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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Shayari on ghum
    शेरो-शायरी

    नहीं ग़म में कभी शामिल रहा है | Shayari on ghum

    ByAdmin August 20, 2022

    नहीं ग़म में कभी शामिल रहा है  ( Nahin gam mein kabhi shamil raha hai )     नहीं ग़म में कभी शामिल रहा है ? ख़ुशी का वो मेरी क़ातिल रहा है   कभी भी पेश उल्फ़त से न आया हमेशा यूं बड़ा जाहिल रहा है   ख़ुशी का हो भला अहसास कैसे ग़मों…

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  • Mera swabhiman hai yah
    कविताएँ

    मेरा स्वाभिमान है यह | Mera swabhiman | Kavita

    ByAdmin August 19, 2022August 20, 2022

    मेरा स्वाभिमान है यह ( Mera swabhiman hai yah )   मैं गिरकर उठने का हुनर अब जान गई हूं किंलिष्ट प्रकृति का आवरण पहचान गई हूं तीन लोको की करती हुई आज अगुवाई जीवन -मृत्यु का मैं ही निरन्तर सेतु बनी   जिंदगी बढ़ाती हूँ मुकाम के अन्वेष पर संभालें रखती हूँ सृष्टि के…

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  • Krishna bhakti gaan
    कविताएँ

    कृष्ण भक्तिगान | Krishna Bhakti Gaan

    ByAdmin August 19, 2022August 19, 2022

    कृष्ण भक्तिगान ( Krishna bhakti gaan )   कृष्ण तुलसी माला लेके कान्हा मैं तेरा इंतज़ार करती प्रभातवेला की घंटी बजने पे कान्हा मेरा मन उछलता रहा   वृन्दावन की एक एक धूली तेरी गाथाएं सुनाती रही यमुना नदी की छोटी लहरें भी तेरी लीलाएं बखान करती रही   तेरी निकटता पाने को तरसती निकुंजों…

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  • Krishna kanhaiya geet
    कविताएँ

    कृष्ण कन्हैया | Krishna kanhaiya geet

    ByAdmin August 19, 2022

    कृष्ण कन्हैया ( Krishna kanhaiya )   आ जाना, आ जाना, आ जाना घनश्याम, आज तुम आ जाना। माता यशोदा लाड लडाये, ग्वाल बाल सब माखन लाये। नटखट कान्हा मटकी फोड़, माखन मिश्री खा जाना‌ आ जाना आ जाना   सजा धजा वृंदावन सारा, गोकुल मथुरा जमुना किनारा। द्वारका का नाथ हमारा, सारी दुनिया का…

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  • Janmashtami ke geet
    कविताएँ

    श्याम की बांसुरी मुझे पुकारे | Janmashtami ke geet

    ByAdmin August 18, 2022

    श्याम की बांसुरी मुझे पुकारे ( Shyam ki bansuri mujhe pukare )   धूम मची जमुना किनारे, श्याम की बांसुरी मुझे पुकारे। राधा के घनश्याम प्यारे, मीरा के प्रिय मोहन दुलारे। जय गोविंदा जय गोविंदा -2   केशव माधव नटवर नागर, अधरो पे मुरली साजे। रुनक झुनक बाजे पैजनिया, मोहक धुन बंसी बाजे। गोवर्धनधारी की…

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  • Badiya si ghazal
    शेरो-शायरी

    कौन रक्खे प्यार अपने के लिए | Badiya si ghazal

    ByAdmin August 18, 2022

    कौन रक्खे प्यार अपने के लिए  ( Kaun rakhe yaar apne ke liye )     कौन रक्खे प्यार अपने  के लिए ! लड़ रहे है लोग पैसे के लिए   दिल भरा है ख़ूब लालच से यहाँ कौन लड़ता देखो रिश्तें के लिए   और तू तैय्यार मिलनें को नहीं शहर से आया हूँ…

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  • Marathi poetry seminar
    साहित्यिक गतिविधि

    स्वतन्त्रता दिवसपर (अमृत महोत्सव) के रूप में ब्रजभूमि पटलपर मैराथन काव्यगोष्ठी

    ByAdmin August 17, 2022August 17, 2022

    15 अगस्त 2022 दिन सोमवार को 76 वे स्वतन्त्रता दिवस को अमृत महोत्सव के साथ ब्रजभूमि पटल मथुरा के संस्थापक आचार्य श्रीकृष्ण भारद्वाज शास्त्री जी का जन्मदिन भी धूमधाम से मनाया गया । कार्यक्रम की अध्यक्षता आ.नरेन्द्र शर्मा “नरेन्द्र”जी अलीगढ़(उ.प्र.) ने की, मुख्य अतिथि डॉ.राजकुमार”रंजन”जी आगरा(उ.प्र.), तथा अति विशिष्ट अतिथि डॉ.रोशनी किरण जी मुम्बई (महाराष्ट्र),…

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  • Reza reza
    शेरो-शायरी

    रेज़ा रेज़ा | Reza reza

    ByAdmin August 17, 2022

    रेज़ा रेज़ा ( Reza reza )   इकट्ठा करती हूँ बीनती हूँ इक इक टुकड़ा बारीक से बारीक किरचन उठाती हूँ देखती हूँ अपनी लाल हुई ज़ख्मी उंगलियां कभी उस टूटे हुये आईने को . . . . आईने को? या रेज़ां रेज़ां खुद को? लेखिका :- Suneet Sood Grover अमृतसर ( पंजाब ) यह भी…

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  • Poem bhram
    कविताएँ

    भ्रम | Poem bhram

    ByAdmin August 17, 2022

    भ्रम ( Bhram )   जो गति मेरी वो गति तेरी,जीवन भ्रम की छाया है। नश्वर जग ये मिट जाएगा, नश्वर ही यह काया है।   धन दौलत का मोह ना करना, कर्म ही देखा जाएगा, हरि वन्दन कर राम रमो मन,बाकी सब तो माया है।   यौवन पा कर इतराता हैं, बालक मन से…

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  • Poem dharamyudh
    कविताएँ

    धर्मयुद्ध | Poem dharamyudh

    ByAdmin August 17, 2022January 23, 2023

    धर्मयुद्ध ( Dharamyudh )   जीवन के इस धर्मयुद्ध में, तुमको ही कुछ करना होगा। या तो तुमको लडना होगा,या फिर तुमको मरना होगा।   फैला कर अपनी बाँहो को, अवनि अवतल छूना होगा। कृष्ण ज्ञान के अर्जुन बनकर,गीता राह पे चलना होगा।   कर्मरथि बन कर्तव्यों का, तुम्हे निर्वहन करना होगा। या तो अमृत…

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