है | Zulm shayari

    ByAdmin September 4, 2022

    जुल्म का अब हिसाब करना है ( Zulm ka ab hisab karna hai )     आज वो बेनकाब करना है जुल्म का अब हिसाब करना है   ख़ूब कर ली उसी ने अब चुगली कुछ तलब कुछ ज़वाब करना है   रोज़ कड़वी बातें बोले है वो रिश्ता उसको ख़राब करना है   फ़ासिले…

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  • Kavita jeevan dhaara
    कविताएँ

    जीवन धारा | Kavita jeevan dhaara

    ByAdmin September 3, 2022September 3, 2022

    जीवन धारा ( Jeevan dhaara )   हर्ष उमंग खुशियों की लहरें बहती जीवन धारा। मेहनत लगन हौसला धरकर पाते तभी किनारा।   भावों की पावन गंगा है मोती लुटाते प्यार के। पत्थर को भगवान मानते सुंदर वो संस्कार थे।   इक दूजे पे जान लुटाते सद्भावों की पावन धारा। क्या जमाना था सुहाना बहती…

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  • Aarti Gauri Vinayakam
    कविताएँ

    गौरी विनायकम | Aarti Gauri Vinayakam

    ByAdmin September 3, 2022

    गौरी विनायकम ( Gauri Vinayakam )   एकदंत दयावंत लंबोदर गौरी विनायकम कृपा दृष्टि कीजिए l सुखकर्ता दुखहर्ता विघ्नहर्ता कष्टों को दूर कर ज्ञान हमको दीजिए l वक्रतुंड महाकाय शंभू सुत पूज्य प्रथम आप तो सवार काज दीजिए l जय देव मंगल मूर्ति गणेश दुष्टों का दलन कर विघ्न हर लीजिए l रिद्धि सिद्धि भालचंद्र…

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  • Ghazal gulab hai chehra
    शेरो-शायरी

    गुलाब है चेहरा | Ghazal gulab hai chehra

    ByAdmin September 3, 2022

    गुलाब है चेहरा ( Gulab hai chehra )     बंद आज़म हिजाब है चेहरा जो यहाँ वो गुलाब है चेहरा   क्या मैं तारीफें  करुं उसकी वो ख़ुद में आफ़ताब है चेहरा   देखकर प्यार का नशा होता हुस्न जैसे शराब है चेहरा   आज तो वो नजर नहीं आया हुस्न का जो ज़नाब…

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  • Kavita hamari bitiya
    कविताएँ

    हमारी बिटिया | Kavita hamari bitiya

    ByAdmin September 2, 2022September 2, 2022

    हमारी बिटिया ( Hamari bitiya )   पुष्प में मकरंद जैसे सूर्य की किरण जैसे चहकती चिड़ियों जैसे गुलाब की सुगंध जैसे स्वच्छ निर्मल जल जैसे स्थिर वृक्ष पर्वतों जैसे हवा के उन्मुक्त वेग जैसे दीप की ज्योति जैसे बज रहे हो नूपुर जैसे ऐसी थी हमारी बिटिया जज्ब किए जज्बात कैसे मूक बनी रही…

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  • पिता का तोहफा
    कहानियां

    पिता का तोहफा | Short laghu katha in Hindi

    ByAdmin September 2, 2022September 2, 2022

    पिता का तोहफा ( Pita ka tohfa )   जिंदगी के मायने कब बदल जाते हैं l पता ही नहीं चलता l रत्ना जो कल तक अपने पिता से हर चीज के लिए ज़िद करके मांग लेती थी l शादी होने के बाद रत्ना पहली बार मायके गईl उसका तीजा का व्रत वही पड़ा l…

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  • Geet chor chor mausere bhai
    कविताएँ

    चोर चोर मौसेरे भाई | Geet chor chor mausere bhai

    ByAdmin September 2, 2022

    चोर चोर मौसेरे भाई ( Chor chor mausere bhai )   सड़क पुल नदिया निगले घोटालों की बाढ़ आई। चारा तक छोड़ा नहीं नेता वही जो खाए मलाई। महकमे में भ्रष्टाचार फैला लगे जैसे सुरसा आई। जनता की कमर तोड़ दी ऊपर से बढ़ती महंगाई। चोर चोर मौसेरे भाई,चोर चोर मौसेरे भाई   सांठगांठ से…

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  • Poem On Ganesh Ji
    कविताएँ

    बप्पा आ जाओ | Poem On Ganesh Ji

    ByAdmin September 1, 2022September 1, 2022

    बप्पा आ जाओ ( Bappa aa jao )   बाप्पा आ जाओ कष्ट हर जाओ झोली भर जाओ मूषक पे होके सवार घर मेरे तुम आ जाओ दस दिन रहो तुम अंगना में मेरे ओ गौरी नंदन मोदक ग्रहण कर विघ्नमेरे हर जाओ विद्या बुधि दे जाओ मन की पीड़ा हर जाओ फैली कुरीति और…

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