Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • Sudarshan poetry
    कविताएँ

    खुशबू अब आती नहीं खिड़कियों मकानों में | Sudarshan poetry

    ByAdmin August 31, 2022

    खुशबू अब आती नहीं खिड़कियों मकानों में ( Khushaboo ab aati nahin khidkiyon makano mein )     रहा नहीं अब प्रेम पुराना आज के इंसानों में खुशबू अब आती नहीं खिड़कियों मकानों में   आलीशान बंगलों से प्यारी झोपड़ी में प्यार था खुली हवा नीम के नीचे रिश्तो भरा अंबार था   गांव की…

    Read More खुशबू अब आती नहीं खिड़कियों मकानों में | Sudarshan poetryContinue

  • बाल गणेश
    कविताएँ

    बाल गणेश | Poem Bal Ganesh

    ByAdmin August 31, 2022August 1, 2024

    बाल गणेश ( Bal Ganesh ) बाल गणेश ने थाम रखा है मोदक अपने हाथ में, मूषकराज जी रहते है हर पल उनके साथ में, शांत खड़े कोने में देख रहे ललचाई आँखों से सोच रहे मुझे भी मोदक खाने को मिलेगा बाद में! कवि : सुमित मानधना ‘गौरव’ सूरत ( गुजरात ) यह भी…

    Read More बाल गणेश | Poem Bal GaneshContinue

  • Wafa par shayari
    शेरो-शायरी

    रोज़ ढूंढ़ा है वफ़ा का घर यहाँ | Wafa par shayari

    ByAdmin August 31, 2022

    रोज़ ढूंढ़ा है वफ़ा का घर यहाँ ( Roz dhoonda hai wafa ka ghar yahan )     रोज़ ढूंढ़ा है वफ़ा का घर यहाँ इसलिए खाता रहा ठोकर यहाँ   फोड़ देता सर दग़ा उस छल कप का की नहीं था हाथ में पत्थर यहाँ   वो नजर आया नहीं चेहरा कहीं मैं रहा …

    Read More रोज़ ढूंढ़ा है वफ़ा का घर यहाँ | Wafa par shayariContinue

  • Badla
    विवेचना

    बदला | Dr. Preeti Singh Parmar Ki Kalam Se

    ByAdmin August 30, 2022

    बदला ( Badla ) फेसबुक पर एक पड़ी हुई पोस्ट देख कर आश्चर्य हुआ सामान्य जाति की मां के बने हुए हाथ के बने हुए भोजन को अन्य जात के बच्चों ने, ग्रहण करने से अस्वीकार कर दिया l इसी प्रकार अन्य जात की मां के द्वारा बनाया हुआ भोजन सवर्ण जाति के बच्चों ने…

    Read More बदला | Dr. Preeti Singh Parmar Ki Kalam SeContinue

  • Haritalika teej kavita
    कविताएँ

    हरितालिका तीज | Haritalika Teej Kavita

    ByAdmin August 30, 2022September 6, 2024

    हरितालिका तीज ( Haritaalika teej ) ( 2 ) पावन पर्व~ हरितालिका तीज छाया है हर्ष • कर श्रृंगार~ शिव पूजन को है गौरी तैयार • बिंदी चमके~ पायल छम-छम चूड़ी खनके • हाथ छूटे ना~ निर्जला निराहार रिश्ता टूटे ना • शुद्ध भावना~ अमर हो सुहाग यही कामना • निर्मल जैन ‘नीर’ ऋषभदेव/राजस्थान (…

    Read More हरितालिका तीज | Haritalika Teej KavitaContinue

  • Majdoor par kavita
    कविताएँ

    मजदूर का स्वप्न | Majdoor par kavita

    ByAdmin August 29, 2022August 29, 2022

    मजदूर का स्वप्न ( Majadoor ka swapan )   ऊंची ऊंची अट्टालिका है , बड़े-बड़े यह भवन खड़े हैं l चारों और यह भरे पड़े हैं, मेरे हाथों से ही बने हैं l।   कितने भवनों का निर्माता, खून पसीना मैं बहाता। मेरे घर के हाल बुरे हैं, पत्नी बच्चे भूखे पड़े हैं l।  …

    Read More मजदूर का स्वप्न | Majdoor par kavitaContinue

  • Van Gaman novel book review
    पुस्तक समीक्षा

    वन गमन- एक अनुभूति | Book Review

    ByAdmin August 28, 2022June 29, 2023

    वन गमन- एक अनुभूति  पुस्तक समीक्षा ( Van Gaman Novel : Book Review )   साहित्य भूमि प्रकाशन नई दिल्ली से 2022 में प्रकाशित वन गमन श्री गोवर्धन यादव का संभवतः प्रथम वृहत संग्रह है , जिसने 171 पृ‍ष्ठों में विस्तार पाया है. जिनमे दो भूमिका आलेख एवं लेखकीय प्रतिवेदन सम्मिलित है. वन गमन- भगवान्…

    Read More वन गमन- एक अनुभूति | Book ReviewContinue

  • Wafa shayari
    ग़ज़ल

    वफ़ा की राह को यूं खुशगवार करना है | Wafa Shayari

    ByAdmin August 28, 2022July 5, 2023

    वफ़ा की राह को यूं खुशगवार करना है ( Wafa ki raah ko yoon khushgawar karana hai )     वफ़ा की राह को यूँ ख़ुशग़वार करना है ज़माने भर में तुझे ताजदार करना है   भरम भी प्यार का दिल में शुमार करना है सफ़ेद झूठ पे यूँ ऐतबार करना है   बदल बदल…

    Read More वफ़ा की राह को यूं खुशगवार करना है | Wafa ShayariContinue

  • Short story in Hindi
    कहानियां

    मां तो मां होती है | Short story in Hindi

    ByAdmin August 27, 2022

    मां तो मां होती है ( Maan to maan hoti hai )   बचपन से ही अमन और अजय साथ-साथ पले बढ़े अमन की मां अजय को बहुत प्यार करती थी वह हमेशा अमन को कुछ देने के पहले अजय को जरूर पूछती थी l ईद आने पर वह सबसे पहले उसे बुलाती थी और…

    Read More मां तो मां होती है | Short story in HindiContinue

  • Jaipur par kavita
    कविताएँ

    जयपुर | Jaipur par kavita

    ByAdmin August 27, 2022

    जयपुर ( Jaipur )   नगर गुलाबी जयपुर प्यारों सुंदर है आलीशान। राजधानी राजस्थान की रही रजपूतों की शान।   रत्न जड़ाऊ मीनाकारी कारीगरी यहां बेजोड़। शिल्पकला मुख से कहती कोई नहीं है तोड़।   महाराजा जय सिंह शान से शहर बसाया न्यारा। अनुपम छटा मन को मोहे सबको लगता प्यारा।   तीज त्यौहार गणगौर…

    Read More जयपुर | Jaipur par kavitaContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 573 574 575 576 577 … 835 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search