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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Poem on independence day in Hindi
    कविताएँ

    चलो आज आजादी को हम घर ले आए | Poem on independence day in Hindi

    ByAdmin August 14, 2022August 14, 2022

    चलो आज आजादी को हम घर ले आए ( Chalo aaj azadi ko hum ghar le aaye )   चलो आज आजादी को हम घर ले आयें !! उसको भावों के चन्दन अक्षत से पूजें स्नेहों के पुष्प माल पहनाएँ !! चलो आज आजादी को हम घर ले आयें !! गत सात दशक से आजादी…

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  • Watan shayari
    शेरो-शायरी

    वतन | Watan shayari

    ByAdmin August 14, 2022

    वतन ( Watan )   इश्क,आशिकी,महोब्बत , जुनूं , तुझसा ही वतन, वतन सा ही है तू….   कहाँ वो अमन, कहाँ मिले सुकूं न सरहदों के इधर , न सरहदों से दूर….   आज़ाद हुये मगर गुलाम अभी तलक बात मज़हबों की , इंसानियत से दूर….   खून तो खौलता है, बहता भी है…

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  • ghar ghar tiranga lahraye
    कविताएँ

    घर घर तिरंगा लहराए | Ghar ghar tiranga lahraye | Geet

    ByAdmin August 13, 2022

    घर घर तिरंगा लहराए ( Ghar ghar tiranga lahraye )   घर-घर तिरंगा लहराए, हम गीत वतन के गाए। शौर्य पराक्रम की गाथा, जन मन जोश जगाये। घर-घर तिरंगा लहराए, घर-घर तिरंगा लहराए।   आजादी जश्न मनाएं, जन गण मन गाए प्यारा। वंदे मातरम वंदे मातरम, सबका है एक ही नारा।   क्रांति काल में…

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  • Poem boond bachaye
    कविताएँ

    बूँद बचाये | Poem boond bachaye

    ByAdmin August 13, 2022

    बूँद बचाये ( Boond bachaye )   बूँद बूँद से सागर भरता बूँद बूँद से गागर हम बूँद बचाएंगे तो भर जायेगा चापाकल बर्षा का जल तो अमृत है होता पर सब कोई उसे है खाता बोल रही कब से ये हमारी जमीन है जल नहीं पेयजल की बड़ी कमी है अब सब जन इस…

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  • Dil khafa
    शेरो-शायरी

    मत दिखा दिल ख़फ़ा रोज यूं और तू | Dil khafa

    ByAdmin August 12, 2022

    मत दिखा दिल ख़फ़ा रोज यूं और तू ! ( Mat dikha dil khafa roj yoon aur tu )   मत दिखा दिल ख़फ़ा रोज यूं और तू ! बांध दिल से वफ़ा की मगर डोर तू   प्यार से पेश आता नहीं अपनों से आ गया है कैसा देखले दौर तू   हर घड़ी…

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  • Rootha shayari
    शेरो-शायरी

    ऐसा मुझसे वो रूठा है | Rootha shayari

    ByAdmin August 11, 2022August 12, 2022

    ऐसा मुझसे वो रूठा है ( Aisa mujhse wo rootha hai )     ऐसा मुझसे वो रूठा है टुकड़े टुकड़े वो रिश्ता है   नफ़रत की चोट बहुत खायी दिल उल्फ़त का ही प्यासा है   वो मिलता न मुझे है सच में आंखों में जिसका सपना है   तोड़ी डोर वफ़ा की उसनें…

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  • Pyar mera shayari
    शेरो-शायरी

    प्यार मेरा यार कब साकिन हुआ | Pyar mera shayari

    ByAdmin August 10, 2022August 11, 2022

    प्यार मेरा यार कब साकिन हुआ ( Pyar mera yaar kab sakin hua )     प्यार मेरा यार कब साकिन हुआ अब बड़ा पाना उसे मुमकिन हुआ   प्यार मेरा कब उसी ने समझा है वो जिगर से कब सनम कमसिन हुआ   मुफ़लिसी का कब भला उसनें किया इस जहां में वो बड़ा…

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  • Poem azadi ka amrit utsav
    कविताएँ

    आजादी का अमृत उत्सव | Poem azadi ka amrit utsav

    ByAdmin August 9, 2022August 9, 2022

    आजादी का अमृत उत्सव (  Azadi ka amrit utsav )   आजादी का अमृत उत्सव, घर में चलो मनायेंगे। पापा ला दो एक तिरंगा, गीत वतन के गायेंगे।। वीर शहीदों की कुर्बानी, फिर से याद करेंगे हम भारत माँ की जय जयकार, मिलकर आज कहेंगे हम रंगोली तोरन हारों से, आँगन खूब सजायेंगे। पापा ला…

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  • Shabdachar Chennai Literary Festival
    साहित्यिक गतिविधि

    तीन-दिवसीय ‘शब्दाक्षर चेन्नई साहित्योत्सव’ सफलतापूर्वक सम्पन्न

    ByAdmin August 9, 2022

    -‘शब्दाक्षर’ की पच्चीस प्रादेशिक इकाइयों से आये पदाधिकारियों ने विभिन्न विधाओं में अपनी बेहतरीन प्रस्तुतियों से दर्शकों को झूमने पर किया विवश -राष्ट्रीय अध्यक्ष रवि प्रताप सिंह के बहुप्रतीक्षित ग़ज़ल-संग्रह ‘सन्नाटे भी बोल उठेंगे’ का भव्य लोकार्पण -शब्दाक्षर के मंच से ‘शब्दाक्षर’ पत्रिका के साथ कवि राजीव खरे एवं शब्दाक्षर के छः पदाधिकारियों की कृतियों…

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  • Kavita bandhan
    कविताएँ

    बन्धन | Kavita bandhan

    ByAdmin August 9, 2022

    बन्धन ( Bandhan )   खुद को भुला के कैसे तुम्हे, प्यार हम करे। हम अस्तित्व को अपने भला, कैसे छोड दे। नदियाँ नही समुन्दर हूँ मै, इतना तो जान ले, मुझमे समा जा या सभी, बन्धन को तोड दे। शिव शक्ति का समागम होगा,गंगा जटाओ मे। रूकमणि को ही कृष्ण मिले, राधा बहारो में।…

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