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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Thesahitya Ghazal
    शेरो-शायरी

    किसी का जब मगर बेहतर किया है | Thesahitya Ghazal

    ByAdmin September 11, 2022September 11, 2022

    किसी का जब मगर बेहतर किया है ( Kisi ka jab magar behtar kiya hai )     किसी का जब मगर बेहतर किया है जुबां को ही उसनें ख़ंजर किया है   मुहब्बत की करेगा बात क्या अब दिल उसनें प्यार से बंजर किया है   कभी मिलकर नहीं मुझसे रहा वो परेशां ही…

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  • Poem vicharo ki shuddhta
    कविताएँ

    विचारों की शुद्धता | Poem vicharo ki shuddhta

    ByAdmin September 11, 2022

    विचारों की शुद्धता ( Vicharo ki shuddhta )   विचारों की शुद्धता से हर नजरिया बदल जाता हैं। जीवन का कठिन से कठिन समय भी हंसते-हंसते कट जाता हैं। यह विचार ही तो है। जो हमें अच्छे बुरे सही गलत, यश अपयश के बारे में बताते है। एक राष्ट्र भी न जाने कितने समूहों, समुदायों,से…

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  • Poem meri sanskriti
    कविताएँ

    मेरी संस्कृति | Poem meri sanskriti

    ByAdmin September 10, 2022

    मेरी संस्कृति ( Meri sanskriti )   है अलग मेरी संस्कृति नहीं उसमें कोई विकृति चुटकी भर सिंदूर तेरा मौन मेरी स्वीकृति गरिमा बढ़ाती लाल बिंदिया। विदेशी कर रहे अनुकृति पायलेे पैरों में मेरे सुनो उसकी आवृत्ति तुलसी पर जल चढ़ाएं यही हमारी प्रकृति रिश्तो की प्यारी प्रक्रिया फैला रही है जागृति हार जाए तो…

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  • Ghazal Phool khushboo husn chehra
    शेरो-शायरी

    फूल खुशबू हुस्न चेहरा जाम है तू | Ghazal Phool khushboo

    ByAdmin September 10, 2022January 28, 2023

    फूल खुशबू हुस्न चेहरा जाम है तू ( Phool khushboo husn chehra jaan hai tu )     फूल ख़ुशबू हुस्न चेहरा जाम है तू प्यार का मेरी सकूं आराम है तू   बैठ मत नाराज़ होकर रोज़ मुझसे प्यार का मेरे सनम खा आम है तू   किस तरह दे दूं वफ़ा दिल से…

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  • Poem on Shaheed Uddham Singh
    कविताएँ

    शहीद उधम सिंह | Poem on Shaheed Uddham Singh

    ByAdmin September 10, 2022September 10, 2022

    शहीद उधम सिंह ( Shaheed Uddham Singh )   आल्हा छंद   उथल-पुथल पंजाब मच गई, क्रांतिकारी देखा कमाल। आजाद भगतसिंह बिस्मिल से, मां भारती रणवीर लाल।   उधम सिंह प्रभावित हो गए, भगत क्रांतिवीर बेमिसाल। उमड़ पड़ी थी राष्ट्रधारा कूद पड़ा वो वीर कमाल।   जलियांवाला बाग दुर्दशा, उतरे कई मौत के घाट। बच्चे…

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  • अंबिकापुर सोसाइटी में हुआ कवि सम्मेलन, कवियों ने बांधा समा
    साहित्यिक गतिविधि

    अंबिकापुर सोसाइटी में हुआ कवि सम्मेलन, कवियों ने बांधा समा

    ByAdmin September 10, 2022

    अंबिकापुर सोसाइटी में हुआ कवि सम्मेलन, कवियों ने बांधा समा   छिंदवाड़ा – चन्दनगाँव स्थित अंबिकापुर सोसाइटी में गणेशोत्सव के उपलक्ष में विराट कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया. जिसमे जिले के जाने – माने कवि एवं कवियत्रीयाँ उपस्थित रहे. सोसाइटी द्वारा सभी कवियों का शॉल एवं श्रीफल देकर सम्मान किया गया. कवि सम्मेलन का…

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  • Chhand bhini bhini chandni
    छंद

    भीनी भीनी चांदनी | Chhand bhini bhini chandni

    ByAdmin September 9, 2022October 12, 2022

    भीनी भीनी चांदनी ( Bhini bhini chandni ) विधा मनहरण घनाक्षरी     उज्जवल उज्जवल, भीनी भीनी मद्धम सी। दूधिया सी भीगो रही, दिव्य भीनी चांदनी।   धवल आभा बरस, सुधा रस बांट रही। आनंद का अहसास, देती भीनी चांदनी।   चांद यूं छलका रहा, अमृत रस भंडार। हर्ष खुशी मोद करे, दुलार भीनी चांदनी‌।…

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  • Kavita Privartan
    कविताएँ

    कविता परिवर्तन | Kavita Privartan

    ByAdmin September 9, 2022

    कविता परिवर्तन ( Kavita Parivartan )   सोचने को मजबूर एक सोच सुबह के आठ बजे आते हुए देखा एक बेटी को शौच करते हुए नजरें मैंने घुमा ली शर्म उसे ना आए मुझे देख कहीं लज्जित ना हो जाए बना है घर पर शौचालय नहीं शादी के लिए सोना तो जोड़ा पर सुरक्षा के…

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  • Kavita Hindi Ki Hindi
    कविताएँ

    हिन्द की हिंदी | Kavita Hindi Ki Hindi

    ByAdmin September 8, 2022September 8, 2022

    हिन्द की हिंदी ( Hindi Ki Hindi )   स्वर ध्वनि शब्दों की हिंदी भाषा अमृत धारा सी बह रही है रगो में शीतल सरिता सी चलकर सांसों के सागर में बह रही है।   अनमोल कितना मधुरमयी है दुनिया भी तुमको पहचानती है तेरी प्रसंशा का राग की धुन सुबह सवेरे खूब बज रही…

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  • Kavita gyaan anamol khazana hai
    कविताएँ

    ज्ञान अनमोल खजाना है | Kavita gyaan anamol khazana hai

    ByAdmin September 8, 2022October 9, 2022

    ज्ञान अनमोल खजाना है  ( Gyaan anamol khazana hai )   ज्ञान अनमोल खजाना है बांट सका है कौन इसे ?   न भाई बंधु जमाना है अनमोल रतन है हर रत्नों में   पर इसको नहीं छुपाना है ज्ञान की ज्योति जले घर-घर में   ज्योति से ज्योति जलाना है घर-घर महके ज्ञान की…

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