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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Ramakant poetry
    कविताएँ

    मैंने अपने होंठ बंद कर लिए | Ramakant poetry

    ByAdmin August 25, 2022

    मैंने अपने होंठ बंद कर लिए ( Maine apne honth band kar liye )   वक्त ने करवट बदली रिश्तो में दिखावा भर दिया इतनी दरारें आई घर में घट घट छलावा कर दिया   हम हितेषी हो उनके दुख दर्द बांटने चल दिए लड़ने को तैयार वो बैठे मैंने होंठ बंद कर लिए  …

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  • Kaash Shayari in Hindi
    कविताएँ

    काश वो भी याद करें | Kaash Shayari in Hindi

    ByAdmin August 25, 2022

    काश वो भी याद करें ( Kash wo bhi yaad kare )   अक्सर वो सपनों में रहते उनसे हम फरियाद करे। दिल तक दस्तक देने वाले काश वो भी याद करें।   हम तो उनके चाहने वाले मधुर सुहानी बात करें। आ जाए वो भी महफ़िल में मस्तानी प्रभात करें।   यादों में सौम्य…

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  • National Poetry Conference by Hridayang Sanstha
    साहित्यिक गतिविधि

    हृदयांग संस्था द्वारा राष्ट्रीय कवि सम्मेलन

    ByAdmin August 24, 2022

    ठाणे, मुंबई डा0 काशिनाथ घाणेकर प्रेक्षागार में शुक्रवार, 26 अगस्त 2022 को आजादी की 75वीं वर्षगाँठ – अमृत महोत्सव पर राष्ट्रीय कविसम्मेलन आयोजित किया जा रहा है । कविसम्मेलन के साथ ही नामचीन साहित्यकारो एव समाजसेवी महानुभावों का सम्मान किया जायेगा।। संस्था के संस्थापक अध्यक्ष श्री विधुभूषण त्रिवेदी ‘विद्यावाचस्पति’ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस मे बताया कि…

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  • Poem laalasa
    कविताएँ

    लालसा | Poem laalasa

    ByAdmin August 24, 2022

    लालसा ( Laalasa )   लालसा न चाह का है  ,जीवन में कुछ पाने को लालसा न बड़ा बनू, न बहुत कुछ कर जाने को छीन कर खुशियां किसी की, रोटियां दो वक्त की मैं चलूं तारों को लाने,छोड़ इन्हें मर जाने को धिक्कार है जीवन को ऐसे,धिक्कारता हूं लोग को जो अपनी ही खुशियों…

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  • Kavita maa
    कविताएँ

    मां | Kavita maa

    ByAdmin August 24, 2022August 24, 2022

    मां ( Maa ) मां को समर्पित एक कविता     कहां है मेरी मां उससे मुझको मिला दो l हाथों का बना खाना मुझको खिला दो l   दो पल की जिंदगी मुझको दिला दो l एक बार गुस्से से अपनी डांट पिला दो l   फूल मेरे आंगन में मां तुम खिला दो…

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  • Poem maun bolata hai
    कविताएँ

    मौन बोलता है | Poem maun bolata hai

    ByAdmin August 24, 2022August 24, 2022

    मौन बोलता है ( Maun bolata hai )   कभी-कभी एक चुप्पी भी बवाल खड़ा कर देती है। छोटी सी होती बात मगर मामला बड़ा कर देती है।   मौन कहीं कोई लेखनी अनकहे शब्द कह जाती है । जो गिरि गिराए ना गिरते प्राचीर दीवारें ढह जाती है।   मौन अचूक अस्त्र मानो धनुष…

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  • Shabdon ka Shilpkar
    कविताएँ

    गीतों को सौगात समझना | Poem geeton ko saugaat samajhna

    ByAdmin August 24, 2022

    गीतों को सौगात समझना ( Geeton ko saugaat samajhna )   काव्य भावों को समझ सको तो हर बात समझना मैंने लिखे हैं गीत नए गीतों को सौगात समझना   दिल का दर्द बयां करते उर बहती भावधारा मधुर तराने प्यारे-प्यारे हर्षित हो सदन सारा   शब्द शब्द मोती से झरते बनकर चेहरे की मुस्कान…

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  • अनुभूति शर्मा को शब्द आराधना और बेटी प्रतिभा सम्मान
    साहित्यिक गतिविधि

    अनुभूति शर्मा को शब्द आराधना और बेटी प्रतिभा सम्मान

    ByAdmin August 24, 2022

    छिंदवाड़ा – साहित्य, संस्कृति एवं अध्यात्म जगत से जुड़ी अनुभूति शर्मा को साहित्य संस्कृति के क्षेत्र मे किये गए उत्कृष्ट कार्यो के लिए ‘शब्द आराधना सम्मान ‘ और ‘बेटी प्रतिभा’ सम्मान प्रदान किया। उल्लेखनीय है कि मधुकर शोध संस्थान संयोजक विनोद मिश्र जी द्वारा राष्ट्रीय मधुकर सम्मान समारोह का आयोजन बड़ी भव्यता के साथ हुआ…

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  • Poem chehre ka noor
    कविताएँ

    चेहरे का नूर वो ही थी | Poem chehre ka noor

    ByAdmin August 24, 2022August 24, 2022

    चेहरे का नूर वो ही थी ( Chehre ka noor wo hi thi )   वो ही प्रेरणा वो ही उमंगे वो मेरा गुरूर थी भावों की अभिव्यक्ति मेरे चेहरे का नूर थी   प्रेम की परिभाषा भी मेरे दिल की धड़कन भी खुशियों की प्यारी आहट संगीत की सरगम भी   मौजों की लहरों…

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  • Rajasthani bhasha kavita
    कविताएँ

    राजस्थान री विशेषता | Rajasthani bhasha kavita

    ByAdmin August 23, 2022August 24, 2022

    राजस्थान री विशेषता ( भाषा राजस्थानी )   धोरां री आ धरती म्हारी रजवाड़ां री शान रण बांकुरा लड्या घणा भामाशाह री खान   पुष्कर गलता तीर्थ जठै राणा रो स्वाभिमान नगर गुलाबी जयपुर प्यारो धोरां री मुस्कान   बीकानेर जोधाणो घूमो जैसलमेर रेतीलो कोटा बूंदी हाडोती दमके आमेर रो कीलो   मोठ ज्वार बाजरो…

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