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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Ghazal e ishq
    शेरो-शायरी

    फूल सा इक शख़्स मुझको चाहता है | Ghazal-e-ishq

    ByAdmin August 21, 2022August 20, 2022

    फूल सा इक शख़्स मुझको चाहता है ( Phool sa ik shakhs mujhko chahta hai )     फूल सा इक शख़्स मुझको चाहता है पर किसी पत्थर से मेरा दिल लगा है   हिज्र उसका मुझको दीमक की तरह से दिन ब दिन अन्दर ही अन्दर खा रहा है   हो गया है मुझमें…

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  • Tumhara ghar bhi jal jayega
    शेरो-शायरी

    तुम्हारा घर भी जल जाएगा |Tumhara ghar bhi jal jayega

    ByAdmin August 21, 2022

    तुम्हारा घर भी जल जाएगा ( Tumhara ghar bhi jal jayega )     तुम्हारा घर भी जल जाएगा , क्यों हो आग लगाते ।   नासमझ बन जाने की जिद, उन्हे भला कैसे समझाते।   नाम तुम्हारा ही आता , बताओं कैसे जख्म दिखाते।   टूटती नहीं ख़ाबो की ताबीर, मुझसे किया वादा कोई…

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  • Bharat ke insan jago
    कविताएँ

    हे! भारत के इंसान जगो, मैं तुम्हे जगाने आया हूं | Kavita

    ByAdmin August 21, 2022August 21, 2022

    *हे! भारत के इंसान जगो, मैं तुम्हे जगाने आया हूं।” ( He! Bharat ke insan jago, main tumhe jagane aya hoon )     हे! भारत के इन्सान जगो ,मैं तुम्हें जगाने आया हूं। भारत मां का बेटा हूं, देवों ने यहां पठाया हूं।। परशुराम का फरसा जागे श्रीराम, के वाण यहां। चक्र सुदर्शन श्रीकृष्ण…

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  • Aise rang bharo
    कविताएँ

    ऐसे रंग भरो | Aise rang bharo | Kavita

    ByAdmin August 21, 2022

    ऐसे रंग भरो ( Aise rang bharo )   दिक्-दिगंत तक कीर्ति-गंध से सुरभित पवन करो ! दमक उठे जननी का आंचल , ऐसे रंग भरो !!   झिलमिल-झिलमिल उड़े गगन में मां का आंचल धानी । लिखो समय के वक्षस्थल पर ऐसी अमिट कहानी ।। ऊर्ध्व भाग में रंग शौर्य का केसरिया लहराये ।…

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  • Jaise tum ho paas kahin
    शेरो-शायरी

    जैसे तुम हो पास कही | Jaise tum ho paas kahin

    ByAdmin August 21, 2022

    जैसे तुम हो पास कही ( Jaise tum ho paas kahin )   ऐसा क्यो महसूस हो रहा, जैसे तुम हो पास कही। तेरे तन की खूशबू लगता’ मुझको जैसे पास अभी। शायद  है  ये  वहम  मेरा  या, मेरा पागलपन है, हुंकार हृदय तुझमे ही डूबा,तुझको ये एहसास नही।   इक कोरा कागज हूँ मैं…

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  • Prakriti par kavita
    कविताएँ

    प्रकृति | Prakriti par Kavita

    ByAdmin August 21, 2022November 14, 2023

    प्रकृति ( Prakriti )   इस प्रकृति की छटा है न्यारी, कहीं बंजर भू कहीं खिलती क्यारी, कल कल बहती नदियां देखो, कहीं आग उगलती अति कारी।   रूप अनोखा इस धरणी का, नीली चादर ओढ़े अम्बर, खलिहानों में लहलाती फसलें, पर्वत का ताज़ पहना हो सर पर।   झरनों के रूप में छलकता यौवन,…

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  • Dastan shayari
    शेरो-शायरी

    ये क्या अजब दास्तां बन गई | Dastan shayari

    ByAdmin August 20, 2022August 20, 2022

    ये क्या अजब दास्तां बन गई ( Ye kya ajab dastan ban gayi )   ये क्या अजब दास्तान बन गई , खव्वाहिशे उसकी मेरे अरमान बन गई I   जिन राहो से गुजर गये वो कभी , वो मेरी मंजिलों की निशान बन गई I   दर्द के आगोश में तमन्नाओ की शाम ,…

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  • Muskurahat Shayari
    शेरो-शायरी

    वो मुझे देखकर मुस्कुराते रहे | Muskurahat Shayari

    ByAdmin August 20, 2022August 20, 2022

    वो मुझे देखकर मुस्कुराते रहे ( Wo mujhe dekh kar muskurate rahe ) वज़न: फाइलुन फाइलुन फाइलुन फाइलुन     इश्क बनके वो दिल में समाते रहे वो मुझे देखकर मुस्कुराते रहे   अक्स बनके वो आंखों में आते रहे रात भर मेरी नींदें उड़ाते रहे   एक पल के लिए उनको भूला नहीं सांस…

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  • Kavita itishree
    कविताएँ

    इतिश्री | Kavita itishree

    ByAdmin August 20, 2022

    इतिश्री ( Itishree )   धीरे धीरे खत्म हो रहा, प्यार का मीठा झरना। उष्ण हो रही मरूभूमि सा दिल का मेरा कोना।   प्रीत के पतवारो ने छोडा,प्रेम मिलन का रोना। अब ना दिल में हलचल करता,मिलना और बिछडना।   पत्थर सी आँखे बन बैठी, प्रीत ने खाया धोखा। याद तो आती है उसकी…

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  • Antardwand kavita
    कविताएँ

    अन्तर्द्वन्द्व | Antardwand Kavita

    ByAdmin August 20, 2022March 27, 2023

    अन्तर्द्वन्द्व ( Antardwand )   मन जब अन्तर्द्वन्द से घिर जाये, तब हार न जायें जीवन में। हार न जायें जीवन में। कोयल सी वाणी जब कौए की भाँति कानों को चुभ जाये, हृदय की विदीर्णता पर जब कोई लेप न लगाये। टूटती आस जब बचाने को कोई हाथ पंख ना बन पाये, सफलता की…

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