• खोज | Poem khoj

    खोज ( Khoj )   जिस सूरत को खोजने,दर दर भटके पाँव । किन्तु नहीं पाया उसे,कहीं किसी भी ठाँव ।।   शहर गाँव में हरतरफ, देख लिया सबओर । जाने पहचाने सभी ,पाया ओर न छोर ।।   चहल पहल का हरजगह,था विस्तृत संसार । शायद कोई बता दे , मेरा वांछित द्वार ।।…

  • शब्दों का सफर | अहमियत

    शब्दों का सफर ( Shabdon ka safar )   अहमियत अहमियत उनको दो जो सच खातिर लड़ सके बात कहने का हौसला हो सच्चाई पे अड़ सके सच कहता हूं साथ देकर कभी नहीं पछताओगे जान की परवाह ना करें जो कीर्तिमान गढ़ सके जवाब ईट का जवाब हम पत्थर से देना जानते हैं। मेहमां…

  • ताती ताती लूंवा चालै | मारवाड़ी फटकारो

    ताती ताती लूंवा चालै     धोळै दोपारां लाय बरसै आंधड़लो छा ज्यावै है ताती ताती लूंवा चालै आग उगळती आवै है   बळै जेठ महीनो तातो सड़का तपरी होकै लाल पंछीड़ा तिसायां मररया डांडा होरया है बेहाल   मिनख घूमै छांया ढूंढतो पड़रयो तावड़ो बेशूमार आवै पसीनो खूब ठाडो चक्कर खावै कितणी बार  …

  • निभाए साथ जो | Ghazal nibhaye saath jo

    निभाए साथ जो  ( Nibhaye saath jo )     निभाए साथ जो वो हम सफ़र ऐसा कहाँ मिलता वफ़ाओ का मगर ऐसा यारों  रस्ता कहाँ मिलता   निभाए जो  हमेशा दोस्ती मुझसे  वफ़ा बनकर मुझे कोई यहाँ ऐसा  मगर  चेहरा कहाँ मिलता   तन्हाई दूर हों जाये  यहाँ  तो जीस्त की मेरी कहीं भी…

  • मन का विश्वास | Kavita man ka vishwas

    मन का विश्वास (  Man ka vishwas )   बवाल बड़ा होता बोले तो हंगामा खडा हो जाता सहता रहा दर्द ए दिल को कब वक्त बदल जाता   वो मुश्किलें आंधियां रोकना चाहे मेरे होसलो को अल मस्त रहा मै सदा खुद को बुलंदियों पे पाता   अड़चनो को रास ना आया राहों पे…

  • भगवान के डाकिए | Bhagwan ke dakiye chhand

    भगवान के डाकिए ( Bhagwan ke dakiye )   फूलों की मस्त बहार, बहती हुई बयार। पेड़ पौधे नदी नाले, ईश्वर के डाकिए।   पशु पक्षी जीव जंतु, काले काले मेघ घने। हंसी वादियां पर्वत, ईश्वर के डाकिए।   चेहरे की चमक भी, होठों की मुस्काने सारी। दिलों की धड़कनें भी, ईश्वर के डाकिए।  …

  • दान और दक्षिणा | Chhand daan aur dakshina

    दान और दक्षिणा ( Daan aur dakshina )   मनहरण घनाक्षरी     दान दीजिए पात्र को, दक्षिणा विप्र जो होय। रक्तदान महादान, जीवन बचाइए।   पात्र सुपात्र को देख, दान जरूर कीजिए। अन्नदान सर्वोत्तम, भोजन खिलाइए।   अनुष्ठान करे कोई, जप तप पूजा-पाठ। ब्राह्मण भोजन करा, दक्षिणा दिलाइए।   तुलादान छायादान, कर सको कन्यादान।…

  • प्यासा मन | Geet pyasa man

    प्यासा मन ( Pyasa man )   उमड़ घुमड़ बदरिया बरसे बरसाओ प्रेम जरा सा सावन की झड़ी लग रही मन मेरा फिर भी प्यासा मन मेरा फिर भी प्यासा   महकी मन की बगिया फूलों की मुस्कानों सी देखता हूं जब भी तुझको झूमती दीवानों सी इक आहट से दिल धड़कता प्रेम गीत भरा…

  • छांव की तलाश | Chhand chhav ki talaash

    छांव की तलाश ( Chhav ki talaash )   चिलचिलाती धूप में, पंछी पानी को तरसे। गर्मी से व्याकुल फिरे, छांव की तलाश में।   सूख गये नदी नाले, छाया सब ढूंढ रहे। गर्म तवे सी धरती, तप रही आग में।   झुलस रहे हैं सारे, जलती हुई धूप में। ठंडी छांव मिले कहीं, चल…

  • महात्मा बुध | Chhand Mahatma Buddha

    महात्मा बुध ( Mahatma Buddha )   राजा शुद्धोधन सुत, सिद्धार्थ जिनका नाम। सत्य ज्ञान की खोज में, चल पड़े निष्काम।   पुत्र पत्नी त्याग के, तज दिया राजपाट। योग साधना सीख ली, पहुंचे गंगा घाट।   बोध गया बोधिवृक्ष, मिल गया सच्चा बोध। गौतम बुध हो गए, सिद्धार्थ कर शोध।   वीणा के बजते…