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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Kavita divya bhumi
    कविताएँ

    दिव्य भूमि | Kavita divya bhumi

    ByAdmin May 21, 2022May 22, 2022

    1.दिव्य भूमि   दिव्य भूमि साकेत जहाँ पर, राम ने जन्म लिया था। कलयुग में वो भाग्य पे अपने, जार जार रोया था।   सृष्टि के साथ ही उदित हुआ,उस नगर का नाम था काशी। नराधमों ने काशी की महिमा को बना दिया दासी।   नाम बदल दी धर्म बदल दी, इतिहास मिटा दी सारी।…

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  • Poem Mujhe Haq Hai
    कविताएँ

    मुझे हक है | Poem Mujhe Haq Hai

    ByAdmin May 20, 2022

     मुझे हक है ( Mujhe Haq Hai )   दिल के सारे राज जानूं कैसी दिल की धड़कन है। मनमंदिर में पूजन कर लूं दीपक ले मेरा मन है।   सुबह शाम जब देखूं दिल में होती धक धक है। तेरा प्रेम मेरी जिंदगी है प्रियतम मेरे मुझे हक है।   डगर डगर पे तेरे…

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  • Kavita sara akash hamara hai
    कविताएँ

    सारा आकाश हमारा है | Kavita sara akash hamara hai

    ByAdmin May 20, 2022

    सारा आकाश हमारा है ( Sara akash hamara hai )     उत्साह उमंगे उर भर लो सुंदर सारा नजारा है साहस भरकर देख लो सारा आकाश हमारा है   बुलंदियों की ओर बढ़ो हौसलों के साथ चलो लक्ष्य साध लो जीवन में तूफानों के संग पलो   संघर्षों से ही मंजिल का मिलता हमें…

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  • Muktak maryada
    कविताएँ

    मर्यादा | Muktak maryada

    ByAdmin May 20, 2022

    मर्यादा ( Maryada )   सत्य शील सद्भावो के जग में फूल खिलाना है प्यार के मोती अनमोल खुशियों का खजाना है मर्यादा पालक रामचंद्र जी महापुरुष कहलाए पावन वो परिपाटी हमें जन्म-जन्म निभाना है   हर्ष खुशी आनंद बरसे प्रेम की बहती हो धारा जहां मर्यादा जिंदा है सुख सागर उमड़े सारा अनीति अनाचार…

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  • बिछा लो प्रेम की चादर | Kavita bichha lo prem ki chadar
    कविताएँ

    बिछा लो प्रेम की चादर | Kavita bichha lo prem ki chadar

    ByAdmin May 19, 2022

    बिछा लो प्रेम की चादर ( Bichha lo prem ki chadar )     बिछा सकते हो तो बिछा लो प्यार की चादर। गोद में पलकर हुए बड़े कर लो उनका आदर। बिछा लो प्रेम की चादर   आंधी तूफानों में भी हम आंचल की छांव में सोए। साहस संबल मांँ ने दिया पुचकारा जब…

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  • Marwadi poem
    कविताएँ

    म्हारो गांव अलबेलो | Marwadi poem

    ByAdmin May 19, 2022

    म्हारो गांव अलबेलो ( Mharo gaon albelo )   ठंडी ठंडी भाळ चालै चालो म्हारा खेत म काकड़िया मतीरा खास्यां बैठ बालू रेत म   पगडंडी उबड़ खाबड़ थोड़ा सा मत हालज्यो गांव री गुवाड़ घूमो म्हारा चोपालां म चालज्यो   अलबेला है लोग अठै सगळो मस्तानो काम मस्ती में सगळा झूमै नाचै खेजड़ली री…

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  • Bhajan Rakhware Ram Dulare
    कविताएँ

    रखवारे राम दुलारे | Bhajan Rakhware Ram Dulare

    ByAdmin May 18, 2022

    रखवारे राम दुलारे ( Rakhware Ram Dulare )     रखवारे रखवारे, हे हनुमत राम दुलारे। अंजनी के लाला आजा, आजा हनुमान प्यारे। रखवारे रखवारे -2   गिरि द्रोण संजीवनी लाए, लक्ष्मण प्राण बचाए। सिंधु पार सीता माता को, ले मुद्रिका दे आए। आग लगा पूंछ को सीधे, जला दिए घर द्वारे। दहक उठी लंका…

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  • Kavita Taj Mahal
    कविताएँ

    ताजमहल | Kavita Taj Mahal

    ByAdmin May 18, 2022

    ताजमहल ( Taj Mahal ) बेगम मुमताज की याद में ताजमहल बनवाया। शाहजहां बादशाह ने दुनिया को प्रेम दिखाया।   आगरा में आकर देखो संगमरमर का महल। कलाकृतियां बेमिसाल प्रसिद्ध हो गया शहर।   प्रेम का प्रतीक हो गया सुंदर सा ताजमहल। पर्यटक स्थल बना जवां दिलों का कौतूहल।   सुंदर से नजारे सारे महकती…

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  • Poem itna bhi mat shor machao
    कविताएँ

    इतना भी मत शोर मचाओ | Poem itna bhi mat shor machao

    ByAdmin May 18, 2022

    इतना भी मत शोर मचाओ ( Itna bhi mat shor machao )   इतना भी मत शोर मचाओ, शहरों में। सच दब कर रह जाये न यूँ, कहरों में।।   ये बातें ईमान धरम की होती हैं, वरना चोरी हो जाती है, पहरों में।।   गर आवाज न सुन पाओगे तुम दिल की, समझो तुम…

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  • Geet chale aao mere gaon mein
    कविताएँ

    चले आओ मेरे गांव में | Geet chale aao mere gaon mein

    ByAdmin May 17, 2022May 17, 2022

    चले आओ मेरे गांव में ( chale aao mere gaon mein )     ठंडी ठंडी मस्त बहारे मदमस्त बहती मेरे गांव में चौपालों पर लोग मिलते बरगद की ठंडी छांव में चले आओ मेरे गांव में   सुख दुख के हाल पूछे मिल दुख दर्द सब बांटते मिलजुल कर खेती करते मिलकर फसल काटते…

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