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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Hindi mein poem
    कविताएँ

    वो हिमालय बन बैठे | Hindi mein Poem

    ByAdmin September 1, 2022September 18, 2023

    वो हिमालय बन बैठे ( Wo himalaya ban baithe )     वो गुणी विद्वान हुये सब व्यस्त हो गए। हम बालक नादान थे बड़े मस्त हो गए।   बड़ी ऊंची चीज वो उड़ते आसमानों में। हम मुकाबला करते आंधी तूफानों से।   सात पीढ़ियों का जुगाड़ वो करते चले गए। प्यार के मोती से…

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  • Chhand Gajanand
    छंद

    गजानंद | Chhand Gajanand

    ByAdmin August 31, 2022October 12, 2022

    गजानंद ( Gajanand )   मनहरण घनाक्षरी   गजानंद गौरी सुत, गणपति गणराज। विघ्नहर्ता पीर हरे, गणेश मनाइए।   आय पधारो देव हे, एकदंत विनायक। रिद्धि-सिद्धि संग प्रभु, लंबोदर आइए।   प्रथम पूज्य देव हे, संकटमोचन नाथ। यश कीर्ति वैभव दे, निशदिन ध्याइये।   सुख समृद्धि प्रदाता, श्री गणेश महाराज। मूषक वाहन सोहे, मोदक चढ़ाइए।…

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  • Sudarshan poetry
    कविताएँ

    खुशबू अब आती नहीं खिड़कियों मकानों में | Sudarshan poetry

    ByAdmin August 31, 2022

    खुशबू अब आती नहीं खिड़कियों मकानों में ( Khushaboo ab aati nahin khidkiyon makano mein )     रहा नहीं अब प्रेम पुराना आज के इंसानों में खुशबू अब आती नहीं खिड़कियों मकानों में   आलीशान बंगलों से प्यारी झोपड़ी में प्यार था खुली हवा नीम के नीचे रिश्तो भरा अंबार था   गांव की…

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  • बाल गणेश
    कविताएँ

    बाल गणेश | Poem Bal Ganesh

    ByAdmin August 31, 2022August 1, 2024

    बाल गणेश ( Bal Ganesh ) बाल गणेश ने थाम रखा है मोदक अपने हाथ में, मूषकराज जी रहते है हर पल उनके साथ में, शांत खड़े कोने में देख रहे ललचाई आँखों से सोच रहे मुझे भी मोदक खाने को मिलेगा बाद में! कवि : सुमित मानधना ‘गौरव’ सूरत ( गुजरात ) यह भी…

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  • Wafa par shayari
    शेरो-शायरी

    रोज़ ढूंढ़ा है वफ़ा का घर यहाँ | Wafa par shayari

    ByAdmin August 31, 2022

    रोज़ ढूंढ़ा है वफ़ा का घर यहाँ ( Roz dhoonda hai wafa ka ghar yahan )     रोज़ ढूंढ़ा है वफ़ा का घर यहाँ इसलिए खाता रहा ठोकर यहाँ   फोड़ देता सर दग़ा उस छल कप का की नहीं था हाथ में पत्थर यहाँ   वो नजर आया नहीं चेहरा कहीं मैं रहा …

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  • Badla
    विवेचना

    बदला | Dr. Preeti Singh Parmar Ki Kalam Se

    ByAdmin August 30, 2022

    बदला ( Badla ) फेसबुक पर एक पड़ी हुई पोस्ट देख कर आश्चर्य हुआ सामान्य जाति की मां के बने हुए हाथ के बने हुए भोजन को अन्य जात के बच्चों ने, ग्रहण करने से अस्वीकार कर दिया l इसी प्रकार अन्य जात की मां के द्वारा बनाया हुआ भोजन सवर्ण जाति के बच्चों ने…

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  • Haritalika teej kavita
    कविताएँ

    हरितालिका तीज | Haritalika Teej Kavita

    ByAdmin August 30, 2022September 6, 2024

    हरितालिका तीज ( Haritaalika teej ) ( 2 ) पावन पर्व~ हरितालिका तीज छाया है हर्ष • कर श्रृंगार~ शिव पूजन को है गौरी तैयार • बिंदी चमके~ पायल छम-छम चूड़ी खनके • हाथ छूटे ना~ निर्जला निराहार रिश्ता टूटे ना • शुद्ध भावना~ अमर हो सुहाग यही कामना • निर्मल जैन ‘नीर’ ऋषभदेव/राजस्थान (…

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  • Majdoor par kavita
    कविताएँ

    मजदूर का स्वप्न | Majdoor par kavita

    ByAdmin August 29, 2022August 29, 2022

    मजदूर का स्वप्न ( Majadoor ka swapan )   ऊंची ऊंची अट्टालिका है , बड़े-बड़े यह भवन खड़े हैं l चारों और यह भरे पड़े हैं, मेरे हाथों से ही बने हैं l।   कितने भवनों का निर्माता, खून पसीना मैं बहाता। मेरे घर के हाल बुरे हैं, पत्नी बच्चे भूखे पड़े हैं l।  …

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  • Van Gaman novel book review
    पुस्तक समीक्षा

    वन गमन- एक अनुभूति | Book Review

    ByAdmin August 28, 2022June 29, 2023

    वन गमन- एक अनुभूति  पुस्तक समीक्षा ( Van Gaman Novel : Book Review )   साहित्य भूमि प्रकाशन नई दिल्ली से 2022 में प्रकाशित वन गमन श्री गोवर्धन यादव का संभवतः प्रथम वृहत संग्रह है , जिसने 171 पृ‍ष्ठों में विस्तार पाया है. जिनमे दो भूमिका आलेख एवं लेखकीय प्रतिवेदन सम्मिलित है. वन गमन- भगवान्…

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  • Wafa shayari
    ग़ज़ल

    वफ़ा की राह को यूं खुशगवार करना है | Wafa Shayari

    ByAdmin August 28, 2022July 5, 2023

    वफ़ा की राह को यूं खुशगवार करना है ( Wafa ki raah ko yoon khushgawar karana hai )     वफ़ा की राह को यूँ ख़ुशग़वार करना है ज़माने भर में तुझे ताजदार करना है   भरम भी प्यार का दिल में शुमार करना है सफ़ेद झूठ पे यूँ ऐतबार करना है   बदल बदल…

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