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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Alsai si lalchai si
    कविताएँ

    अलसायी सी ललचाई सी | Alsai si lalchai si | Kavita

    ByAdmin July 4, 2022

    अलसायी सी ललचाई सी  ( Alsai si lalchai si )   अलसायी सी ललचाई सी, दंतों से अधर दबायी सी। सकुचाई सी शरमाई सी, मनभाव कई दर्शायी सी।   घट केशु खोल मनभायी सी,अकुलाई सी बलखाई सी। चुपचाप मगर नयनों से वो, रस रंग भाव भडकायी सी।   थम के चले गजगामिनी सी,सौंदर्य निखर के…

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  • Zulm ki inteha
    छंद

    जुल्म की इंतेहा | Zulm ki inteha | Chhand

    ByAdmin July 4, 2022October 12, 2022

    जुल्म की इंतेहा ( Zulm ki inteha )   मनहरण घनाक्षरी   जुल्मों सितम ढहाए, नयनों में नीर लाए। बेदर्दी लोग जुलमी, दिल को जला गए।   पत्थर दिल वो सारे, जिनके नखरे न्यारे। अपना बनाके हमें, आंसू वो रुला गए।   जुल्म की इंतेहा हुई, कहर मत ढहाओ। इंसान हो इंसान से, दूरियां वो…

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  • वृद्धाश्रम
    छंद

    वृद्धाश्रम | Bridhashram Chhand

    ByAdmin July 4, 2022January 28, 2023

    वृद्धाश्रम ( Bridhashram )   मनहरण घनाक्षरी   पावन सा तीर्थ स्थल, अनुभवों का खजाना। बुजुर्गों का आश्रय है, वृद्धाश्रम आइए।   बुजुर्ग माता-पिता को, सुत दिखाते नयन। वटवृक्ष सी वो छाया, कभी ना सताइए।   हिल मिलकर सभी, करें सबका सम्मान। वृद्धाश्रम में प्रेम के, प्रसून खिलाइए।   जीवन के अनुभव, ज्ञान का सागर…

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  • Jeevan sansay
    कविताएँ

    जीवन संसय | Jeevan sansay

    ByAdmin July 3, 2022

    जीवन संसय ( Jeevan sansay )   जन्म की पीड़ मिटी ना प्यास बुझी, इस नश्वर तन से। अभी भी लिपटा है मन मेरा, मोह में मोक्ष को तज के।   बार बार जन्मा धरती पर, तृष्णा में लिपटी है काया। उतना ही उलझा हैं उसमें, जितना ही चाहे हैं माया।   भय बाधा को…

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  • Itni si kami hai
    शेरो-शायरी

    इतनी सी कमीं है | Itni si kami hai

    ByAdmin July 3, 2022

    इतनी सी कमीं है ( Itni si kami hai )   पत्थर  सा  नही  हूँ  मैं मुझमे भी नमीं हैं। बस दर्द बया कर देता हूँ इतनी सी कमी हैं।   तुमने का समझ लिया मुझको मैं जान न पाया। हैं प्यार भरा दिल मेरा जिसपर मोंम जमीं हैं।   संगेमरमर नही बना पर, खालिस…

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  • Badal par chhand
    कविताएँ

    बादल | Badal par chhand

    ByAdmin July 3, 2022

    बादल ( Badal )   जलहरण घनाक्षरी   काले काले मेघा आओ, बरस झड़ी लगाओ। व्योम में कड़क रही, बिजलियां कड़ कड़।   बारिश की बूंदे प्यारी, सबको सुहाती सारी। बादल गरज रहे, अंबर में गड़ गड़।   नभ बदरिया छाए, रिमझिम पानी आए। मुसलाधार बरसे, झड़ी लगे टप टप।   आषाढ़ उमड़ आया, घूमड़…

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  • नरक का द्वार | Narak ka dwar | Kavita
    कविताएँ

    नरक का द्वार | Narak ka dwar | Kavita

    ByAdmin July 3, 2022

    नरक का द्वार ( Narak ka dwar )   नैन दिखा मां बाप को, खोले नरक के द्वार। अभिशापों की जिंदगी, मत जीओ संसार।   कच्ची कलियां नोंचतें, करते जो पापाचार। नरक द्वार खोलते, पापी वो नरनार।   स्वांग रचा छद्म करे, करते जो लूटमार। दीन दुखी की हाय ले, जाते नरक के द्वार।  …

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  • Pyar wala shayari
    कविताएँ

    प्यार करने की हो गयी भूल है | Pyar wala shayari

    ByAdmin July 2, 2022

    प्यार करने की हो गयी भूल है ( Pyar karne ki ho gayi bhool hai )     प्यार करने की हो गयी भूल है ? अब सताती दिल को रही भूल है   ख़ा गया हूँ दग़ा करते करते वफ़ा करनी सबसे बड़ी आशिक़ी भूल है   तौबा की है ख़ुदा से बहुत आज…

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  • Poem samjhauta zindagi se
    कविताएँ

    समझौता जिंदगी से | Poem Samjhauta Zindagi se

    ByAdmin July 1, 2022March 23, 2023

    समझौता जिंदगी से ( Samjhauta zindagi se ) मात्रा भारत 12-12   डगर डगर पर हमने, तूफानों को देखा। समझोता जीवन में, बदलता किस्मत रेखा।   रिश्तो में मधुरता हो, प्रेम पावनता मिले। पुनीत संस्कार अपने, चेहरे सबके खिले।   औरों की खुशियों में, बरसाओ नेह जरा। जिंदगी रोशन मिले, हर्ष से दामन भरा।  …

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  • Hindi romantic geet
    कविताएँ

    हर पल दिल बस तुझको देखे | Hindi romantic geet

    ByAdmin July 1, 2022

    हर पल दिल बस तुझको देखे (Har pal dil bas tujhko dekhe )   हवाओं में फिजाओं में, धड़कनों सदाओं में। मौसम की बहारों में, सावन की घटाओं में। महकती वादियों में, दिल के जो अरमान रखें। सलोनी सूरत वो प्यारी, ख्वाबों में तुझको देखे। हर पल दिल बस तुझको देखे-2   चाल निराली लगे…

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