Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • Ghazal guftagoo
    शेरो-शायरी

    यार उससे भला गुफ़्तगू क्या करे | Ghazal guftagoo

    ByAdmin June 7, 2022

    यार उससे भला गुफ़्तगू क्या करे ( Yaar usse bhala guftagoo kya kare )     यार उससे भला गुफ़्तगू क्या करे छोड़ो भी यार अब तू मैं तू क्या करे   वो बनेगा हक़ीक़त में मेरा नहीं प्यार की दिल जिसकी आरजू क्या करे   के  मिलेगी वफ़ा दोस्ती में नहीं अब वफ़ा की…

    Read More यार उससे भला गुफ़्तगू क्या करे | Ghazal guftagooContinue

  • kinaro se puchho
    शेरो-शायरी

    किनारों से पूछो | kinaro se puchho

    ByAdmin June 7, 2022

    किनारों से पूछो ( Kinaro se puchho )   फिजाओं का आलम बहारों से पूछो। दुल्हन की कहानी, कहारों से पूछो।।   कैसे खड़ी है जमाने की सुनकर, मंजिल जहाँ में, सहारों से पूछो।।   तूफाँ में कश्ती हिलोरें से जो लेवे न चलने का गम, किनारों से पूछो।।   ना चाहा था तुमको देखेंगे…

    Read More किनारों से पूछो | kinaro se puchhoContinue

  • 5 June World Environment Day Poem in Hindi
    कविताएँ

    5 जून विश्व पर्यावरण दिवस | World Environment Day Poem In Hindi

    ByAdmin June 6, 2022November 2, 2022

    5 जून विश्व पर्यावरण दिवस ( 5 June World Environment Day Poem In Hindi )     स्कॉटलैंड में उत्पन्न हुआ विश्व में छाया विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून 1972 में आया 50 बर्षों में 100 से अधिक देशों में समाया पृथ्वी के परित जीवन सुन्दर सजग बनाया   पृथ्वी मेरी मातृभूमि है अब पूजन…

    Read More 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस | World Environment Day Poem In HindiContinue

  • Ramayan par kavita
    कविताएँ

    रामायण संस्कार सिखाती | Ramayan par kavita

    ByAdmin June 6, 2022November 6, 2022

    रामायण संस्कार सिखाती ( Ramayan sanskar sikhati )     हमें निज धर्म पर चलना सिखाती रोज रामायण जन मन प्रेम और सद्भाव जगाती रोज रामायण   जप लो राम नाम माला राम में लीन हो जाओ घट में बसा लो राम को अंतर विलीन हो जाओ   मान मर्यादा से पलना पुनीत संस्कार रामायण…

    Read More रामायण संस्कार सिखाती | Ramayan par kavitaContinue

  • Ghazal na khushiyan mili
    शेरो-शायरी

    न खुशियां मिली | Ghazal na khushiyan mili

    ByAdmin June 6, 2022June 6, 2022

    न खुशियां मिली ( Na khushiyan mili )     न खुशियां मिली आस पास में कटे रोज़ दिन अब उदास में   बुझा प्यास रब भेज कोई अब मुहब्बत कि जिस डूबा प्यास में   दिखाते वही दुश्मनी मुझे देखे बैठे पास पास में   न पीने कि वो दे गया क़सम भरा जाम…

    Read More न खुशियां मिली | Ghazal na khushiyan miliContinue

  • Paryavaran sanrakshan par kavita
    कविताएँ

    पर्यावरण | Paryavaran sanrakshan par kavita

    ByAdmin June 5, 2022

    पर्यावरण ( Paryavaran )   विविध जीवों का संरक्षण मान होना चाहिए। स्वस्थ पर्यावरण का संज्ञान होना चाहिए।। अधिक वृक्ष लगा करके धरती का श्रृंगार हो, वृक्षों की उपयोगिता पर ध्यान बार बार हो। वृक्ष, प्राणवायु फल छाया लकड़ियां देते हैं, उसके बदले हम उन्हें सोचो भला क्या देते हैं। दस पुत्र समान द्रुम हैं…

    Read More पर्यावरण | Paryavaran sanrakshan par kavitaContinue

  • Ghazal kamee dil mein tumhari
    शेरो-शायरी

    कमी दिल में तुम्हारी | Ghazal kamee dil mein tumhari

    ByAdmin June 5, 2022June 5, 2022

    कमी दिल में तुम्हारी ( Kamee dil mein tumhari )   कमी दिल में तुम्हारी ही  यहाँ हो सनम मेरे चले आओ जहाँ हो   ख़ुशी के फूल क्या मुझपर बरसेंगे यहाँ  तो रोज़ ग़म की ही ख़िज़ाँ हो   ख़फ़ा होकर वही बैठा बहुत है यहाँ जिसकी यादें दिल में रवाँ हो   तुम्हारे…

    Read More कमी दिल में तुम्हारी | Ghazal kamee dil mein tumhariContinue

  • Ghazal pyar se iqrar
    शेरो-शायरी

    प्यार से इक़रार किया रिश्ता नहीं | Ghazal pyar se iqrar

    ByAdmin June 4, 2022June 4, 2022

    प्यार से इक़रार किया रिश्ता नहीं! ( Pyar se iqrar kiya rishta nahi )     प्यार से इक़रार किया रिश्ता नहीं!  हम सफ़र वो ही बना मेरा नहीं   देखिए किस बात का उसको गरूर प्यार वो इक़रार क्यों करता नहीं   टूटे रिश्तें फ़िर नहीं जुड़ते कभी रूठना यूं ही मगर अच्छा नहीं…

    Read More प्यार से इक़रार किया रिश्ता नहीं | Ghazal pyar se iqrarContinue

  • Jayamala ki rasm kavita
    कविताएँ

    जयमाला की रस्म | Jayamala ki rasm kavita

    ByAdmin June 3, 2022

    जयमाला की रस्म ( Jayamala ki rasm kavita )   सुबह से ही सजने लगा जयमाल का मंच, यह विवाह की रस्म है या धन का प्रपंच। शाम तक सज धज के मंच तैयार हुआ, निर्जीव फूलों से सजीवता का कार्य हुआ।   अब लगने लगा है स्वर्ग का यह सिंहासन, इससे सुंदर नहीं बैठने…

    Read More जयमाला की रस्म | Jayamala ki rasm kavitaContinue

  • इज्जत बहुत गुलाब को
    शेरो-शायरी

    इज्जत बहुत गुलाब को, दी हमको सिर्फ धूल | Ghazal

    ByAdmin June 3, 2022

    इज्जत बहुत गुलाब को, दी हमको सिर्फ धूल ( Izzat bahut gulab ko, di humko sirf dhool )   इज्जत बहुत गुलाब को, दी हमको सिर्फ धूल ! करने को फिर शिकायतें , आये हैं कुछ बबूल !!   रब से अता उस जैसे ‌ ही, काॅंटे हमारे पास ! क्यों वो है दिलफरेब पै,…

    Read More इज्जत बहुत गुलाब को, दी हमको सिर्फ धूल | GhazalContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 597 598 599 600 601 … 837 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search