• मित्रता | Friendship poem in Hindi

    मित्रता ( Mitrata ) सभी को रहती है मित्रता की आस, मित्र बिन जीवन बनता अधूरी सांस; मित्रों के साथ मिलता सुखद एहसास, अनुभूतियां रहती है सदैव आसपास। लड़ते झगड़ते रहना फिर भी साथ-साथ, हर मुश्किल में मित्र आगे बढ़ाता है हाथ, कभी नहीं छोड़े श्रीकृष्ण सुदामा का साथ, हर मुसीबत में मिलती है तिनके…

  • वो लड़की | Woh ladki | Poem in Hindi

    वो लड़की ( Woh ladki )   वो लड़की , दूनियाँ अपनी नई बनाती तो होगी , गीत चाहत का कोई गुनगुनाती तो होगी I   तस्वीर कोई आँखों में सजाती तो होगी , खड़ी आइने के सामने मुस्कराती तो होगी ।   अनकही सी बातें आ जाती होंगी लबों पर , अनजाने से रिश्तों…

  • कृष्ण कन्हैया | Muktak krishna kanhaiya

    कृष्ण कन्हैया ( Krishna kanhaiya )   मदन मुरारी मोहन प्यारे, हे जग के करतार। मोर मुकुट बंसीवाला, तू गीता का है सार। चक्र सुदर्शन धारी माधव, मीरा के घनश्याम। विपद हरो हे केशव आकर, कर दो बेड़ा पार।   नटवर नागर नंद बिहारी, अधर मुरलिया सोहे। रुनक झुनक बाजे पैजनिया, वैजयंती मन मोहे। यशोदा…

  • औरत | Aurat par kavita

    औरत ( Aurat )   कोई कह दे तेरा अस्तित्व नहीं मान ना लेना जहां थक कर हारते हैं सब वहीं शुरुआत करती है औरत जहां पूजती है दूजे को शक्ति रूपा पूजी जाती है औरत कहने को कह देते हैं अबला नव अंकुर को जन्म देती है औरत संघर्ष प्रकृति का नियम है संघर्षों…

  • आँखों आँखों में दास्तान हुई | Vinay Sagar Poetry

    आँखों आँखों में दास्तान हुई ( Aankhon aankhon mein dastan hui ) आँखों आँखों में दास्तान हुई यह ख़मोशी भी इक ज़बान हुई इक नज़र ही तो उसको देखा था इस कदर क्यों वो बदगुमान हुई कैसा जादू था उसकी बातों में एक पल में ही मेरी जान हुई इस करिश्मे पे दिल भी हैरां…

  • मकसद | Maqsad par kavita

    मकसद ( Maqsad )   ज्ञान मंजिल तक पहुंचाता है पर मंजिल का पता हो   ध्यान मकसद तक ले जाता है अगर ध्यान मकसद पर डटा हो   चूर चूर हो जाते हैं सारे सपने जब मार्ग ही लापता हो   इच्छाएं सपने उद्देश्य पूरे होते हैं जब खुद में समर्पण की दक्षता हो…

  • पापा | Poem on papa in Hindi

    पापा ( Papa )   हर घड़ी याद आ रही पापा रोज़ आँखों में है नमी पापा   रात दिन दिल उदास है मेरा आपकी है यहां कमी पापा   छोड़कर ही तन्हा गये जब से आपके बिन नहीं हंसी पापा   आपके जाने से यहां दिल में एक पल भी न है ख़ुशी पापा…

  • आट्टुकाल माता | Bhakti Geet

    आट्टुकाल माता- भक्तिगीत   कुछ नहीं जानती आट्टुकाल माते कुछ नहीं जानती आट्टुकाल माते अनजानी राहों पर उंगली पकड़ ले जाने से अविचल चित्त से मैं साथ आयी। (कुछ)   आदि मध्यान्त ज्ञान स्वरूपे आकुलताओं को दूर करने तू आयी। जानती हूँ मैं तेरी अभौम शक्ति , जानती हूँ तुझे आदि पराशक्ति । ( कुछ…

  • मौन | Kavita maun

    मौन ( Maun )   एक समय के बाद बहुत उत्पीड़न अन्तत: मौन की ओर हमें ले जाता है। और मौन? निराशा की ओर। निराशा किसी अपने से नहीं, ईश्वर के किसी निर्णय से नहीं। मात्र खुद से। अकेले रहते रहते हमारी आत्मा इतनी कुण्ठित होती जाती है, कि हमारा क्रोध, प्रतिशोध, आकाँक्षायें सब कुछ…

  • शांतिदूत | Poem shantidoot

    शांतिदूत ( Shantidoot )   शांति दूत सृष्टि नियंता माधव हस्तिनापुर आए खबर फैल गई दरबारों में मैत्री का संदेशा लाए   महारथियों से भरी सभा स्वागत में दरबार सजा दिया संदेशा पांडवों का केशव क्या है कहो रजा पुत्र मोह में बंधे हुए धृतराष्ट्र कुछ कह नहीं पाते थे अधिकार आधा पांडवों का देते…