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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Rahoon main khuda ki panah mein
    शेरो-शायरी

    रहूँ मैं खुदा की पनाह में | Rahoon main khuda ki panah mein

    ByAdmin May 8, 2022

    रहूँ मैं खुदा की पनाह में ( Rahoon main khuda ki panah mein )     रहूँ मैं ख़ुदा की पनाह में   न आऊँ अदू की  निग़ाह में      ख़ुदा ख़ूब मुझसे ख़फ़ा होगा   न कर जीस्त अपनी गुनाह में     सनम सोफ़ तुझसे दिया सदा   मेहर और क्या दू निकाह…

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  • Poem shabdon ka safar
    कविताएँ

    शब्दों का सफर | Poem shabdon ka safar

    ByAdmin May 8, 2022

    शब्दों का सफर ( Shabdon ka safar )   शिकस्त शिकस्त कर देंगे मंसूबे हम अपने प्यार से। कह देंगे राज सारे आज अपने दिलदार से। दुश्मनों से कह दो आंखें खोलकर देखें जरा। तूफानों में पलने वाले डरते नहीं तलवार से।   चौबारा घर का आंगन दीवारें वो चौबारा भी गाता है बिटिया आंगन…

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  • Ghazal jazbaat
    शेरो-शायरी

    पल पल में जज़्बात बदलते हैं | Ghazal jazbaat

    ByAdmin May 7, 2022

    पल पल में जज़्बात बदलते हैं ( Pal pal mein jazbaat badalte hain )     पल पल में जज़्बात बदलते हैं लोग यहां अब साथ बदलते हैं   लहज़ों में तब्दीली लाकर क्यों तू से तुम,तुम से आप बदलते हैं   चुगली करके वो पीछे मेरी मेरे आगे बात बदलते हैं   अब मेरे…

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  • Poem keh do ye
    कविताएँ

    कह दो ये | Poem keh do ye

    ByAdmin May 7, 2022May 7, 2022

    कह दो ये ( Keh do ye )   दूर के ढोल ,सुहाने अच्छे लगते है। दिल आये तो,बेगाने अच्छे लगते है॥   हंसते हंसते जो फांसी पर झूल गया हमको वो,दीवाने अच्छे लगते है॥   शम्मा को भी पता है,वो जल जाएगा उसको पर,परवाने अच्छे लगते है॥   अपनों से धोखे इतने खाये है…

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  • Aazam Poetry
    शेरो-शायरी

    गैरों से हाथ वो अब मिलाने लगा | Aazam Poetry

    ByAdmin May 7, 2022

    गैरों से हाथ वो अब मिलाने लगा ( Gairon se hath wo ab milane laga )     गैरों से हाथ वो अब मिलाने लगा इस तरह करके वो अब सताने लगा   वो नयी बात करता नहीं है कोई रोज  मुद्दा  पुराना  उठाने लगा   साथ वो छोड़कर दोस्तो का मगर साथ वो अब…

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  • Poem palke apni khol prabhu
    कविताएँ

    पलके अपनी खोल प्रभु | Poem palke apni khol prabhu

    ByAdmin May 6, 2022

    पलके अपनी खोल प्रभु ( Palke apni khol prabhu )     तुमने भेजा है धरती पे क्या होता मेरे साथ प्रभु पलके अपनी खोल जरा देखो हे मेरे नाथ प्रभु   कोई आंख दिखाता कोई मुझको धमकाता है मेहनत खून पसीने की कोई कमाई खा जाता है   मेरी हर तकलीफों का बढ़ गया…

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  • Nafrat shayari
    शेरो-शायरी

    नफ़रतों का खूब मौसम आज तो | Nafrat shayari

    ByAdmin May 6, 2022

    नफ़रतों का खूब मौसम आज तो ( Nafraton ka khoob mausam aaj to )     नफ़रतों का ख़ूब मौसम आज तो प्यार की सूखी वो शबनम आज तो   माफ़ तेरे रब करेगा हर गुनाह देख पढ़ले ख़ूब वो अम आज तो   दूर जब से जीस्त से खुशियां हुई जोर दिल पर कर…

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  • Poem shiksha
    कविताएँ

    शिक्षा | Poem shiksha

    ByAdmin May 6, 2022

    शिक्षा ( Shiksha )   जगत में शिक्षा है आधार। शिक्षा बिना धुंध सा जीवन शिक्षा मुक्ती द्वार।। जगत में० ।। अनपढ़ मूढ़ निरक्षर क्या -क्या शव्द बुलाते जाते, इन लोगों से भेड़ बकरियां पशु चरवाये जाते, पढ़ें -लिखे मुट्ठी भर लोग तब करते अत्याचार।। जगतमें० ।। शिक्षा बिना न मिले नौकरी दर-दर ठोकर खाये,…

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  • Poem hey ishwar kya teri maya
    कविताएँ

    हे ईश्वर क्या तेरी माया | Poem hey ishwar kya teri maya

    ByAdmin May 6, 2022

    हे ईश्वर क्या तेरी माया ( Hey ishwar kya teri maya )   हे ईश्वर क्या तेरी माया कहीं धूप कहीं पर छाया लीला अपरंपार प्रभु तेरा खेल समझ ना आया कहीं आंधी कहीं वर्षा खुशियों भरा मधुमास हरसा बाद कहीं सूखा मिलता बिन पानी के प्यासा तरसा झरनों से जल बरसाया पहाड़ों पर चमन…

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  • Poem jab tak bhala kiya
    कविताएँ

    जब तक भला किया | Poem jab tak bhala kiya

    ByAdmin May 5, 2022

    जब तक भला किया ( Jab tak bhala kiya )   जब तक भला किया,वो सहारा बना रहा। आँखों में हर किसी के,सितारा बना रहा।।   चाहा कि अपने वास्ते,दो पल जियूँ कभी अपनों का उस घड़ी से, किनारा बना रहा।।   रिश्तों को टूटने से बचाने के वास्ते, आकर विजय के पास, हारा बना…

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