• सुुुनो | Poem suno

    सुुुनो ( Suno )   सुुुनो… वो बात जो थी तब नहीं है अब जब आँखों में छिपी उदासियाँ पढ़ लेते थे लबों पर बिछीं खामोशियाँ सुन लेतेे थे ….तुम फुर्सतों में भी अब वो बात नहीं वो तड़प, वो ललक नहीं है  मसरूफियात में भी हमारी याद से लरज़ जाते थे जब…..तुम सुनो… तब…

  • ओज भरी हुंकार | Kavita oj bhari hunkar

    ओज भरी हुंकार ( Oj bhari hunkar )   मैंने लिखे गीत तराने मधुर मधुर मुस्कान लिए। अंतर्मन भाव सुहावने भारत मां की शान लिए।   राष्ट्रदीप ले स्वाभिमान के भाव सजाया करता हूं। मन मंदिर में दिव्य प्रेम के दीप जलाया करता हूं।   मैं कविता की हूंकारों से गीत वतन के गाता हूं।…

  • परमपिता परमेश्वर मेरे | Shyam prarthana

    परमपिता परमेश्वर मेरे ( Param Pita Parmeshwar Mere )     हे कृपा निधान करुणानिधान दो वरदान परमपिता परमेश्वर मेरे   हे जग करतार गीता का सार पार्थ सारथी कृष्ण मुरारी संकट दूर करो सब मेरे   हे सुख सागर नटवर नागर मुरलीधर माधव गोपाल कृष्ण कन्हैया शरण मैं तेरी   देना साथ द्वारिकानाथ जग…

  • कर्जदार | Karjdar | Kavita

    कर्जदार ( Karjdar)   धरती अंबर पर्वत नदियां सांसे हमने पाई है। पेड़ पौधे मस्त बहारें सब दे रहे हमें दुहाई है।   मातपिता का कर्ज हम पर प्रेम बरसाते। कर्जदार जन्मभूमि के पावन रिश्ते नाते।   देशभक्त मतवाले रहते जो अटल सीना तान। कर्जदार हम उनके लुटा गए वतन पर जान।   रात दिन…

  • बुजुर्ग | Atukant kavita

    बुजुर्ग ( Buzurg ) अतुकांत कविता   अधेड़ सी उम्र सफेद बालों वाले बुजुर्ग जीवन का अनुभव लिए हुए दुनिया का जाने क्या-क्या उतार-चढ़ाव देखे होंगे कितने आंधी और तूफान आए होंगे कितने सावन बरसे पुष्प खिले होंगे मन के किसी कोने में खुशियों की बहारों के कितनी मेहनत संघर्ष किया होगा जीवन में उम्र…

  • अति शीघ्रता | Laghu katha in Hindi

    अति शीघ्रता  ( Ati shighrata ) शशि ने पति की गाड़ी पर बैठे बैठे एक व्यक्ति को तेज रफ्तार गाड़ी चलाते हुए देखा उसकी मोटरसाइकिल का साइड स्टैंड लटक रहा था उसने पति से कहा थोड़ा तेज चला कर इसे आगाह कर दो पति ने वैसा ही किया जैसे ही उससे कहा l अपना स्टैंड…

  • मन एक परिंदा है | Poem man ek parinda hai

    मन एक परिंदा है ( Man ek parinda hai )   ये मन एक परिंदा है उड़ाने ऊंची भरता। स्वप्न लोक विचरण सकल विश्व करता।   मन के नयन हजार मन जाए सरिता के पार। पंखों को व्योम पसार घूमे सपनों का संसार।   कभी झूमता कभी नाचता मतवाला सा गाता। पंछी मनवा सैर सपाटा…

  • शहर में बढ़ते हुक्का बार | Hookah bar par kavita

    शहर में बढ़ते हुक्का बार ( Shahar mein badhte hookah bar )   थोड़ा समझो मेरे यार शहर में बढ़ते हुक्का बार। नशे ने घेर लिया है सबको डूबते जा रहे परिवार।   तंबाकू तबाही का घर तोड़ दो सारे बीयर बार। बिगड़े बच्चे आचार बचाओ संस्कृति संस्कार।   रगों में उतर रहा है जहर…

  • अभिमान | Poem abhimaan

    अभिमान ( Abhimaan )   किस बात का गुरूर है क्यों है मगरूर तू क्या तूने कर दिया क्यों है नशे में चूर तू   गर्व ही करना तो कर ले वतन की शान पे बोल मीठे बोल प्यारे धरती पर इंसान से   होकर नशे में चूर तू मत करना अभिमान चंद सांसों का…

  • जल गये लोग | Aazam shayari

    जल गये लोग उसको गुलाबी कहाँ! ( Jal gaye log usko gulabi kahan )     जल गये लोग उसको गुलाबी कहाँ! फूल सा खिलता जब शबाबी कहाँ   अंजुमन में ख़िलाफ़ हो गये लोग सब जब उसे आज अपना ज़नाबी कहाँ   हो गया है यहाँ आपस यूं फ़साद जब उसे यूं  लोगों ने…