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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Geet chukar mere man ko
    कविताएँ

    छूकर मेरे मन को | Geet chukar mere man ko

    ByAdmin March 27, 2022December 11, 2022

    छूकर मेरे मन को ( Chukar mere man ko )   छूकर मेरे मन को हलचल मचा दी रे। आया सुहाना मंजर  प्रीत जगा  दी रे।   भावों का भंवर उमड़ा गीत तेरे प्यार के। मीठे मीठे शब्द सुरीले प्रेम के इजहार के।   खुशियों के खजाने खुले दिल के बजे तार। संगीत साज सजे…

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  • Rajasthani geet
    कविताएँ

    पधारो प्यारा राजस्थान | Rajasthani geet

    ByAdmin March 27, 2022

    पधारो प्यारा राजस्थान ( Padharo pyara rajasthan )   थानै पलकां प बिठाल्यां, थानै हिवड़ा म बसाल्यां। थारी घणी करां मनुवार, पधारो म्हारा राजस्थान। पधारो प्यारा राजस्थान, रंगीलो म्हारो राजस्थान।   रणवीरां री धाक घणीं, तलवारा रो गुमान घणो। राणा प्रताप री यशगाथा, माटी रो गौरवगाण घणो। मोतीड़ा मीठी बोल्यां रा, हेत बरसै हिवड़ै माही।…

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  • Hunkar ki kavitayen
    कविताएँ

    हुंकार की कवितायेँ | Hunkar ki Kavitayen

    ByAdmin March 26, 2022December 21, 2024

    हुंकार की कवितायेँ 23. रिश्ते बहुत मजबूत रिश्ते थे, कि कुछ कमजोर लोगो से। निभाते तो भला कैसे, कि कुछ मजबूर लोगो से। कशक थी दिल मे जो मेरे ,बताते तो भला कैसे। बडे बेबस थे हम जुड के, कुछ मशहूर लोगो से। बडे ही सख्त लहजे मे, हमे इल्जाम दे कर के। मोहब्बत को…

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  • Aaj wo inquilab
    कविताएँ

    आज वो इंकलाब लिख दूँगा | Ghazal

    ByAdmin March 26, 2022

    आज वो इंकलाब लिख दूँगा! ( Aaj wo inquilab likh dunga )     आज वो इंकलाब लिख दूँगा! हर अदू का हिसाब लिख दूँगा   हो  महक हर पन्ने उसी की ही ख़ून से वो  क़िताब लिख दूँगा   साथ जो पल उसके  बिताए है हर किस्सा लाज़वाब लिख दूँगा   शक्ल से जो…

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  • Kavita mehngai
    कविताएँ

    महंगाई | Kavita mehngai

    ByAdmin March 25, 2022

    महंगाई ( Mehngai )   महंगाई ने पांव पसारे कमर तोड़ दी जनता की सुरसा सी विस्तार कर रही बढ़ रही दानवता सी   आटा दाल आसमान छूते भुगत रहे तंगहाली को निर्धन का रखवाला राम जो सह रहे बदहाली को   दो जून की रोटी को भागदौड़ भारी-भरकम होती स्वप्न सलोने सारे धराशाई मजबूरियां…

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  • न दिल के छेड़ तू | Romantic love ghazal
    शेरो-शायरी

    न दिल के छेड़ तू | Romantic love ghazal

    ByAdmin March 25, 2022

    न दिल के छेड़ तू ( Na dil ke chhed tu )     न दिल के छेड़ तू नग्मात प्यारे ! समझ दिल के मगर ज़ज्बात प्यारे   यहाँ तो बारिशें बरसी नफ़रत की हुई कब प्यार की बरसात प्यारे   नहीं आना यहाँ तू गांव में ही नहीं अच्छे यहाँ हालात प्यारे  …

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  • Geet man ke nayan hajaar
    कविताएँ

    मन के नयन हजार | Geet man ke nayan hajaar

    ByAdmin March 24, 2022

    मन के नयन हजार ( Man ke nayan hajaar )   चंचल मन ले रहा हिलोरे, उमड़े भाव विचार। मन की अखियां खोलिए, मन के नयन हजार। मन के नयन हजार,मन के नयन हजार।   निर्मल मन में बह रही, भाव भरी रसधार। चंचल चितवन उठ रही, उमंगों की भरमार। प्रेम भरे मोती लिए, मन…

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  • Poem sheetla mata
    कविताएँ

    शीतला माता | Poem sheetla mata

    ByAdmin March 24, 2022

    शीतला माता ( Sheetla Mata )   शीतलता दात्री शीतला, शीतल करे हरे सब पीरा। जा पर कृपा करें माँ भवानी सहाय करे रघुवीरा।   गर्दभ हो विराजित माता, कलश मर्जनी कर सोहे। ठंडा बासी आपको भाता, श्वेतांबर माता मन मोहे।   चेचक रोग नाशिनी मैया, पीत ज्वर हर संताप हरे। आरोग्य  सुखदाता  माता,  हर्ष …

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  • Nazron ka dhokha
    कविताएँ

    नजरों का धोखा | Doha nazron ka dhokha

    ByAdmin March 23, 2022

    नजरों का धोखा ( Nazron ka dhokha )   नजरें  धोखा  खा  गई, कैसी  चली  बयार। अपनापन भी खो गया, गायब सब संस्कार।   नजरों का धोखा हुआ, चकाचौंध सब देख। भूल गए प्रीत पुरानी, खोया ज्ञान विवेक।   नजरों का धोखा हमें, पग पग मिला अपार। धूल  झोंके  नयनों  में, वादों  की  भरमार।  …

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  • Poem chakra sudarshan dhari
    कविताएँ

    चक्र सुदर्शन धारी | Poem chakra sudarshan dhari

    ByAdmin March 23, 2022

    चक्र सुदर्शन धारी ( Chakra sudarshan dhari )   चक्र सुदर्शन धारी केशव लीला अपरंपार तेरी मंझधार में डूबी नैया आकर करना पार मेरी   मुरली मोहन माधव तेरी मधुर मनोहर शान है सकल चराचर के रखवाले जन करे गुणगान है   संकट मोचन मोहिनी मूरत मुरली अधर सुहानी कृष्ण कन्हैया दीनदयाला भजन करते सुरज्ञानी…

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