Pathshala kavita

पाठशाला | Pathshala kavita

पाठशाला

( Pathshala )

 

जीवन की है पाठशाला भरा पूरा परिवार
सद्भावो की पावन गंगा बहती मधुर बयार

 

शिक्षा का मंदिर पावन गांव की वो पाठशाला
सदा ज्ञान की ज्योत जलाते ले अंदाज निराला

 

पाठशाला में पढ़ाई कर कितने विधायक हो गए
भाग दौड़ भरी दुनिया जाने कही भीड़ में खो गए

 

पाठशाला में पेड़ तले पढ़ना भी सबको भाता था
गुरु जी का डंडे बरसाना हमको खूब डराता था

 

याद बहुत आती है हमको पाठशाला की मोज
खो खो कबड्डी कुश्ती सब मिलकर खेलते रोज

 

पाठशाला आज भी चलती पर गुरु नहीं मिलते
नैनों से प्रेम झलकता था आंखों में अश्रु ढलते।

?

कवि : रमाकांत सोनी सुदर्शन

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

यह भी पढ़ें :-

रामायण संस्कार सिखाती | Ramayan par kavita

Similar Posts

  • एक लड़की, रजनीगंधा सी

    एक लड़की,रजनीगंधा सी मस्त मलंग हाव भाव, तन मन अति सुडौल । अल्हड़ता व्यवहार अंतर, मधुर मृदुल प्रियल बोल। अधुना शैली परिधान संग, चारुता चंचल चंदा सी । एक लड़की, रजनीगंधा सी ।। अंग प्रत्यंग चहक महक , नव यौवन उत्तम उभार । आचार विचार मर्यादामय , अंतःकरण शोभित संस्कार । ज्ञान ध्यान निज सामर्थ्य…

  • 2020 कोरोना महामारी का साल | Corona kavita

     2020 कोरोना महामारी का साल  ( 2020 Corona mahamari ka sal )    यह साल 2020 कोरोना महामारी का साल है ||   1. हाहाकार मची दुनिया में, कैसी ये बीमारी है | चाइना से ये प्रकट हुई, सारी दुनिया पर भारी है | हजारों ग्रसित थे शुरुवात मे, करोडों मे हावी महामारी है |…

  • रक्षा सूत्र | Raksha Sootra

    रक्षा सूत्र ( Raksha sootra )    ये रक्षा सूत्र मेरा भइया, हर बला से तुझे बचाएगा। ये आशीर्वाद हैं देवों का, जो तेरी उम्र बढ़ाएगा क्या अपने भाई के खातिर, में ऐसा कर पाऊंगी, जैसा साथ निभाया उसने, क्या वैसा निभा मैं पाऊंगी, जब जब पड़ी ज़रूरत मुझको, तब तब दौड़ के आया है।…

  • तपन | Tapan

    तपन ( Tapan )    तपन है जैसे तपती रेत मे नंगे पांव की मिली न बसर जिंदगी मे किसी छांव की चलता ही रहा ,फजर से शामेरात तक मिली न सराय कोई ,शहर से गांव तक बच्चों ने कहा ,भविष्य है उनके बच्चों का बेटियों ने कह दिया ,पापा हमे भूल गए अपनों की…

  • नश्वर जीवन | Kavita Nashvar Jeevan

    नश्वर जीवन ( Nashvar Jeevan )   ईश्वर सत्य, सत्य ही सुंदर, सुंदर ही शिव है ! पड़ना नहीं कभी तुम भ्रम में, जीवन नश्वर है !! ये शरीर माटी का पुतला, मत करना, अभियान कभी ! ककृतकर्म जाएगा साथ तुम्हारे , रखना इसका ध्यान सभी !! व्यर्थ की चिंता ना करना, तूँ कर्म किए…

  • काली मिर्च | Kavita Kali Mirch

    काली मिर्च  ( Kali Mirch )    काली है वह रूप से लेकिन है बहुत गुणकारी, प्रकृति की जो देन है पीड़ा हर लेती वो भारी। हर घर में मिल जाती है वो आसानी से हमारी, ज़ायका खाने में बड़ा देती दूर करती बीमारी‌।। दक्षिण भारत में ख़ासकर जिसकी खेती होती, उसके उत्पाद से जनता…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *