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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Ghazal in dinon
    शेरो-शायरी

    दुश्मनी की खूब गोली चली इन दिनों | Ghazal in dinon

    ByAdmin June 11, 2022June 11, 2022

    दुश्मनी की खूब गोली चली इन दिनों! ( Dushmani ki khoob goli chali in dinon )     दुश्मनी की ख़ूब गोली चली इन दिनों! प्यार की डाली टूटी रही इन दिनों   फूल कैसे खिलेंगे यहाँ प्यार के है लगी सी नज़र जो  बुरी इन दिनों   सुख गये धूप से नफरतों की ही…

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  • Ganga Dussehra
    साहित्यिक गतिविधि

    गंगा दशहरा पर देश के दिग्गजों द्वारा ब्रजभूमि पटल पर ज्ञान गंगा की वर्षा

    ByAdmin June 10, 2022

    साहित्यिक मंच मथुरा पर हुए मैराथन कवि सम्मेलन में देश के धुरन्धर कवियों ने गंगा मैया की महिमा का वर्णन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आ.प्रकाश चन्द्र पाराशर जी डीग-(भरतपुर), मुख्य अतिथि आ.बलराम सरस ( एटा), विशिष्ट अतिथि डॉ.राजकुमार”रंजन”जी (आगरा) तथा *कार्यक्रम का संचालन आचार्य श्रीकृष्ण भारद्वाज शास्त्री जी           ( मथुरा) ने…

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  • Footpath par kavita
    कविताएँ

    फुटपाथ | Footpath par kavita

    ByAdmin June 10, 2022

    फुटपाथ ( Footpath )   सड़क के दोनों ओर, होती एक फुटपाथ। पैदल चलना हमे, राह अपनाइए।   नीति नियम से चले, जिंदगी की जंग लड़। फुटपाथ पे जो आए, ढांढस बताइए।   धन दौलत का कभी, मत करना गुमान। महलों से फुटपाथ, दूर ना बताइए।   फुटपाथ की जिंदगी, संघर्ष भरा पहाड़। मेहनत के…

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  • Kar gaya baat woh ajnabi ki tarah
    कविताएँ

    कर गया बात वो अजनबी की तरह | Kar gaya baat woh ajnabi ki tarah | Ghazal

    ByAdmin June 10, 2022

    कर गया बात वो अजनबी की तरह ( Kar gaya baat woh ajnabi ki tarah )   कर गया बात वो अजनबी की तरह बन गया और वो अब सभी की तरह   और वो कर रहा है दग़ा प्यार में अपना माना उसे जिंदगी की तरह   दोस्ती में दरार फ़िर न आती मगर…

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  • Pita chhand
    कविताएँ

    पिता | Pita chhand

    ByAdmin June 9, 2022

    पिता ( Pita ) कृपाण घनाक्षरी   पिता प्रेम का सागर, अनुभवों का खजाना। शिक्षा संस्कार देकर, देते जीवन संवार।   सबका देते साथ वो, हंस हंस बतियाते। दरिया दिल पिता का, करते खूब दुलार।   पिता संबल हमारा, पीपल की ठंडी छांव। झरना वो प्यार भरा, बहती स्नेह बयार।   संघर्षों से भिड़ जाते,…

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  • Bewafa jamane ko
    कविताएँ

    बेवफा जमाने को | Bewafa jamane ko

    ByAdmin June 9, 2022October 28, 2022

    बेवफा जमाने को ( Bewafa jamane ko )   न गुनगुनाया करो, तुम मेरे फसाने को। याद जब मेरी नहीं ,बेबफा जमाने को।।   अपना बस्ता वो खिलौने, वहीं पे बेच दिए घर से निकला था इकरोज़,जब कमाने को।   है अजीब शहर ,यहाँ पर मत आना यहाँ न राह कोई घर को लौट जाने…

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  • Phool aur kaante
    कविताएँ

    फूल और कांटे | Phool aur kaante | Kavita

    ByAdmin June 9, 2022

    फूल और कांटे ( Phool aur kaante )   सदा रहो मुस्काते राही नित पथ में बढ़ते जाना बाधाओं का काम रोकना निरंतर चलते जाना   फूल और कांटे जीवन में सुख दुख आते जाते संघर्षों में पलने वाले सौरभ भरकर मुस्काते   पुष्प की सुंदरता को हम दूर से निहारा करते कांटो से सुरक्षा…

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  • Mere pyare papa
    कविताएँ

    मेरे प्यारे पापा | Mere pyare papa | Geet

    ByAdmin June 9, 2022

    मेरे प्यारे पापा ( Mere pyare papa )   अनुभवो भरा खजाना, वो स्नेह का सिंधु सारा। अपनापन अनमोल बांटते, सदा प्रेम की धारा। सबकी खुशियों में खुश रह, भूल जाते बुढ़ापा। मेरे प्यारे पापा, सबसे अच्छे, वो मेरे प्यारे पापा।   जीवन में मुस्कुराते रहते, खिलते हुए चमन से। हंस-हंसकर हम से बतियाते, बड़े…

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  • Gair hoon ghazal
    शेरो-शायरी

    ग़ैर हूँ ऐसा कुछ बोलकर वो गया | Gair hoon ghazal

    ByAdmin June 8, 2022June 10, 2022

    ग़ैर हूँ ऐसा कुछ बोलकर वो गया ( Gair hoon aisa kuch bol kar wo gaya )     ग़ैर हूँ ऐसा कुछ बोलकर वो गया नफ़रतों का जहर घोलकर वो गया   इक झलक और दीदार उसका करा रब कभी जो खिड़की खोलकर वो गया   प्यार  की गुफ़्तगू की नहीं है उसनें तल्ख़…

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  • Pathshala kavita
    कविताएँ

    पाठशाला | Pathshala kavita

    ByAdmin June 8, 2022

    पाठशाला ( Pathshala )   जीवन की है पाठशाला भरा पूरा परिवार सद्भावो की पावन गंगा बहती मधुर बयार   शिक्षा का मंदिर पावन गांव की वो पाठशाला सदा ज्ञान की ज्योत जलाते ले अंदाज निराला   पाठशाला में पढ़ाई कर कितने विधायक हो गए भाग दौड़ भरी दुनिया जाने कही भीड़ में खो गए…

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